विश्व मजदूर दिवस: बालश्रम से मुक्त होंगे गोरखपुर के 20 'हॉटस्पॉट'
गोरखपुर उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि 12 जून का मनाए जाने वाले बालश्रम निषेध दिवस से पूर्व 25 मई तक जिले के चिह्नित 20 बालश्रम बाहुल्य क्षेत्रों को बाल श्रमिकों से मुक्त कराना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बाल श्रमिकों से जिले के 20 हॉटस्पॉट (बाल श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र) मुक्त कराए जाएंगे। मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए उनकी शिक्षा की व्यवस्था कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। साथ ही उनके परिजनों को भी श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
नया सवेरा योजना के अंतर्गत जिले को बाल श्रमिकों से मुक्त कराने का प्रयास श्रम विभाग की ओर से निरंतर किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहर के 28 वार्डों में एक निजी संस्था से सर्वे कराया गया है। इस सर्वे के आधार पर 12 जून को मनाए जाने वाले बाल श्रम निषेध दिवस से पूर्व जिले के चिह्नित 20 बाल श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र (हॉटस्पॉट) को 25 मई तक बाल श्रमिक मुक्त बनाने की तैयारी श्रम विभाग कर रहा है। हॉटस्पॉट से बाल श्रमिकों के मुक्त होने की घोषणा शहर में पार्षद और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधान करेंगे।
बालश्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के शैक्षणिक पुनर्वास सुनिश्चित कराते हुए उनके परिवार के लोगों को सामाजिक सुरक्षा, ग्राम्य विकास व पंचायतीराज की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के परिजनों का पंजीकरण ई-श्रम में कराते हुए उन्हें ई-श्रम की योजनाओं का भी लाभ दिलाया जाएगा।
ये हैं शहर और ग्रामीण के हॉटस्पॉट
जटेपुर रेलवे कॉलोनी, घोसीपुरवा, शाहपुर, शक्तिनगर, जनप्रिय विहार, अलहदादपुर, मुफ्तीपुर, शेषपुर, डुमरी खास, गौनर, बघाड़, बिलारी, सरैया, चौरी, भरतपुर, छबैला, राजधानी, सिलहटा, जंगल रसूलपुर, अराजी जगदीशपुर।
गोरखपुर उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि 12 जून का मनाए जाने वाले बालश्रम निषेध दिवस से पूर्व 25 मई तक जिले के चिह्नित 20 बालश्रम बाहुल्य क्षेत्रों को बाल श्रमिकों से मुक्त कराना है। इसके लिए स्थानीय पार्षदों और ग्राम प्रधानों से मिलकर कार्य किया जा रहा है।