बारिश का असर: गोरखनाथ-कामाख्या एक्सप्रेस निरस्त, टिकट वापस न होने पर यात्रियों का हंगामा
यात्री सुदामा सिंह ने बताया कि दो बजे से ही एनाउंस किया जा रहा था कि अमरनाथ एक्सप्रेस अभी गोरखपुर से बनकर चलेगी। अचानक चार बजे के आसपास ट्रेन को निरस्त कर दिया गया है। निरस्त करने के बाद जब काउंटर पर टिकट वापसी के लिए गए तो वहां से वापस कर दिया गया। यह रेलवे प्रशासन की लापरवाही है।
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उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल में भारी बारिश और जलभराव के कारण सोमवार को गोरखपुर से चलने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया। साथ ही कामाख्या एक्सप्रेस को गोरखपुर जंक्शन पर ही रोक दिया गया। जनरल बोगी में यात्रियों ने जब टिकट वापस करना चाहा तो तीन घंटे से ज्यादा समय बीतने का हवाला देकर मना कर दिया गया।
इसके बाद यात्रियों ने टिकट काउंटर के सामने ही हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों ने अलग से काउंटर खुलवाकर टिकट वापसी के निर्देश दिए। इसके बाद यात्री शांत हुए। रात तक टिकटों की वापसी की गई।
अमरनाथ एक्सप्रेस (12587) सोमवार को गोरखपुर स्टेशन से ही बनकर चलती है। इसका समय दो बजे के आसपास है। इस ट्रेन के लिए सैकड़ों यात्रियों ने अपना रिजर्वेशन भी करा रखा था। इसके अलावा जनरल बोगी में यात्रा करने के लिए भी सैकड़ों यात्रियों ने ले टिकट ले रखा था। इस बीच दो बजे सूचना प्रसारित की गई कुछ देर में अमरनाथ एक्सप्रेस चलाई जाएगी। जब ट्रेन तय समय पर नहीं आई तो यात्री पूछताछ काउंटर पर चले गए। लेकिन, यात्रियों को सही जानकारी नहीं दी गई।
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इस बीच करीब चार बजे अचानक सूचना प्रसारित होने लगी कि बारिश के चलते अमरनाथ एक्सप्रेस को निरस्त किया जाता है। इसके बाद जनरल टिकट लेने वाले यात्री टिकट वापसी के लिए काउंटर पर गए। वहां रेलकर्मियों ने बताया कि तीन घंटे बीत जाने की वजह से टिकट वापसी नहीं हो सकती। ऐसा रेलवे का नियम है। इस पर यात्री उग्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
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हंगामे की सूचना के बीच रेलवे जीआरपी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए और टिकट वापस कराने का भरोसा देकर शांत कराया। अभी यह चल ही रहा था कि अचानक चार बजकर 15 मिनट पर आने वाली कामाख्या-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस को गोरखपुर में ही शार्ट टर्मिनेट करने की घोषणा कर दी गई। इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्री भी जनरल टिकट वापसी को लेकर हंगामा करने लगे। दोनों ट्रेनों में दो-दो जनरल कोच लगते हैं।
स्टेशन प्रबंधक के कमरे को घेरा
इन दोनों ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्री देर रात तक टिकट वापसी कराने के लिए परेशान रहे। रेल मित्र सहित पूछताछ काउंटर पर काफी देर तक यात्री जूझते रहे। इसके बाद भी उन्हें कोई भी सही जवाब नहीं मिल पा रहा था। इस पर यात्री स्टेशन प्रबंधक के कमरे को घेर लिया। सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और लोगों से बात करते हुए मामले को शांत कराया।
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आम्रपाली को ऐशबाग में दी गई रोक
स्टेशन डायरेक्टर जेपी सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए अगल से काउंटर बनवाया गया। जो ट्रेनें निरस्त हुई हैं उनमें यात्रा करने वाले यात्रियों के जनरल टिकट वापस कराया गया।
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अचानक निरस्त कर दी गई ट्रेन
दो बजे से ही एनाउंस किया जा रहा था कि अमरनाथ एक्सप्रेस अभी गोरखपुर से बनकर चलेगी। अचानक चार बजे के आसपास ट्रेन को निरस्त कर दिया गया है। निरस्त करने के बाद जब काउंटर पर टिकट वापसी के लिए गए तो वहां से वापस कर दिया गया। यह रेलवे प्रशासन की लापरवाही है। -सुदामा सिंह, यात्री
रेलवे को जब ट्रेन निरस्त करनी थी तो समय से यात्रियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। यात्रियों को पहले रोका गया फिर निरस्त करने की जानकारी दी गई। उस पर टिकट भी वापस नहीं लिया जा रहा था। हंगामा किया गया तब जाकर टिकट वापसी के लिए रेलवे अधिकारी माने।-जितेन पटेल, यात्री