फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   road construction componcetion

जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड मामला: कैसे तय हुआ मुआवजा, नौ किसानों ने दाखिल किया आर्बिट्रेशन

Tue, 11 Jul 2023 10:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 11 Jul 2023 10:18 AM IST
सार

रविवार को इटहिया के स्वामी दयानंद इंटर कॉलेज में किसानों ने पंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। एक ओर किसान पंचायत कर रहे थे तो दूसरी ओर एनएचएआई, एसएलओ और राजस्व कर्मचारी अधिग्रहित जमीन का सर्वे करने पहुंच गए। इसकी जानकारी होने पर किसान जुट गए और विरोध जताया।

विज्ञापन
road construction componcetion
जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का मामला - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड से प्रभावित किसानों ने मुआवजा तय करने के मानक की कॉपी देने की गुहार लगाई है। सोमवार को जहां कुछ किसानों ने एसएलओ के कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र जमा कराया। दस्तावेज मिलने पर किसान आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) के लिए वाद दाखिल करेंगे। वहीं, बालापार के नौ किसानों ने आर्बिट्रेशन दाखिल किया।

विज्ञापन


रिंगरोड निर्माण के लिए कोनी से जंगल कौड़िया तक कुल 26 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। किसान एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ओर से निर्माण कार्य शुरू कराने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा अधिग्रहित जमीन पर बने मकानों के एवज में कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मुआवजे की रकम पाने के लिए किसी किसान ने सहमति पत्र नहीं जमा कराया है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: किशोरी का अपहरण करके ले गया दिल्ली, दुष्कर्म के बाद छोड़कर फरार, धर्म परिवर्तन का भी बनाया दबाव

विज्ञापन
विज्ञापन

रविवार को इटहिया के स्वामी दयानंद इंटर कॉलेज में किसानों ने पंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। एक ओर किसान पंचायत कर रहे थे तो दूसरी ओर एनएचएआई, एसएलओ और राजस्व कर्मचारी अधिग्रहित जमीन का सर्वे करने पहुंच गए। इसकी जानकारी होने पर किसान जुट गए और विरोध जताया।

तहसीलदार सदर विकास कुमार सिंह ने सभी किसानों को आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) में जाने की सलाह दी। इसके बाद किसानों ने मुआवजा तय करने के संबंध में शासन देश और मुआवजा तय करने के संबंध में अवार्ड का मूल पपत्र मांगा। कॉपी मिलने पर सभी किसान आर्बिट्रेशन दाखिल कर सकेंगे।

इसे भी पढ़ें: PM और CM को फोन पर जान से मारने की धमकी देने वाला युवक गिरफ्तार, एटीएस ने की पूछताछ

सोमवार को इटहिया, बेलवारायपुर, सोनराईच, सरैया, रसूलपुर, मौलाखोर, बालापार और बनकटी खुर्द के 50 से अधिक किसानों ने एसएलओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र जमा कराया। अन्य लोग मंगलवार को एसएलओ कार्यालय जाएंगे। आवेदन के तीन दिन के बाद किसानों को मुआवजा तय करने से संबंधित दस्तावेजों की मूल कापी मिल जाएगी। इसके बाद किसान आर्बिट्रेशन दाखिल कर पाएंगे। उधर पहले से अवार्ड पा चुके बालापार के रामानुज, अनिरुद्ध प्रसाद, शारदा प्रसाद, प्रणय पांडेय, वेद व्यास और अरविंद सिंह ने आर्बिट्रेशन दाखिल कराया।

अवार्ड की प्रति में शासनादेश का जिक्र होता है कि सरकार किस दर पर किसानों को मुआवजा दे रही है, उसका आधार क्या है। सरैया के प्रधान सुमित सहानी, गुलाब जैसवाल, त्र्यंबक उपाध्याय, अरविंद सिंह, रामबचन सिंह,अवधेश, चन्द्रशेखर, पन्नेलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि सभी किसान आर्बिट्रेशन में जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान अधिग्रहित भूमि पर एनएचएआई की ओर से कोई काम नहीं कराने की गुहार तहसीलदार से लगाई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed