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स्वास्थ्य पखवाड़ा: ओआरएस और जिंक की गोली से दें बच्चों को जीवनदान, अधिकारियों ने की लोगों से खास अपील
Tue, 10 Aug 2021 03:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 10 Aug 2021 03:46 PM IST
सार
निशुल्क ओआरएस और जिंक के लिए आशा कार्यकर्ता से करें संपर्क, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दस्त नियंत्रण पखवाड़े में की अपील।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
बच्चे को अगर दस्त की समस्या है तो उसका बेहतर उपचार ओआरएस का घोल और जिंक की गोली है। यह दोनों दवाएं आशा कार्यकर्ता, एएनएम और निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर निः शुल्क उपलब्ध हैं। आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर यह दवाएं प्राप्त की जा सकती हैं। ऐसे में अगर बच्चे को दस्तक की दिक्कत है तो ओरआरएस व जिंक से असरदार इलाज करें। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय का। उन्होंने जिले में दो अगस्त से 15 अगस्त तक मनाए जा रहे दस्त नियंत्रण पखवाड़े के दौरान जनपदवासियों से अपील की है कि बच्चों में दस्त की समस्या को हल्के में न लें।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ओआरएस के पैकेट का एक लीटर पानी में घोल बनाना चाहिए। बच्चे को दस्त शुरू होते ही प्रत्येक दस्त के बाद यह घोल पिलाना है। इसके अलावा जिंक की गोली एक चम्मच पीने के पानी या मां के दूध के साथ 14 दिनों तक देनी है। यह भी ध्यान रखना है कि दस्त के दौरान मां का दूध और ऊपरी आहार (पूरक आहार) बंद नहीं करना है। बच्चों का खाना पकाने, खिलाने एवं मल साफ करने के बाद हाथों को सुमन-के विधि से साबुन पानी से अवश्य धुलना है । बच्चों के मल की तुरंत सफाई करनी है।
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25 फीसदी मौतें भारत में
सीएमओ डॉ. पांडेय ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्ष 2017 की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में पांच साल से कम उम्र के 5.25 लाख बच्चे हर साल डायरिया से मर जाते हैं। यह बच्चों में मृत्यु का दूसरा प्रमुख बड़ा कारण है। संगठन की वर्ष 2015 की ही एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक दस्त के कारण दुनिया भर में पांच साल तक के बच्चों की कुल होने वाली मौतों में 25 फीसदी भारत में ही होती हैं। अगर लोग जागरूक हो जाएं तो इन मौतों को रोका जा सकता है। यही वजह है कि सरकार दस्त नियंत्रण की औषधियां निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। पखवाड़े का उद्देश्य लोगों को बच्चों में दस्त की समस्या के प्रति जागरूकता लाना है।
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ऐसे दें ओआरएस का घोल
- दो माह से कम आयु के बच्चे को पांच चम्मच ओरआरएस घोल प्रत्येक दस्त के बाद।
- दो माह से दो वर्ष तक के बच्चे को एक चौथाई से आधा कप ओरआरएस घोल प्रत्येक दस्त के बाद।
- दो से पांच वर्ष तक के बच्चे को आधा कप से एक कप ओआरएस घोल प्रत्येक दस्त के बाद।
उपयोगी है जिंक
- जिंक की गोली दस्त की अवधि और तीव्रता दोनों को कम करती है।
- यह गोली तीन महीने तक दस्त से सुरक्षित रखती है।
- यह लंबे समय तक शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
- दो से छह माह तक के बच्चों को जिंक की आधी गोली पानी या मां के दूध के घोल में दें।
- छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को जिंक की एक गोली देनी है।