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बेटियों ने पेश की इंसानियत की नजीर, दान में दी गरीबों के लिए दवा
Thu, 20 Feb 2020 03:24 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 20 Feb 2020 03:24 PM IST
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अमर उजाला फाउंडेशन दवा बैंक
- फोटो : अमर उजाला
सरस्वती बालिका विद्यालय सूरजकुंड के विद्यार्थियों ने गुरूवार को सबसे बड़ा दान किया। वे घर में बेकार पड़ीं और इस्तेमाल योग्य दवाइयां लेकर स्कूल आए, प्रधानाचार्य डॉ. सरोज तिवारी और उपप्रधानाचार्य रश्मि श्रीवास्तव की मौजूदगी में इसे अमर उजाला फाउंडेशन दवा बैंक को दिया। अब स्वास्थ्य शिविर के जरिए दवाइयां जरूरतमंदों को निशुल्क मुहैया कराई जाएंगी। अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से लगातार निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है।
किसी भी बीमारी के बाद लोग दवाइयां लेते हैं। जैसे ही ठीक होते हैं, वैसे ही दवाइयों का सेवन बंद कर देते हैं। ऐसी दवाइयां घर में पड़ी रहती हैं। एक्सपायरी डेट निकलते ही दवा बेकार हो जाती है। इसको देखते हुए ही अमर उजाला फाउंडेशन ने दवा बैंक बनाया। साथ ही अपील की कि जिन दवाइयों की एक्सपायरी डेट न निकली हो, उसे दान करें।
इसका संज्ञान लेकर ही सरस्वती बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य वहां के विद्यार्थियों ने घर में पड़ी दवाइयों को दान करने की अनूठी पहल की। प्रधानाचार्य डॉ. सरोज तिवारी ने कहा कि जन और समाजसेवा की इस बड़ी मुहिम से शहर के हर नागरिक को जुड़ना चाहिए। यह पहला मौका है, जब गोरखपुर में निशुल्क दवा बैंक चलाने की मुहिम शुरू हुई है। इस मौके पर कालिंदी श्रीवास्तव, संध्या श्रीवास्तव, भरती यादव, हनुमान आचार्य, नम्रता पांडेय आदि शिक्षिका का योगदान सराहनीय रहा।
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किसी भी बीमारी के बाद लोग दवाइयां लेते हैं। जैसे ही ठीक होते हैं, वैसे ही दवाइयों का सेवन बंद कर देते हैं। ऐसी दवाइयां घर में पड़ी रहती हैं। एक्सपायरी डेट निकलते ही दवा बेकार हो जाती है। इसको देखते हुए ही अमर उजाला फाउंडेशन ने दवा बैंक बनाया। साथ ही अपील की कि जिन दवाइयों की एक्सपायरी डेट न निकली हो, उसे दान करें।
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इसका संज्ञान लेकर ही सरस्वती बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य वहां के विद्यार्थियों ने घर में पड़ी दवाइयों को दान करने की अनूठी पहल की। प्रधानाचार्य डॉ. सरोज तिवारी ने कहा कि जन और समाजसेवा की इस बड़ी मुहिम से शहर के हर नागरिक को जुड़ना चाहिए। यह पहला मौका है, जब गोरखपुर में निशुल्क दवा बैंक चलाने की मुहिम शुरू हुई है। इस मौके पर कालिंदी श्रीवास्तव, संध्या श्रीवास्तव, भरती यादव, हनुमान आचार्य, नम्रता पांडेय आदि शिक्षिका का योगदान सराहनीय रहा।
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