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जातीय विवाद व मारपीट के बाद भी नहीं पहुंची थी पुलिस, थाने पर प्रदर्शन के बाद एसएसपी ने की ये कार्रवाई
Thu, 19 Nov 2020 12:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 19 Nov 2020 12:59 PM IST
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ग्रमीणों को समझाते लाइनहाजिर थानेदार।
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गीडा इलाके के भड़सार गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट के मामले में कार्रवाई ना करने के आरोप में गीडा थानेदार देवेंद्र सिंह को लाइनहाजिर कर दिया गया। साथ ही हलका दरोगा सुशील कुमार को निलंबित कर दिया गया। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने पूरे मामले की जांच एसपी नार्थ को सौंपी थी। एसपी नार्थ ने थाने और गांव जाकर जांच भी की।
एसपी नार्थ की रिपोर्ट के आधार पर ही एसएसपी ने कार्रवाई की है। एसएसपी के वाचक सुनील कुमार राय को गीडा का नया थानेदार बनाया गया है। इस मामले में छेड़खानी के आरोप भी लगे थे। पुलिस का दावा है कि प्रधानी चुनाव को लेकर चल रही रंजिश में हुई इस घटना में छेड़खानी के आरोप गलत पाए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को भड़सार गांव में मारपीट की घटना हुई थी। नाराज लोगों ने मंगलवार को थाने पर प्रदर्शन कर पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि वहां पर छेड़खानी भी की गई थी। शनिवार को हुई इस घटना में मंगलवार तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद बुधवार को मामला आला अफसरों के संज्ञान में आया तो हड़कंप मच गया।
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एसपी नार्थ की रिपोर्ट के आधार पर ही एसएसपी ने कार्रवाई की है। एसएसपी के वाचक सुनील कुमार राय को गीडा का नया थानेदार बनाया गया है। इस मामले में छेड़खानी के आरोप भी लगे थे। पुलिस का दावा है कि प्रधानी चुनाव को लेकर चल रही रंजिश में हुई इस घटना में छेड़खानी के आरोप गलत पाए गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, शनिवार को भड़सार गांव में मारपीट की घटना हुई थी। नाराज लोगों ने मंगलवार को थाने पर प्रदर्शन कर पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि वहां पर छेड़खानी भी की गई थी। शनिवार को हुई इस घटना में मंगलवार तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद बुधवार को मामला आला अफसरों के संज्ञान में आया तो हड़कंप मच गया।
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जातीय विवाद, फिर भी मौके पर नहीं गए थानेदार देवेंद्र सिंह
एसएसपी के निर्देश पर एसपी नार्थ अरविंद कुमार पांडेय और सीओ कैंपियरगंज ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। दिनभर की जांच के बाद पाया गया कि पुलिस ने पूरे मामले में सिर्फ लीपापोती की थी। गांव वालों ने जो पिस्टल पकड़ कर दी थी उस पर सिर्फ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया। पूरी घटना को सही तरीके से दर्शाया ही नहीं गया। मामले की जांच पूरी होने के बाद एसएसपी ने लापरवाही के जिम्मेदार थानाध्यक्ष व हलका दरोगा के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई कर दी है। एसएसपी का कहना है कि गंभीर मामलों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलने और 17 नवंबर को थाने पर प्रदर्शन होने के बावजूद थानेदार देवेंद्र सिंह मौके पर नहीं गए। इसे घोर लापरवाही माना गया। मामला जातीय विवाद से जुड़ा था। इससे विवाद बढ़ सकता था। जातीय संघर्ष का रूप ले सकता था। दो पक्षों में विवाद हुआ और मामला थाने तक पहुंचा। छेड़खानी जैसा संवेदनशील आरोप लगा, लेकिन सुसंगत धाराओं में मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। इससे पीड़ित पक्ष आक्रोशित हुआ और पुलिस को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ा है। यह कर्तव्यों के प्रति बरती गई घोर लापरवाही है और उदासीनता है।
घटना की जानकारी मिलने और 17 नवंबर को थाने पर प्रदर्शन होने के बावजूद थानेदार देवेंद्र सिंह मौके पर नहीं गए। इसे घोर लापरवाही माना गया। मामला जातीय विवाद से जुड़ा था। इससे विवाद बढ़ सकता था। जातीय संघर्ष का रूप ले सकता था। दो पक्षों में विवाद हुआ और मामला थाने तक पहुंचा। छेड़खानी जैसा संवेदनशील आरोप लगा, लेकिन सुसंगत धाराओं में मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। इससे पीड़ित पक्ष आक्रोशित हुआ और पुलिस को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ा है। यह कर्तव्यों के प्रति बरती गई घोर लापरवाही है और उदासीनता है।
हलका दरोगा पर यह है आरोप
मारपीट की घटना के बाद में सुशील कुमार ने घटनास्थल पर जाकर पीड़ितों का मेडिकल नहीं कराया। बरामद पिस्टल के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में तहसील और थाने पर प्रदर्शन होने पर तथ्यों के इतर आर्म्स एक्ट में 17 नवंबर को केस दर्ज किया गया।
मारपीट, एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज
मारपीट के मामले में पुलिस ने बुधवार को अज्ञात पर एससी-एसटी एक्ट, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। इससे पहले मामले में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था।
बता दें कि इस मामले को लेकर गुरुवार को ग्रामीण व सहजनवां के ब्राह्मण सेना के लोग एसएसपी से मिलने पहुंचे। एससीएसटी एक्ट हटाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। ऐसे में एसएसपी की गैरमौजूदगी में लाइनहाजिर थानेदार ने लोगों को समझाने की कोशिश की। नारेबाजी कर रहे लोगों में करनी सेना व उसी गांव के आनंद मिश्रा, योगेश पांडेय, सम्राट प्रताप सिंह शामिल रहे।
मारपीट, एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज
मारपीट के मामले में पुलिस ने बुधवार को अज्ञात पर एससी-एसटी एक्ट, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। इससे पहले मामले में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था।
बता दें कि इस मामले को लेकर गुरुवार को ग्रामीण व सहजनवां के ब्राह्मण सेना के लोग एसएसपी से मिलने पहुंचे। एससीएसटी एक्ट हटाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। ऐसे में एसएसपी की गैरमौजूदगी में लाइनहाजिर थानेदार ने लोगों को समझाने की कोशिश की। नारेबाजी कर रहे लोगों में करनी सेना व उसी गांव के आनंद मिश्रा, योगेश पांडेय, सम्राट प्रताप सिंह शामिल रहे।