{"_id":"60c5845eb4969454794835d1","slug":"gida-board-approved-land-use-rule-of-master-plan-2032","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गीडा: आबादी के 50 मीटर के दायरे के बाहर भी पास करा सकेंगे मानचित्र, 'मास्टर प्लान' के इस नियम को मिली स्वीकृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गीडा: आबादी के 50 मीटर के दायरे के बाहर भी पास करा सकेंगे मानचित्र, 'मास्टर प्लान' के इस नियम को मिली स्वीकृति
Sun, 13 Jun 2021 09:36 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 13 Jun 2021 09:36 AM IST
सार
महायोजना-2032 के भू-उपयोग के नियम को गीडा बोर्ड ने दी स्वीकृति, शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोग अब महायोजना-2032 के भू-उपयोग (लैंड यूज) के अनुसार आबादी के 50 मीटर के दायरे के बाहर भी मानचित्र पास करा सकेंगे। शुक्रवार को गीडा बोर्ड की वर्चुअल बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई है। बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।
गीडा बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अरविंद कुमार ने की। बैठक में मानचित्र पास करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। माना जा रहा है कि शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।
दरअसल, अभी तक गीडा ने जिन गांवों को नोटिफाई किया गया है, वहां बिना अनुमति के निर्माण नहीं कराया जा सकता है। जमीन की खरीद-बिक्री भी नहीं हो सकती है। गीडा क्षेत्र में आने वाले गांवों में आबादी के 50 मीटर के दायरे में ही निर्माण कराया जा सकता है। महायोजना-2032 में पूरे क्षेत्र में भू-उपयोग तय किया जा चुका है।
विज्ञापन
बैठक में सहमति बनी कि 50 मीटर के दायरे के बाहर भी आवासीय एवं वाणिज्यिक भवनों के निर्माण के लिए मानचित्र पास किया जा सकता है। हालांकि औद्योगिक श्रेणी के भू-उपयोग वाले भूखंडों पर यह नियम नहीं लागू होगा। अब तक 50 मीटर के दायरे के बाहर मानचित्र स्वीकृत न होने से लोग अवैध रूप से निर्माण कराते थे।
विज्ञापन
गीडा बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अरविंद कुमार ने की। बैठक में मानचित्र पास करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। माना जा रहा है कि शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।
विज्ञापन
दरअसल, अभी तक गीडा ने जिन गांवों को नोटिफाई किया गया है, वहां बिना अनुमति के निर्माण नहीं कराया जा सकता है। जमीन की खरीद-बिक्री भी नहीं हो सकती है। गीडा क्षेत्र में आने वाले गांवों में आबादी के 50 मीटर के दायरे में ही निर्माण कराया जा सकता है। महायोजना-2032 में पूरे क्षेत्र में भू-उपयोग तय किया जा चुका है।
विज्ञापन
बैठक में सहमति बनी कि 50 मीटर के दायरे के बाहर भी आवासीय एवं वाणिज्यिक भवनों के निर्माण के लिए मानचित्र पास किया जा सकता है। हालांकि औद्योगिक श्रेणी के भू-उपयोग वाले भूखंडों पर यह नियम नहीं लागू होगा। अब तक 50 मीटर के दायरे के बाहर मानचित्र स्वीकृत न होने से लोग अवैध रूप से निर्माण कराते थे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार, कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, सीईओ गीडा पवन अग्रवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आशीष कुमार, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, एसीईओ रत्नेश सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक एससी मिश्रा, प्रबंधक संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।
फ्लैटेड फैक्ट्री को भी मंजूरी, सेक्टर 13 में होगा निर्माण
गीडा बोर्ड बैठक में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल रेडीमेड गारमेंट के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण पर सहमति बनी। बैठक में बताया गया कि रेडीमेड गारमेंट को बढ़ावा देने के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। बोर्ड ने इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की अनुमति दे दी है। बैठक में तय हुआ कि जो भी परियोजनाएं गतिमान हैं, उन्हें प्रमुखता से पूरा किया जाएगा। भीटी रावत स्थित सेक्टर-26 में जल्द ही भूखंडों का आवंटन करने की जानकारी भी बोर्ड को दी गई।
सीईटीपी के निर्माण में आएगी तेजी
गीडा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के शोधन के लिए प्रस्तावित कामन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि इस पर आने वाले खर्च का 50 फीसदी हिस्सा नमामि गंगे योजना के तहत खर्च होगा। 25 फीसदी धनराशि राज्य सरकार देगी और इतनी ही धनराशि गीडा खर्च करेगा। इसमें तेजी लाने पर सहमति बनी।
फ्लैटेड फैक्ट्री को भी मंजूरी, सेक्टर 13 में होगा निर्माण
गीडा बोर्ड बैठक में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल रेडीमेड गारमेंट के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण पर सहमति बनी। बैठक में बताया गया कि रेडीमेड गारमेंट को बढ़ावा देने के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। बोर्ड ने इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की अनुमति दे दी है। बैठक में तय हुआ कि जो भी परियोजनाएं गतिमान हैं, उन्हें प्रमुखता से पूरा किया जाएगा। भीटी रावत स्थित सेक्टर-26 में जल्द ही भूखंडों का आवंटन करने की जानकारी भी बोर्ड को दी गई।
सीईटीपी के निर्माण में आएगी तेजी
गीडा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के शोधन के लिए प्रस्तावित कामन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि इस पर आने वाले खर्च का 50 फीसदी हिस्सा नमामि गंगे योजना के तहत खर्च होगा। 25 फीसदी धनराशि राज्य सरकार देगी और इतनी ही धनराशि गीडा खर्च करेगा। इसमें तेजी लाने पर सहमति बनी।
गीडा का 739 करोड़ का बजट पास
गीडा बोर्ड की बैठक में 739 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट पास किया गया। इसमें से 500 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे। यानी औद्योगिक गलियारे के साथ अन्य इकाइयों के लिए जमीन की उपलब्धता में अब तेजी आ सकेगी। शेष 239 करोड़ रुपये आधारभूत संरचना एवं मरम्मत कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि गीडा गीडा बोर्ड की बैठक में 739 करोड़ का प्रस्तावित बजट पास किया गया। गीडा क्षेत्र के गांवों में आबादी के 50 मीटर दायरे के बाहर भी मानचित्र स्वीकृत करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। फ्लैटेड फैक्ट्री के बारे में भी निर्णय लिया गया।
सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि गीडा गीडा बोर्ड की बैठक में 739 करोड़ का प्रस्तावित बजट पास किया गया। गीडा क्षेत्र के गांवों में आबादी के 50 मीटर दायरे के बाहर भी मानचित्र स्वीकृत करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। फ्लैटेड फैक्ट्री के बारे में भी निर्णय लिया गया।