फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   GDA will set up STP in Raptinagar

गोरखपुर: राप्तीनगर में एसटीपी लगाएगा जीडीए, 26 करोड़ रुपये होंगे खर्च

Tue, 19 Apr 2022 02:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 19 Apr 2022 02:36 PM IST
सार

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि शहर के राप्तीनगर क्षेत्र में एसटीपी लगाया जाएगा। यह प्लांट इस क्षेत्र के मोहल्लों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी का शोधन करेगा। इसपर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
 

विज्ञापन
GDA will set up STP in Raptinagar
एसटीपी। (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राप्तीनगर क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों से निकलने वाले नालियों के गंदे पानी के शोधन के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने जा रहा है। यह प्लांट मानबेला में लगाया जाएगा। कुछ मोहल्लों के घरों से निकलने वाले घरों के गंदे पानी की सफाई के लिए यह शहर का पहला एसटीपी होगा। इसे लगाने में करीब 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

विज्ञापन


शहर के भीतर अभी रामगढ़ताल में गिरने वाले गंदे पानी के शोधन के लिए जल निगम ने दो एसटीपी लगा रखे हैं। जीडीए के मुताबिक मानबेला में प्रस्तावित इस एसटीपी की कार्ययोजना अगले पांच साल में बसने वाली आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इससे करीब 20 हजार घरों से निकलने वाले गंदे पानी को शोधित किया जा सकेगा।
विज्ञापन


मानबेला क्षेत्र में जीडीए की 316 एकड़ जमीन है। इसमें से मानबेला गांव में 186.60 एकड़, पोखरभिंडा में 14.62 एकड़, हामिदपुर में 17.11 एकड़, मिर्जापुर में 12.68 एकड़, फत्तेपुर में 73.94 एकड़, सलेमपुर में 11.14 एकड़ जमीन जीडीए ने अधिग्रहीत की है। इस पूरे क्षेत्रफल के 25 प्रतिशत पर आबादी बसी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस क्षेत्र में जीडीए की राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पत्रकारपुरम एवं पत्रकारपुरम विस्तार आवासीय योजना विकसित की गई है। राप्तीनगर में आवास बनने लगे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में 1120 लोगों को कब्जा दिया जा चुका है। भविष्य में यहां और भी ग्रुप हाउसिंग एवं भूखंड वाली योजनाएं शुरू की जाएंगी।

 

तैयार किया जा रहा आरएफपी
सहायक अभियंता जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि मोविंग बेस्ड बायोलाजिकल रिएक्टर (एमबीबीआर) तकनीकी से कम क्षेत्रफल में स्थापित होने वाले इस एसटीपी से इन घरों से निकलने वाले गंदे पानी को शोधित किया जा सकेगा। इसके लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) तैयार किया जा रहा है। जो कंपनी इसे लगाएगी, उसे 10 साल तक अनुरक्षण भी करना होगा।

इस पूरे क्षेत्र की सीवर लाइन को इससे जोड़ा जाएगा। इसमें तृतीयक शोधन होगा। यानी सीवेज से नाइट्रेट व फास्फेट भी पूरी तरह से निकल जाएगा। अगले तीन साल में यह प्लांट संचालित होने लगेगा। शोधन के बाद निकलने वाले पानी से सिंचाई की जाएगी और इसमें ऐसी तकनीक होगी, जिससे ठोस अपशिष्ट से खाद भी बन सके।

लेक व्यू अपार्टमेंट में प्लांट
इससे पहले जीडीए ने तारामंडल स्थित लेक व्यू अपार्टमेंट में 120 केएलडी का प्लांट लगाया है। इस पूरे क्षेत्र से बरसात का पानी निकालने के लिए चिलुआताल तक नाला बनाया जाएगा।

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि शहर के राप्तीनगर क्षेत्र में एसटीपी लगाया जाएगा। यह प्लांट इस क्षेत्र के मोहल्लों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी का शोधन करेगा। इसपर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed