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Gorakhpur News: प्रभावितों को राहत देने के लिए जीडीए ने की पहल, सहमति पत्र पर मिलेगी मदद
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- आवास खाली कराने के लिए जीडीए ने तैयार की योजना,
- पहले चरण में निर्बल आय वर्ग, दूसरे चरण में अन्य पर होगा विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के प्रभावितों, काश्तकारों को राहत देने के लिए जीडीए ने पहल की है। इसके तहत जमीन की कीमत देने पर मकान को ध्वस्त न करने समेत तीन तरह के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। पहले चरण में निर्बल आय वर्ग के लिए सहमति, अनुरोध पत्र तैयार किया गया है। इसके तहत आवेदन पर जीडीए की ओर से एलआईली और ईडब्ल्यूएस के आवास अथवा भूखंड कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में निर्बल आय वर्ग को राहत दी जाएगी। दूसरे चरण में अन्य प्रभावितों के संबंध में विचार किया जाएगा।
योजना से प्रभावित लोग अपनी खाली पड़ी जमीनों का उचित मुआवजा और पहले से बने मकानों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इसको देखते हुए जीडीए अधिकारी भी उचित विकल्प तलाश कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को जीडीए की ओर से एक सहमति पत्र बनवाया गया है। इसमें आवेदन करने वाले लोगों को जीडीए की ओर से एलआईजी, ईडब्ल्यूएस, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई हैं। साथ ही कम कीमत के भूखंड भी दिए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना कि जो लोग अपने आवास को खाली करने के लिए सहमति पत्र भरकर प्रस्तुत करेंगे, उनके बारे में विचार किया जाएगा। इसके तहत निर्बल आय योजना के तहत प्रभावित लोगों से आवेदन लिए जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने पर दूसरे चरण में अन्य लोगों से सहमति पत्र भरवाए जाएंगे।
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- जीडीए की ओर से दिए गए तीन विकल्प
जीडीए की ओर से तीन विकल्प दिए गए हैं। किसी निर्माण से खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना का ले-आउट प्रभावित नहीं होता है, तो काश्तकार के मकान को ध्वस्त नहीं किया जाएगा, लेकिन काश्तकार को इसके लिए जमीन की कीमत देनी होगी। इसमें कोई रियायत नहीं दी जाएगी। दूसरे विकल्प के तौर पर काश्तकार अपने लिए प्लाट खरीद सकेंगे। इसमें जीडीए की ओर से कीमत में रियायत के साथ वरीयता दी जाएगी। तीसरा विकल्प एमआईजी और मिनी एमआईजी फ्लैट खरीदने का दिया गया है। जीडीए तय कीमत से कम दर पर लोगों को फ्लैट देना सुनिश्चित करेगा। दुर्बल आय वर्ग तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में भी पात्रों को वरीयता मिलेगी।
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इन बिंदुओं पर देंगे सहमति
जीडीए के उपाध्यक्ष को संबोधित अनुरोध पत्र काश्तकारों, प्रभावितों को देना होगा। इसमें उनका नाम, पता, जमीन तथा निर्माण का क्षेत्रफल, आराजी संख्या की जानकारी देनी होगी। पत्र में निर्माण सहित निवास स्थल छोड़ने की सहमति देने पर ही कम कीमत पर प्लाट और फ्लैट उपलब्ध कराने का आग्रह करना होगा।
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काश्तकारों को अधिक से अधिक सहूलियत देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए जीडीए की ओर से एक अनुरोध पत्र तैयार कराया गया है। इसमें अपना निवास मय निर्माण स्थल छोड़ने की सहमति देने वाले व्यक्तियों के अनुरोध पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा।
उदय प्रताप सिंह, सचिव जीडीए
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जेई राम इकबाल सहित चार कर्मचारी रिटायर
गोरखपुर। जीडीए के कई कर्मचारी शुक्रवार को रिटायर हो गए। कार्यक्रम का आयोजन करके कर्मचारियों को विदाई दी गई। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने रिटायर कर्मचारियों के योगदान सराहना करते हुए उनके सुखमय भविष्य की कामना की। जीडीए के जेई राम इकबाल सिंह, सहायक लेखाकार योगेंद्र तिवारी, लिपिक अनिल कुमार और इलेक्ट्रिशियन सैयद ने सेवा काल पूरा किया है। संवाद
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मुक्त जमीन पर आवासों के आवंटन का हुआ प्रसारण
गोरखपुर। प्रयागराज में शूटआउट में मारे गए माफिया अतीक के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास आवंटन के कार्यक्रम का प्रसारण जीडीए में हुआ। सीएम योगी के संबोधन को देखने के लिए सांसद रवि किशन, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे भी अवैध कब्जे से खाली कराई गई सरकारी जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाएं। जीडी उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि यहां पर भी खाली कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनवाए जाएंगे। संवाद
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- पहले चरण में निर्बल आय वर्ग, दूसरे चरण में अन्य पर होगा विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के प्रभावितों, काश्तकारों को राहत देने के लिए जीडीए ने पहल की है। इसके तहत जमीन की कीमत देने पर मकान को ध्वस्त न करने समेत तीन तरह के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। पहले चरण में निर्बल आय वर्ग के लिए सहमति, अनुरोध पत्र तैयार किया गया है। इसके तहत आवेदन पर जीडीए की ओर से एलआईली और ईडब्ल्यूएस के आवास अथवा भूखंड कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में निर्बल आय वर्ग को राहत दी जाएगी। दूसरे चरण में अन्य प्रभावितों के संबंध में विचार किया जाएगा।
योजना से प्रभावित लोग अपनी खाली पड़ी जमीनों का उचित मुआवजा और पहले से बने मकानों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इसको देखते हुए जीडीए अधिकारी भी उचित विकल्प तलाश कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को जीडीए की ओर से एक सहमति पत्र बनवाया गया है। इसमें आवेदन करने वाले लोगों को जीडीए की ओर से एलआईजी, ईडब्ल्यूएस, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई हैं। साथ ही कम कीमत के भूखंड भी दिए जाएंगे।
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अधिकारियों का कहना कि जो लोग अपने आवास को खाली करने के लिए सहमति पत्र भरकर प्रस्तुत करेंगे, उनके बारे में विचार किया जाएगा। इसके तहत निर्बल आय योजना के तहत प्रभावित लोगों से आवेदन लिए जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने पर दूसरे चरण में अन्य लोगों से सहमति पत्र भरवाए जाएंगे।
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- जीडीए की ओर से दिए गए तीन विकल्प
जीडीए की ओर से तीन विकल्प दिए गए हैं। किसी निर्माण से खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना का ले-आउट प्रभावित नहीं होता है, तो काश्तकार के मकान को ध्वस्त नहीं किया जाएगा, लेकिन काश्तकार को इसके लिए जमीन की कीमत देनी होगी। इसमें कोई रियायत नहीं दी जाएगी। दूसरे विकल्प के तौर पर काश्तकार अपने लिए प्लाट खरीद सकेंगे। इसमें जीडीए की ओर से कीमत में रियायत के साथ वरीयता दी जाएगी। तीसरा विकल्प एमआईजी और मिनी एमआईजी फ्लैट खरीदने का दिया गया है। जीडीए तय कीमत से कम दर पर लोगों को फ्लैट देना सुनिश्चित करेगा। दुर्बल आय वर्ग तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में भी पात्रों को वरीयता मिलेगी।
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इन बिंदुओं पर देंगे सहमति
जीडीए के उपाध्यक्ष को संबोधित अनुरोध पत्र काश्तकारों, प्रभावितों को देना होगा। इसमें उनका नाम, पता, जमीन तथा निर्माण का क्षेत्रफल, आराजी संख्या की जानकारी देनी होगी। पत्र में निर्माण सहित निवास स्थल छोड़ने की सहमति देने पर ही कम कीमत पर प्लाट और फ्लैट उपलब्ध कराने का आग्रह करना होगा।
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काश्तकारों को अधिक से अधिक सहूलियत देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए जीडीए की ओर से एक अनुरोध पत्र तैयार कराया गया है। इसमें अपना निवास मय निर्माण स्थल छोड़ने की सहमति देने वाले व्यक्तियों के अनुरोध पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा।
उदय प्रताप सिंह, सचिव जीडीए
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जेई राम इकबाल सहित चार कर्मचारी रिटायर
गोरखपुर। जीडीए के कई कर्मचारी शुक्रवार को रिटायर हो गए। कार्यक्रम का आयोजन करके कर्मचारियों को विदाई दी गई। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने रिटायर कर्मचारियों के योगदान सराहना करते हुए उनके सुखमय भविष्य की कामना की। जीडीए के जेई राम इकबाल सिंह, सहायक लेखाकार योगेंद्र तिवारी, लिपिक अनिल कुमार और इलेक्ट्रिशियन सैयद ने सेवा काल पूरा किया है। संवाद
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मुक्त जमीन पर आवासों के आवंटन का हुआ प्रसारण
गोरखपुर। प्रयागराज में शूटआउट में मारे गए माफिया अतीक के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास आवंटन के कार्यक्रम का प्रसारण जीडीए में हुआ। सीएम योगी के संबोधन को देखने के लिए सांसद रवि किशन, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे भी अवैध कब्जे से खाली कराई गई सरकारी जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाएं। जीडी उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि यहां पर भी खाली कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनवाए जाएंगे। संवाद