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गोरखपुर: जीडीए ने लेक व्यू अपार्टमेंट में स्थापित की सीटीपी, इंजीनियरों ने पानी पीकर साबित की शुद्धता
Mon, 14 Mar 2022 11:09 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 14 Mar 2022 11:09 AM IST
सार
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर बनाने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को कहा गया है। ड्रेनेज को लेकर भी प्लानिंग की जा रही है। पानी को ट्रीट कर चिलुआताल में गिराने की योजना है। जल्द ही योजना पर काम शुरू होगा।
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लेक व्यू अपार्टमेंट में लगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट।
- फोटो : twitter- @premranjanias
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विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की कॉलोनियों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने के क्रम में लेक व्यू अपार्टमेंट में सीटीपी की स्थापना की गई है। ट्रायल में इंजीनियरों ने पानी पीकर शुद्धता को साबित की।
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अब प्राधिकरण राप्तीनगर विस्तार में 10 एमएलडी का एसटीपी लगाने जा रहा है। जिसके बाद पानी को ट्रीट कर चिलुआताल में गिराया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी है कि कॉलोनियों में एसटीपी हो। जीडीए अब सुनिश्चित कर रहा है कि उसकी कॉलोनियों और अपार्टमेंट में एसटीपी जरूर हो। इसी क्रम में तारामंडल स्थित लेक व्यू अपार्टमेंट में एसटीपी स्थापित किया गया।
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शुक्रवार को इसकी टेस्टिंग के दौरान जीडीए के इंजीनियरों ने ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को पीकर प्लांट की क्वालिटी बेहतर साबित किया। लेक व्यू में 192 फ्लैट हैं। इसमें 120 किलो लीटर का एसटीपी स्थापित किया गया है। अब जीडीए मानबेला में विकसित हो रहे राप्ती नगर विस्तार में 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने जा रहा है।
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राप्तीनगर विस्तार के साथ ही यहां पत्रकार पुरम, पीएम आवास विकसित हो चुका है। यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए प्राधिकरण ने इंजीनियरों को निर्देशित किया है। माना जा रहा है कि मानबेला क्षेत्र में आवासीय योजनाओं के साथ कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान स्थापित होंगे। भविष्य में एसटीपी से गंदे पानी को ट्रीट कर नालों में गिराया जाएगा। एसटीपी में ट्रीट पानी को चिलुआताल में गिराने की योजना है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर बनाने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को कहा गया है। ड्रेनेज को लेकर भी प्लानिंग की जा रही है। पानी को ट्रीट कर चिलुआताल में गिराने की योजना है। जल्द ही योजना पर काम शुरू होगा।