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Gorakhupr News: कनवेंशन सेंटर निर्माण में सुस्ती- GDA ने फर्म को डाला काली सूची में, धनराशि जब्त
Sat, 17 Aug 2024 12:28 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 17 Aug 2024 12:28 PM IST
सार
रामगढ़ताल के किनारे चंपा देवी पार्क एवं वॉटर स्पोर्ट्स की खाली पड़ी 25 एकड़ जमीन पर इसका निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) माॅडल पर किया जाना है। फरवरी 2024 में निर्माण के लिए तकनीकी एवं वित्तीय बोली के आधार पर तीन कंपनियों के बीच से क्वानो एवं जेएमटी रियल प्राइवेट लिमिटेड, विकास खंड, गोमतीनगर, लखनऊ का चयन किया गया था। कंपनी को तीन वर्ष में निर्माण पूरा करना था।
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कन्वेंशन सेंटर का डिजाइन
- फोटो : स्त्रोत- जीडीए
विस्तार
रामगढ़ताल के किनारे प्रस्तावित विश्वस्तरीय कनवेंशन सेंटर के निर्माण एवं संचालन की जिम्मेदारी जिस फर्म को मिली थी, उसे अनुबंध की प्रक्रिया का पालन न करना महंगा पड़ा। जीडीए ने फर्म को एक साल के लिए ब्लैक लिस्टेड करने के साथ उसकी ओर से जमा की गई जमानत धनराशि को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने नई फर्म के लिए चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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रामगढ़ताल के किनारे चंपा देवी पार्क एवं वॉटर स्पोर्ट्स की खाली पड़ी 25 एकड़ जमीन पर इसका निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) माॅडल पर किया जाना है। फरवरी 2024 में निर्माण के लिए तकनीकी एवं वित्तीय बोली के आधार पर तीन कंपनियों के बीच से क्वानो एवं जेएमटी रियल प्राइवेट लिमिटेड, विकास खंड, गोमतीनगर, लखनऊ का चयन किया गया था। कंपनी को तीन वर्ष में निर्माण पूरा करना था।
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जीडीए( सांकेतिक)
- फोटो : एक्स
इसके बाद उसको 33 वर्ष तक संचालन का जिम्मा मिलता। चयनित फर्म को वर्क आर्डर जारी होने के साथ तीन माह में बैंक गारंटी 15 करोड़ एवं रिजर्व प्राइज मनी 51 करोड़ 51 लाख रुपये प्राधिकरण में जमा करने थे। निर्धारित तीन माह की अवधि मई में ही समाप्त हो गया। लेकिन, बीच में चुनाव आचार संहिता के चलते फर्म को अतिरिक्त समय दिया गया। 15 जुलाई को प्राधिकरण ने फर्म को पत्र जारी कर एक सप्ताह में सभी औपचारिकताएं पूरी करने का आदेश दिया।
इसके बाद भी फर्म ने न तो परफाॅर्मेंस गारंटी जमा कराई और ना ही अपफ्रंट प्रीमियम की धनराशि को ही जमा करा सके। प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि कनवेंशन सेंटर के निर्माण एवं संचालन के लिए चयनित फर्म की ओर से अनुबंध की औपचारिकता पूरी न करने पर उसकी जमा धनराशि को जब्त कर लिया गया है। वहीं फर्म को एक वर्ष के लिए प्राधिकरण में निविदा में प्रतिभाग के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इसके बाद भी फर्म ने न तो परफाॅर्मेंस गारंटी जमा कराई और ना ही अपफ्रंट प्रीमियम की धनराशि को ही जमा करा सके। प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि कनवेंशन सेंटर के निर्माण एवं संचालन के लिए चयनित फर्म की ओर से अनुबंध की औपचारिकता पूरी न करने पर उसकी जमा धनराशि को जब्त कर लिया गया है। वहीं फर्म को एक वर्ष के लिए प्राधिकरण में निविदा में प्रतिभाग के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन
- फोटो : अमर उजाला
कनवेंशन सेंटर निर्माण के बदले मिलेगी फाइव स्टार होटल की जमीन
चयनित फर्म को कन्वेंशन सेंटर एवं अन्य सुविधाओं के संचालन का अधिकार 33 साल के लिए लीज पर मिलेगा। कनवेंशन सेंटर निर्माण के बदले फर्म को फाइव स्टार होटल के लिए 6.5 एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर दी जाएगी। होटल में न्यूनतम 150 कमरे रखने होंगे।
यहां व्यावसायिक उपयोग भी किया जा सकेगा। कनवेंशन सेंटर निर्माण करने वाली फर्म को 51 करोड़ रुपये प्राइज मनी प्राधिकरण में जमा करानी होगी। फर्म को तीन वर्ष में निर्माण पूरा होने के बाद संचालन करते हुए कंपनी हर वर्ष 12 करोड़ रुपये 10 वर्ष तक जीडीए को देगी।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि कनवेंशन सेंटर निर्माण एवं संचालन के लिए चयनित फर्म को अनुबंध की औपचारिकता पूरा न करने पर उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही उसकी जमानत धनराशि का जब्त कर लिया गया है। वहीं नई फर्म के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
चयनित फर्म को कन्वेंशन सेंटर एवं अन्य सुविधाओं के संचालन का अधिकार 33 साल के लिए लीज पर मिलेगा। कनवेंशन सेंटर निर्माण के बदले फर्म को फाइव स्टार होटल के लिए 6.5 एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर दी जाएगी। होटल में न्यूनतम 150 कमरे रखने होंगे।
यहां व्यावसायिक उपयोग भी किया जा सकेगा। कनवेंशन सेंटर निर्माण करने वाली फर्म को 51 करोड़ रुपये प्राइज मनी प्राधिकरण में जमा करानी होगी। फर्म को तीन वर्ष में निर्माण पूरा होने के बाद संचालन करते हुए कंपनी हर वर्ष 12 करोड़ रुपये 10 वर्ष तक जीडीए को देगी।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि कनवेंशन सेंटर निर्माण एवं संचालन के लिए चयनित फर्म को अनुबंध की औपचारिकता पूरा न करने पर उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही उसकी जमानत धनराशि का जब्त कर लिया गया है। वहीं नई फर्म के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।