{"_id":"603b54166fa6cd1a686a14a1","slug":"garbage-disposal-made-fertilizer-in-gorakhpur-university-campus","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में होगा कूड़े का निस्तारण, बनाई जाएगी ये खास चीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में होगा कूड़े का निस्तारण, बनाई जाएगी ये खास चीज
Sun, 28 Feb 2021 01:58 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 28 Feb 2021 01:58 PM IST
विज्ञापन
DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में निकल रहे कूड़ा का निस्तारण परिसर में किया जाएगा। ग्रीन कैंपस इनेशिएटिव के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परिसर में ही कूड़ा निस्तारण प्लांट की स्थापना की जाएगी। इसके जरिए कूड़ा का निस्तारण किया जाएगा। साथ ही कूड़े से निकले अपशिष्ट से खाद बनाई जाएगी, जिसका इस्तेमाल परिसर में ही किया जाएगा। इस बीच अगर खाद ज्यादा बनती है तो उसे आसपास की नर्सरी को देंगे। कूड़ा निस्तारण प्लांट का लोकार्पण 20 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
विज्ञापन
ग्रीन कैंपस इनेशिएटिव की समन्वयक डॉ. स्मृति मल्ल ने बताया कि यह मशीन प्रति घंटे 100 से 150 किलोग्राम कूड़े का निस्तारण करेगी। निस्तारित अपशिष्ट से खाद बनाने में करीब 10 दिन का वक्त लगेगा। मशीन में हर उस कूड़े को निस्तारण किया जाएगा जिसका रासायनिक परिवर्तन संभव है। जिन कूड़ों का रासायनिक परिवर्तन संभव नहीं है। उसके निस्तारण के लिए नगर निगम का सहारा लिया जाएगा। इस कूड़े को विश्वविद्यालय ग्रीन कैंपस इनेशिएटिव टीम संभालेगी। बताया कि इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता लाना है।
विज्ञापन
मॉडल किचेन बनाने की है योजना
ग्रीन कैंपस इनेशिएटिव के तहत विश्वविद्यालय में एक मॉडल किचेन बनाने की भी योजना है। इस किचेन में ईंधन के रूप में बॉयो गैस का इंतजाम होगा। इसके अलावा इसमें एक पिनट मशीन लगाई जाएगी। इसके जरिए लकड़ी के टुकड़ों का पिनट बनाया जाएगा और उसका इस्तेमाल भोजन बनाने में किया जाएगा। इस मॉडल किचेन का निर्माण लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए किया जाएगा।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि कूड़ा निस्तारण बहुत बड़ी समस्या है। इससे निजात के लिए विश्वविद्यालय में एक बड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जा रहा है। इससे परिसर में निकलने वाले सभी कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। 20 मार्च को इसके लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।