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UP News: फर्जी दस्तावेज पर जमीन रजिस्ट्री करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, जांच में हुआ खुलासा

Fri, 03 Jun 2022 12:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 03 Jun 2022 12:01 PM IST
सार

एसपी ने बताया कि रविंद्र के बार-बार जमीन दिलाने की बात कहने पर अंकित परेशान हो गया। इस दौरान उसकी मुलाकात एक रिक्शेवाले से हुई। अंकित ने रिक्शेवाले से रमेश बनने की बात कही और एक लाख रुपये का लालच दिया। जिसके बाद रिक्शावाला तैयार हो गया।

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gang registered land on fake documents busted
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गोरखपुर जिले में जमीन का फर्जी मालिक बनाकर बैनामा करने वाले गिरोह का बृहस्पतिवार को कैंट पुलिस ने पर्दाफाश किया। गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसमें से एक रिक्शेवाला है, उसे ही जमीन का मालिक बनाया गया था। इस काम के लिए रिक्शेवाले को एक लाख रुपया देने का वादा किया गया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया है।
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 पकड़े गए आरोपियों की पहचान गीता प्रेस रोड, राजघाट निवासी अंकित अग्निहोत्री, चक्सा हुसैन, गोरखनाथ निवासी मुन्ना अली मोहम्मद और शेखपुर, राजघाट निवासी सोनू उर्फ प्रजापति के रूप में हुई है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्वनोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए जालसाजों के बारे में जानकारी दी।
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एसपी ने बताया कि अंकित अग्निहोत्री के साले के दोस्त और मुकदमा दर्ज कराने वाले गगहा के गजपुर निवासी रविंद्र कुमार से उसकी जान पहचान थी। रविंद्र अक्सर उससे जमीन खरीदने की बात करते थे। जिससे वह लालच में पड़ गया। तभी उसे याद आया कि शाहपुर निवासी उसके एक अन्य दोस्त रमेश ने अपनी 28 डिसमिल जमीन वर्ष 2020 में बेचने के लिए दिखाई थी। दोस्त की जमीन का अंकित ने इंटरनेट से भू-आलेख एप से खतौनी निकाल ली और रविंद्र कुमार को दे दिया। साथ ही उस जमीन को रविंद्र को दिखा भी दिया। रविंद्र को वह जमीन पसंद आ गई और वह उसे खरीदने को तैयार हो गए।  
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ऐसे की थी जालसाजी

एसपी ने बताया कि रविंद्र के बार-बार जमीन दिलाने की बात कहने पर अंकित परेशान हो गया। इस दौरान उसकी मुलाकात एक रिक्शेवाले से हुई। अंकित ने रिक्शेवाले से रमेश बनने की बात कही और एक लाख रुपये का लालच दिया। जिसके बाद रिक्शावाला तैयार हो गया। अंकित ने रिक्शेवाले मुन्ना उर्फ अली मोहम्मद की फोटो खिंचवाकर गुलरिहा में जनसेवा केंद्र चलाने वाले सोनू उर्फ प्रजापति पांडेय से रमेश कुमार निवासी भिलौरा नौसड़ नाम का फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड और पहचान पत्र बनवा दिया।


इसके बाद मुकदमे के वादी रविंद्र से पांच लाख रुपये अंकित ने अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। रुपये ट्रांसफर होने के बाद जमीन बैनामा कराने के लिए तीनों ने रविंद्र को एक जून 2022 को रजिस्ट्री कार्यालय बुलाया। इस दौरान फोटो और आईडी देख अधिवक्ता को शक हो गया और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
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