{"_id":"6918d56060db1f8d160af7e3","slug":"gajpur-outpost-in-charge-on-line-duty-for-allowing-heavy-vehicles-to-ply-on-a-restricted-road-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1135607-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: प्रतिबंधित सड़क पर भारी वाहन चलवाने के आरोप में गजपुर चौकी प्रभारी लाइनहाजिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: प्रतिबंधित सड़क पर भारी वाहन चलवाने के आरोप में गजपुर चौकी प्रभारी लाइनहाजिर
विज्ञापन
गगहा। प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही कराने के आरोप में एसएसपी राज करन नय्यर ने गजपुर चौकी प्रभारी अनीश सिंह को शनिवार लाइनहाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई बुधवार शाम गजपुर निवासी आकाश वर्मा (22) की ट्रेलर की चपेट में आने से मौत के बाद हुए हंगामे के चलते की गई।
बृहस्पतिवार को परिजनों व ग्रामीणों ने चार घंटे गगहा-गजपुर मार्ग पर जाम लगाकर मुआवजा और चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्रतिबंधित के बाद भी गगहा-गजपुर मार्ग पर भारी वाहन चलते हैं। इसमें चौकी इंचार्ज और कुछ सिपाहियों की मिलीभगत है।
ग्रामीणों का आरोप था कि प्रतिबंधित सड़क पर रुपये लेकर भारी वाहनों को बेधड़क प्रवेश कराया जा रहा है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की थी। सीओ बांसगांव अनुज सिंह और एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचकर जांच का आश्वासन देते रहे, मगर चार घंटे तक प्रदर्शनकारी नहीं माने। आखिरकार पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम हटवाया था। इस दौरान भाजपा नेता विकास सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
एसपी साउथ दिनेश पुरी के निर्देश पर सीओ बांसगांव अनुज सिंह ने चौकी प्रभारी अनीश सिंह पर लगे आरोपों की जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शनिवार शाम उन्हें लाइनहाजिर कर दिया गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रतिबंधित मार्ग पर अवैध रूप से भारी वाहनों को कैसे प्रवेश कराया जा रहा था। इसमें कितने पुलिसकर्मी शामिल थे। एसपी साउथ ने बताया कि गजपुर चौकी इंचार्ज को लाइनहाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच अभी चल रही है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को परिजनों व ग्रामीणों ने चार घंटे गगहा-गजपुर मार्ग पर जाम लगाकर मुआवजा और चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्रतिबंधित के बाद भी गगहा-गजपुर मार्ग पर भारी वाहन चलते हैं। इसमें चौकी इंचार्ज और कुछ सिपाहियों की मिलीभगत है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप था कि प्रतिबंधित सड़क पर रुपये लेकर भारी वाहनों को बेधड़क प्रवेश कराया जा रहा है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की थी। सीओ बांसगांव अनुज सिंह और एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह मौके पर पहुंचकर जांच का आश्वासन देते रहे, मगर चार घंटे तक प्रदर्शनकारी नहीं माने। आखिरकार पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम हटवाया था। इस दौरान भाजपा नेता विकास सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
एसपी साउथ दिनेश पुरी के निर्देश पर सीओ बांसगांव अनुज सिंह ने चौकी प्रभारी अनीश सिंह पर लगे आरोपों की जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर शनिवार शाम उन्हें लाइनहाजिर कर दिया गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रतिबंधित मार्ग पर अवैध रूप से भारी वाहनों को कैसे प्रवेश कराया जा रहा था। इसमें कितने पुलिसकर्मी शामिल थे। एसपी साउथ ने बताया कि गजपुर चौकी इंचार्ज को लाइनहाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच अभी चल रही है।