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कोरोना से जंग: फ्रंटलाइन वर्कर्स ने टीका लगवाया तो गंभीर चुनौती नहीं आई सामने, अस्पताल में भर्ती होने की नहीं पड़ी जरूरत
Mon, 14 Jun 2021 02:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 14 Jun 2021 02:06 PM IST
सार
चिकित्सक संक्रमित भी हुए तो उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से पहले कोविड का टीका लगवाने वाले लोग ज्यादा सुरक्षित रहे। हेल्थ वर्कर के रूप में जिन चिकित्सकों को कोविड का टीका लगा था वह संक्रमित तो हुए लेकिन उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी। घर पर रहकर ठीक हो गए। इतना ही नहीं उनका परिवार भी सुरक्षित रहा।
ऐसे चिकित्सकों का कहना है कि लोग टीका जरूर लगवाएं। टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यह पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। टीका लगवाने के बाद अगर संक्रमण की चपेट में कोई आता है, तो वह सुरक्षित रहेगा। उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इतना ही नहीं, शुगर (मधुमेह) के मरीज भी टीका लगवा सकते हैं। टीका लगवाकर खुद के साथ परिवार को भी सुरक्षित रखें।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि टीके की दोनों डोज लगने के बाद पॉजिटिव हुआ। शुगर की समस्या थी, लेकिन कोई दिक्कत नहीं हुई। घर पर रहकर ठीक हो गया। परिवार भी संक्रमण से बचा रहा। टीका पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है। टीका जरूर लगवाएं।
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ऐसे चिकित्सकों का कहना है कि लोग टीका जरूर लगवाएं। टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यह पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। टीका लगवाने के बाद अगर संक्रमण की चपेट में कोई आता है, तो वह सुरक्षित रहेगा। उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इतना ही नहीं, शुगर (मधुमेह) के मरीज भी टीका लगवा सकते हैं। टीका लगवाकर खुद के साथ परिवार को भी सुरक्षित रखें।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि टीके की दोनों डोज लगने के बाद पॉजिटिव हुआ। शुगर की समस्या थी, लेकिन कोई दिक्कत नहीं हुई। घर पर रहकर ठीक हो गया। परिवार भी संक्रमण से बचा रहा। टीका पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है। टीका जरूर लगवाएं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि कोरोना महामारी से बचने का सबसे सशक्त उपाय टीका ही है। टीके की दोनों डोज लेने के बाद संक्रमण का खतरा बेहद कम रहता है। अगर किसी तरह संक्रमित हो भी जाते हैं, तो अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घर पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर ठीक हो जाएंगे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि कोविड टीके की दोनों डोज लेने के बाद संक्रमण की चपेट में आ गया था, लेकिन ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। 10 दिनों में ठीक होकर कोविड वार्ड में ड्यूटी करने लगा। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन लगवाने के बाद खतरा बेहद कम हो जाता है।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि वैक्सीन लगने के कुछ ही दिनों बाद संक्रमण की चपेट में आ गया था। कोविड के सारे लक्षण थे, लेकिन टीका लगने की वजह से शरीर की इम्युनिटी बेहतर रही। इस वजह से घर पर रहकर ठीक हो गया। परिवार भी सुरक्षित रहा। लोगों से अपील है कि टीका जरूर लगवाएं। यह संक्रमण से बचाएगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने बताया कि कोविड टीके की दोनों डोज लेने के बाद संक्रमण की चपेट में आ गया था, लेकिन ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। 10 दिनों में ठीक होकर कोविड वार्ड में ड्यूटी करने लगा। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन लगवाने के बाद खतरा बेहद कम हो जाता है।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एनके वर्मा ने बताया कि वैक्सीन लगने के कुछ ही दिनों बाद संक्रमण की चपेट में आ गया था। कोविड के सारे लक्षण थे, लेकिन टीका लगने की वजह से शरीर की इम्युनिटी बेहतर रही। इस वजह से घर पर रहकर ठीक हो गया। परिवार भी सुरक्षित रहा। लोगों से अपील है कि टीका जरूर लगवाएं। यह संक्रमण से बचाएगा।