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सतर्कता ही बचाव: गेम लिंक और डिस्काउंट का ऑफर देकर जालसाज उड़ा रहे रुपये, फंसाने के लिए देते हैं लुभावने ऑफर

Thu, 10 Feb 2022 03:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 10 Feb 2022 03:45 PM IST
सार

जालसाज झांसे में फंसाने के लिए लुभावने ऑफर देते हैं, ऐसे में सावधानी ही बचाव का एकमात्र उपाय है। गोरखपुर में औसतन रोजाना दो मामले सामने आ रहे हैं।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

ऑनलाइन गेम और खरीदारी पर छूट का लालच देकर साइबर क्रिमिनल लोगों को जालसाजी का शिकार बना रहे हैं। इस तरह की जालसाजी के औसतन दो मामले पुलिस के पास प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।

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 जानकारी के मुताबिक, जालसाज सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के मैसेज पर ऑनलाइन गेम के लिंक, लॉटरी जीतने की सूचना भेजकर लुभावने ऑफर के लालच में लोगों को फंसा रहे हैं। खाते से रुपये गायब हो जा रहे हैं। बानगी के तौर पर रायगंज उत्तरी निवासी जावेद का केस मौजू है। वे फेसबुक चला रहे थे। उनके पास एक गेम का लिंक आया। 
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गेम खेलने के दौरान वह जीत गए। उनसे इनाम की राशि भेजने के लिए एकाउंट का ब्योरा मांगा गया। एकाउंट नंबर, यूएफसी कोड भरने के बाद, उनके पास ओटीपी आ गई। फोन आया कि ओटीपी बता दें, पांच लाख इनाम की राशि भेजनी है। ओटीपी बताने के थोड़ी ही देर में उनके खाते से 67 हजार रुपये जालसाज ने उड़ा दिए। पीड़ित ने दो दिन तक तो खुद की गलती मानते हुए शिकायत नहीं की। बाद में शिकायत होने पर 20 हजार की वापसी हो पाई।
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कुछ इसी तरह मियां बाजार निवासी जय नारायण भी जालसाजी का शिकार बने। उन्होंनेे 22 हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीदा था। 16 जनवरी को उनके फोन पर डिस्काउंट ऑफर बताते हुए एक लिंक आया और ब्योरा भरने को कहा गया। ब्योरा दर्ज करने के दो घंटे बाद ही उनके खाते से 1.35 लाख रुपये जालसाज ने उड़ा दिए। इसकी जानकारी उन्होंने साइबर पुलिस को दी। पुलिस ने कुछ रुपये भी वापस कराए थे। मगर, देरी से जानकारी देने की वजह से पूरे रुपये वापस नहीं आ पाए थे।

 

अश्लील वीडियो कॉल से भी ठगी

जालसाज ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए भी लोगों को शिकार बना रहे हैं।  इसके लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है। पहले एक लड़की की फोटो लगाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है। फिर दोस्ती होने पर व्हाट्सएप नंबर मांगा जाता है। बातचीत होने पर वीडियो कॉल करने को कहा जाता है। वीडियो कॉल पर अश्लील बातें कर वीडियो बनाया जाता है और फिर इसी के जरिए ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठे जाते हैं। 

जालसाजी होने पर चार घंटे में ही दें सूचना

ऑनलाइन जालसाजी के मामलों में पीड़ित को साइबर थाने या फिर नजदीकी थाने में चार घंटे के अंदर पूरे दस्तावेज के साथ शिकायत करनी चाहिए। ऐसा करने पर शिकार हुए शख्स की 80 फीसदी रकम ऑनलाइन ही वापस करवाने का प्रयास किया जाता है। रकम पीड़ित के खाते में चार से पांच दिन में वापस हो जाती है।

ऐसे वापस होती है रकम

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, चार घंटे के अंदर शिकायत मिलने पर टीम पीड़ित के खाते से निकली रकम का ब्योरा एकत्र करती है। इसके बाद संबंधित कंपनियों को तत्काल खरीदे हुए सामान भेजने पर रोक लगाने के लिए एक ई-मेल भेज कर रकम को वापस करने के लिए कहा जाता है। ई-मेल के जवाब में कंपनी के लोग रकम को कुछ दिनों में वापस कर देते हैं। हालांकि, साइबर सेल उस रकम को वापस नहीं करवा पाती जो एटीएम से निकाल ली जाती है।
 
 

इन दस्तावेजों के साथ करें शिकायत

साइबर सेल प्रभारी के नाम प्रार्थनापत्र, अपडेट बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, पासबुक न होने पर मोबाइल फोन पर खाते से निकली रकम का एसएमएस।

जालसाजी से बचने के लिए ध्यान रखें

  • अपने बैंक खाते का ब्योरा किसी के साथ साझा न करें।
  • लुभावने ऑफर वाले लिंक पर क्लिक न करें।
  • नेट बैंकिंग इस्तेमाल करते समय पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल न करें।
  • अपने कंप्यूटर, फोन और टैबलेट को प्रोटेक्ट करने के लिए हमेशा अच्छे एंटी वायरस या एंटी मालवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।
  • अलग-अलग ऑनलाइन एकाउंट के लिए एक-सा पासवर्ड मत रखिए।
  • ई-मेल, बैंक लॉग इन और सोशल मीडिया एकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
  • डेट ऑफ बर्थ, एनिवर्सरी डेट या फोन नंबर को पासवर्ड न बनाएं।
  • बैंक से आने वाले हर संदेश को पढ़ें, ताकि जालसाजी हो तो तुरंत जानकारी हो जाए।
  • ऑफर देकर अमीर बनाने का वादा करने वाले लिंक से दूरी बनाकर रखें।
  • अंजान फोन आने पर झांसे में कभी भी ना आएं, कोई भी कंपनी लकी ड्रॉ में लाखों रुपए नहीं देती।

 
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