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गोरखपुर: अफ्रीका में नौकरी करने वाले शख्स से 14 लाख की जालसाजी, बैंक में शिकायत के बाद भी नहीं बंद किया गया खाते से लेनदेन
Fri, 25 Jun 2021 02:44 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Jun 2021 02:44 PM IST
सार
बैंक के कस्टमर से मिले नंबरों पर फोन कर जालसाजी के शिकार हो गए धर्मेश उपाध्याय। रकम निकलने की शिकायत के बाद भी नहीं बंद किया गया खाते से लेनदेन।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : pixabay
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विस्तार
बैंक के कस्टमर केयर से मिले नंबरों पर फोन करने वाले धर्मेश ने 14 लाख रुपये गंवा दिए। गोरखपुर जिले के पिपराइच के रहने वाले धर्मेश के खाते से जालसाजों ने कई बार में यह रकम निकाल ली।
इस बीच उन्होंने बैंक को जालसाजी की सूचना भी दी लेकिन खाते से लेनदेन पर रोक नहीं लगाई गई। एसएसपी से शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पिपराइच निवासी धर्मेश उपाध्याय अफ्रिका में नौकरी करते हैं। कोरोना काल में कुछ महीनों से वह घर से काम कर रहे हैं। इस बीच 17 जून को उन्होंने क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी के लिए भारतीय स्टेट बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल किया। आरोप है कि कस्टमर केयर पर बात करने वाले ने उन्हें संबंधित जानकारी के लिए तीन अन्य नंबर नोट करा दिए।
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धर्मेश ने उन नंबरों पर कॉल किया। धर्मेश के मुताबिक उनमें से दो नंबर बंद मिले, एक पर कॉल लग गई। कॉल उठाने वाले ने क्रेडिट कार्ड की जानकारी देने के बजाय धर्मेश की गोपनीय जानकारी पूछ डाली। इसके बाद एक के बाद एक उनसे तीन एप डाउनलोड कराए और और धर्मेश का लैपटॉप रिमोट पर लेकर खुद हैंडल करने लगा।
इस दौरान धर्मेश को शक भी हुआ लेकिन जालसाज ने उन्हें अपनी बातों में फंसा लिया। धर्मेश ने बताया कि उनके साथ हुई जालसाजी की जानकारी उन्होंने कस्टमर केयर नंबर पर दी लेकिन इसके बावजूद उनके खाते से रुपये निकलते रहे। धर्मेश के मुताबिक इस बीच तीन बार में उनके खाते में 70 हजार रुपये वापस भी आए हैं।
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इस बीच उन्होंने बैंक को जालसाजी की सूचना भी दी लेकिन खाते से लेनदेन पर रोक नहीं लगाई गई। एसएसपी से शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, पिपराइच निवासी धर्मेश उपाध्याय अफ्रिका में नौकरी करते हैं। कोरोना काल में कुछ महीनों से वह घर से काम कर रहे हैं। इस बीच 17 जून को उन्होंने क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी के लिए भारतीय स्टेट बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल किया। आरोप है कि कस्टमर केयर पर बात करने वाले ने उन्हें संबंधित जानकारी के लिए तीन अन्य नंबर नोट करा दिए।
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धर्मेश ने उन नंबरों पर कॉल किया। धर्मेश के मुताबिक उनमें से दो नंबर बंद मिले, एक पर कॉल लग गई। कॉल उठाने वाले ने क्रेडिट कार्ड की जानकारी देने के बजाय धर्मेश की गोपनीय जानकारी पूछ डाली। इसके बाद एक के बाद एक उनसे तीन एप डाउनलोड कराए और और धर्मेश का लैपटॉप रिमोट पर लेकर खुद हैंडल करने लगा।
इस दौरान धर्मेश को शक भी हुआ लेकिन जालसाज ने उन्हें अपनी बातों में फंसा लिया। धर्मेश ने बताया कि उनके साथ हुई जालसाजी की जानकारी उन्होंने कस्टमर केयर नंबर पर दी लेकिन इसके बावजूद उनके खाते से रुपये निकलते रहे। धर्मेश के मुताबिक इस बीच तीन बार में उनके खाते में 70 हजार रुपये वापस भी आए हैं।