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बस्ती: हत्थे चढ़े चार हाईटेक जालसाज, जाली आधार कार्ड बनाकर करते थे हेरफेर
Tue, 03 Mar 2020 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, बस्ती।
डिजिटल न्यूज डेस्क, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2020 11:18 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्जी आधार कार्ड व गुप्त कोड दिखाकर दूसरे देश का रकम निकालने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इसमें भानपुर का जन सेवा केंद्र संचालक भी शामिल है। इस गिरोह के सदस्य लखनऊ की एक फर्म के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों का लोगो, सॉफ्टवेयर और विज्ञापन मैटीरियल बेचकर वेस्टर्न मनी के माध्यम से रकम मंगाते थे। इस फर्जीवाड़ा में जाली आधार कार्ड बनाकर रुपये ड्रॉ किया जाता रहा।
एएसपी पंकज ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि प्रभारी निरीक्षक रुधौली सुरेंद्र कुमार यादव ने फर्जी आधार कार्ड व कोड दिखाकर वेस्टर्न यूनियन (मनी चेंजर) से रुपये निकालने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिधार गांव की पुलिया से गिरफ्तार किया। इसमें गोंडा जिले के परसपुर थाने के विशुनपुरवा निवासी शैलेंद्र कुमार मिश्रा, श्रवण पाठक, हसन अली उर्फ संतू व जितेंद्र अग्रहरि निवासी भानपुर थाना सोनहा शामिल हैं।
गिरोह का सरगना जितेंद्र मिश्रा लखनऊ के अहिबरनपुर त्रिवेणी में रहता है, लेकिन फरार है। गिरफ्त में आए उसके भाई शैलेंद्र मिश्र ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र कपूरथला कांप्लेक्स अलीगंज लखनऊ में जेके आईटी सेल्यूशन नाम की फर्म चलाता है। देश-विदेश में काम करने वाली कंपनी के विदेश से जो रुपये प्राप्त होते हैं उसे वेस्टर्न यूनियन के माध्यम से मंगाता है। चूंकि यह रकम अलग-अलग नाम से उसी व्यक्ति के लिए भेजी जाती है और उस व्यक्ति का आधार कार्ड जरूरी होता था।
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इसके लिए वह भानपुर के जन सेवा केंद्र संचालक जितेंद्र अग्रहरि से जाली आधार कार्ड तैयार कराता था। उस कार्ड में सिर्फ फोटो सही होती थी। ताकि जांच करने पर फोटो और नाम पते का मिलान न हो पाए। वह रकम अपने पीएनबी के खाते में डालता था। पकड़े गए श्रवण एवं हसन अली ने बताया कि वे लोग शैलेंद्र मिश्र के गांव के रहने वाले हैं, जो रुपये शैलेंद्र के भाई जितेंद्र के माध्यम से विदेश से आता था, उसे दूसरे के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर वेस्टर्न मनी से निकालने में मदद करते थे। इसके एवज में उन्हें हिस्सा मिलता था।
ये हुई बरामदगी
पुलिस ने जालसाजों के कब्जे से बिना नंबर की स्कार्पियो गाड़ी बरामद किया है। इिसके अलावा एक अदद लैपटॉप, एक प्रिंटर/स्कैनर, छह मोबाइल फोन, 14 फर्जी आधार कार्ड व दो वोटर आईडी कार्ड भी बरामद किया। इनके कब्जे से 39 हजार दो सौ रुपये नकद बरामद किया गया है।
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एएसपी पंकज ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि प्रभारी निरीक्षक रुधौली सुरेंद्र कुमार यादव ने फर्जी आधार कार्ड व कोड दिखाकर वेस्टर्न यूनियन (मनी चेंजर) से रुपये निकालने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिधार गांव की पुलिया से गिरफ्तार किया। इसमें गोंडा जिले के परसपुर थाने के विशुनपुरवा निवासी शैलेंद्र कुमार मिश्रा, श्रवण पाठक, हसन अली उर्फ संतू व जितेंद्र अग्रहरि निवासी भानपुर थाना सोनहा शामिल हैं।
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गिरोह का सरगना जितेंद्र मिश्रा लखनऊ के अहिबरनपुर त्रिवेणी में रहता है, लेकिन फरार है। गिरफ्त में आए उसके भाई शैलेंद्र मिश्र ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र कपूरथला कांप्लेक्स अलीगंज लखनऊ में जेके आईटी सेल्यूशन नाम की फर्म चलाता है। देश-विदेश में काम करने वाली कंपनी के विदेश से जो रुपये प्राप्त होते हैं उसे वेस्टर्न यूनियन के माध्यम से मंगाता है। चूंकि यह रकम अलग-अलग नाम से उसी व्यक्ति के लिए भेजी जाती है और उस व्यक्ति का आधार कार्ड जरूरी होता था।
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इसके लिए वह भानपुर के जन सेवा केंद्र संचालक जितेंद्र अग्रहरि से जाली आधार कार्ड तैयार कराता था। उस कार्ड में सिर्फ फोटो सही होती थी। ताकि जांच करने पर फोटो और नाम पते का मिलान न हो पाए। वह रकम अपने पीएनबी के खाते में डालता था। पकड़े गए श्रवण एवं हसन अली ने बताया कि वे लोग शैलेंद्र मिश्र के गांव के रहने वाले हैं, जो रुपये शैलेंद्र के भाई जितेंद्र के माध्यम से विदेश से आता था, उसे दूसरे के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर वेस्टर्न मनी से निकालने में मदद करते थे। इसके एवज में उन्हें हिस्सा मिलता था।
ये हुई बरामदगी
पुलिस ने जालसाजों के कब्जे से बिना नंबर की स्कार्पियो गाड़ी बरामद किया है। इिसके अलावा एक अदद लैपटॉप, एक प्रिंटर/स्कैनर, छह मोबाइल फोन, 14 फर्जी आधार कार्ड व दो वोटर आईडी कार्ड भी बरामद किया। इनके कब्जे से 39 हजार दो सौ रुपये नकद बरामद किया गया है।