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गोरखपुर: बिजली घर का शिलान्यास हो गया, बजट भी मिल गया, मगर जमीन नहीं मिल पाई
Fri, 11 Feb 2022 01:35 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 11 Feb 2022 01:35 PM IST
सार
विद्युत माध्यमिक कार्यखंड अधिशासी अभियंता एमके गौड़ ने कहा कि जिला प्रशासन ने रामगढ़ताल के किनारे दिव्यनगर बिजली घर के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी। उस जमीन तक जाने का रास्ता बेहद संकरा था। ऐसे में जमीन फाइनल नहीं हो सकी।
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बिजली घर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर शहर के बिछिया और दिव्यनगर क्षेत्र में बिजली वितरण की सुविधा बेहतर करने के लिए बिजली निगम को दो बिजली घर बनाना है। इनके बन जाने से 15 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी। लेकिन, शिलान्यास हुए एक साल से अधिक समय बीत चुका है और अभी तक दोनों बिजली घरों के लिए जमीन नहीं मिल पाई है।
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जानकारी के अनुसार, बिजली निगम ने शहर के बिछिया और दिव्यनगर क्षेत्र में 33/11 केवी का बिजली घर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर 2020 में प्रस्ताव को स्वीकृति देने के साथ दोनों बिजली घरों के लिए करीब सात करोड़ रुपये का बजट आवंटित करा दिया।
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अक्तूबर 2020 में बिजली घर के निर्माण का शिलान्यास भी हो गया। उस समय जिला प्रशासन ने कूड़ाघाट के पास भूमि मुहैया कराई थी। लेकिन, जीआरडी से अनुमति नहीं मिलने के कारण फाइनल नहीं हो सकी। कुछ दिनों पहले प्रशासन ने तारामंडल में एक जमीन मुहैया कराई, लेकिन रास्ता संकरा होने की वजह से इसे भी अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।
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इसी तरह बिछिया बिजली घर के लिए प्रशासन ने लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र परिसर में भूमि चिह्नित कराई। लेकिन, यहां पर 33 केवी लाइन बनाने में अड़ंगा खड़ा हो गया। ऐेसे में बिछिया बिजली घर की भूमि भी फाइनल नहीं हो पाई।
बिजली घर बन जाने से होने वाला फायदा
दिव्यनगर बिजली घर बनने से दिव्यनगर, खोराबार, सूबा बाजार क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी। आए दिन होने वाले फाल्ट से उपभोक्ता से राहत मिलेगी। लो-वोल्टेज की समस्या का निवारण होगा। खोराबार बिजली घर की ओवरलोड की समस्या का निस्तारण होगा। इससे जुड़े करीब 15 हजार परिवारों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।विद्युत माध्यमिक कार्यखंड अधिशासी अभियंता एमके गौड़ ने कहा कि जिला प्रशासन ने रामगढ़ताल के किनारे दिव्यनगर बिजली घर के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी। उस जमीन तक जाने का रास्ता बेहद संकरा था। ऐसे में जमीन फाइनल नहीं हो सकी। प्रशासन के साथ बैठक कर जमीन चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है।