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Exclusive: मिशन 2022 से पहले बसपा को झटका, जीएम सिंह ने भी पार्टी छोड़ी
Sat, 05 Jun 2021 07:50 AM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 05 Jun 2021 07:50 AM IST
सार
एक के बाद एक पूर्वांचल के नेता बसपा का दामन छोड़ रहे, बसपा से निष्कासित लालजी वर्मा के करीबी माने जाते हैं जीएम सिंह।
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बसपा से इस्तीफा देने वाले पर पूर्व मंत्री देवनारायण सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मिशन 2022 से पहले पूर्वांचल में बसपा की रीढ़ माने जाने वाली सैंथवार-कुर्मी बिरादारी के नेताओं में भगदड़ सा माहौल है। एक के बाद एक बड़े नेता पार्टी का दामन छोड़ रहे हैं। इससे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बसपा को तगड़ा झटका लगा है। बसपा विधानमंडल के नेता लालजी वर्मा के निष्कासन के बाद अब दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रहे देव नरायन ऊर्फ जीएम सिंह ने पार्टी छोड़ दी है।
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जीएम सिंह सैंथवार-कुर्मी बिरादरी के बड़े नेता माने जाते हैं। वह 1995 से ही बसपा से जुड़े थे। गोरखपुर की सहजनवां व महराजगंज की पनियरा विधानसभा सीट से दो बार विधायक भी रह चुके हैं।
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दरअसल, बसपा से इस बिरादरी के नेताओं का मोहभंग होना तात्कालिक नहीं है बल्कि इस पटकथा दो वर्षों से बनी है। पार्टी को सबसे पहला झटका बसपा के पूर्व कोआर्डिनेटर रह चुके इंद्रजीत सरोज ने दिया। बसपा में जब उनका कद कम किया गया तो उनकी नजदीकियां सपा से बढ़ गईं।
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आखिरकार पार्टी छोड़कर वे सपा में चले गए। इनदिनों सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबियों में हैं। इंद्रजीत सरोज के जाने के बाद से बसपा में बिरादरी से जुड़े नेताओं में फूट पड़ने लगी। इसके बाद पूर्व मंत्री बस्ती के रामप्रसाद चौधरी ने भी बसपा छोड़कर सपा ज्वाइन कर लिया।
राम प्रसाद अपनी बिरादरी में अच्छी पैठ रखते हैं। कुछ ही दिनों बाद बस्ती से पूर्व सांसद अरविंद चौधरी ने भी बसपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया। इसके बाद लालजी वर्मा की नजदीकियां सपा से बढ़ीं। पंचायत चुनाव में सपा की नजदीकियां खुलकर सामने आ गईं।
सपा में जाएंगे पूर्व विधायक जीएम सिंह
हालांकि मामले की जानकारी होते ही बसपा ने पार्टी से निकाल दिया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन सबके पीछे सूत्रधार इंद्रजीत सरोज ही हैं। लालजी वर्मा भी सपा में जा सकते हैं। हालांकि इस मामले के बाद अटकलें तेज हो गई थीं कि उनके कई करीबी बसपा छोड़ सकतेे हैं।
बसपा से इस्तीफा देने वाले पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री जीएम सिंह अब सपा में जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने बसपा के राष्ट्रीय नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तिजोरी भरने में जुटी बसपा जमीनी नेताओं को अपमान कर रही है। वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यवहार ठीक नहीं है। दलितों की बात करने वाली बसपा अब जमीनी नेताओं की सुधि नहीं लेती है। भविष्य की राजनीति पर जीएम सिंह ने कहा कि अब वे सपा में शामिल होकर जनता की सेवा करेंगे। बसपा में कुर्मी-सैंथवार बिरादरी का सम्मान बचा नहीं है। पार्टी में लगातार अपमानित किया जा रहा है।
बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम राही ने कहा कि जीएम सिंह कई बार सफाई दे चुके थे कि पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं। यानी वे दूसरे दल के संपर्क में थे। उनसे सारे नाते पार्टी ने पहले ही तोड़ लिया था, कोई काम नहीं लिया जा रहा था। अवसरवादी लोगों के जाने से पार्टी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बसपा से इस्तीफा देने वाले पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री जीएम सिंह अब सपा में जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने बसपा के राष्ट्रीय नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तिजोरी भरने में जुटी बसपा जमीनी नेताओं को अपमान कर रही है। वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यवहार ठीक नहीं है। दलितों की बात करने वाली बसपा अब जमीनी नेताओं की सुधि नहीं लेती है। भविष्य की राजनीति पर जीएम सिंह ने कहा कि अब वे सपा में शामिल होकर जनता की सेवा करेंगे। बसपा में कुर्मी-सैंथवार बिरादरी का सम्मान बचा नहीं है। पार्टी में लगातार अपमानित किया जा रहा है।
बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम राही ने कहा कि जीएम सिंह कई बार सफाई दे चुके थे कि पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं। यानी वे दूसरे दल के संपर्क में थे। उनसे सारे नाते पार्टी ने पहले ही तोड़ लिया था, कोई काम नहीं लिया जा रहा था। अवसरवादी लोगों के जाने से पार्टी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।