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Gorakhpur News: पूर्व कार्यकारी निदेशक का सामान पैक, जाएंगी ऋषिकेश

Sun, 07 Jan 2024 01:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jan 2024 01:23 AM IST
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Former executive director's luggage packed, will go to Rishikesh

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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स की कार्यकारी निदेशक रहीं डॉ. सुरेखा किशोर फिर से एम्स ऋषिकेश में चिकित्सा शिक्षक बन जाएंगी। शुक्रवार को उन्होंने अपना सामान घर भिजवा दिया। देर रात उनके गोरखपुर छोड़ने की चर्चा है। वे कार्यकारी निदेशक बनने से पहले एम्स ऋषिकेश में एकेडमिक डीन के पद पर कार्यरत थीं। पूर्व कार्यकारी निदेशक पर लगे आरोपों की जांच को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जून 2020 में एम्स गोरखपुर के कार्यकारी निदेशक का कार्यभार संभालने वालीं डॉ. सुरेखा किशोर का कार्यकाल विवादों में रहा। कार्यकारी निदेशक बनने से पहले डॉ. सुरेखा किशोर एम्स ऋषिकेश में एकेडमिक डीन के पद पर कार्यरत थीं और वह करीब 90 शोध पत्र प्रकाशित करा चुकी हैं। लेकिन गोरखपुर आते ही उनकी चर्चा चिकित्सा शिक्षक से अधिक कड़क प्रशासक के तौर पर होने लगी। लेकिन, उनकी कड़क मिजाजी केवल कुछ लोगों पर ही सीमित रही।
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परिसर में होने वाले निर्माण कार्य से लेकर साइकिल स्टैंड के ठेका और अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति तक में चहेतों पर दरियादिली के चर्चे आम हो गए। उन पर अपने दोनों बेटों की नियुक्ति समेत कई अन्य मामलों को लेकर जांच चल रही है। जांच कर रही केंद्रीय सतर्कता आयोग की तरफ से इनके पद पर रहने से जांच प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। जिसके बाद दो जनवरी को उन्हें पद से हटा दिया गया।
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इसके साथ ही इन्हें सेवा शर्तों के मुताबिक तीन माह का अग्रिम वेतन देने की अनुशंसा के साथ कार्यमुक्त करने का आदेश भी जारी हो गया। तीन दिसंबर को नए कार्यकारी निदेशक के पद भर ग्रहण करते ही यह कार्यमुक्त भी हो गईं। अस्वस्थ चल रहीं कार्यकारी निदेशक ने कार्यमुक्त होने के बाद अपना सामान पैक कराना शुरू कर दिया था। शनिवार को दिन में सामान ऋषिकेश भेज दिया गया।
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कल तक जो साझेदार थे, अब तक जोड़ रहे नए निजाम से नाता
अफसरों के मिजाज के साथ बदलने वाले एम्स में भी बहुत हैं। दो जनवरी से पहले तक जो कार्यकारी निदेशक को एम्स के लिए जरूरी बता रहे थे, वे ही अब पुराने दौर को खराब बता रहे हैं। मैडम का पैर छूकर अपना काम निकाल लेने वाले अब नए कार्यकारी निदेशक के घर का पता खोजने में लगे हैं। नए निदेशक के तीन दिन गोरखपुर प्रवास के दौरान लोगों ने उनसे मिलने का प्रयास भी किया।
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पुरानी फाइलें डीडी, एओ को भेजी गईं
कार्यकारी निदेशक के अचानक बदल जाने के चलते कॉलेज व अस्पताल में कई फाइलें अनिस्तारित रह गई थीं। नए कार्यकारी निदेशक ने पहले दो दिन तक किसी फाइल पर दस्तख्त नहीं की, लेकिन पटना जाने से पहले उन्होंने जरूरी फाइलें निस्तारित कर दीं। शेष फाइलें डिप्टी डायरेक्टर व प्रशासनिक अफसर को भेज दी गईं। इन दोनों अफसरों की जांच परख के बाद अगले सप्ताह इन पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।

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मनमानी के आरोप में हो सकती है कार्रवाई
नए कार्यकारी निदेशक के ज्वाइन करने से कुछ देर पहले ही बंद पड़े शाॅपिंग कांप्लेक्स का शीशा टूटने समेत कई अन्य मामलों में गोपनीय जांच कराई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह घटना महज संयोग था, या इसके पीछे कोई साजिश है। कार्यकारी निदेशक के पटना से लौटने के बाद इन मामलों पर निर्णय लिया जाएगा।
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