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गोरखपुर में वन मंत्री: धार्मिक स्थल परिसर में लगेंगे पीपल, पाकड़ व बरगद के पौधे

Fri, 20 May 2022 10:30 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 20 May 2022 10:30 AM IST
सार

मिशन मोड में चलेगा पौधरोपण, जनता को सहभागी बनाया जाएगा, जल्द आएगा सफेद बाघ, प्रक्रिया शुरू, चिड़ियाघर के पास बनेगा तीसरा सिटी फॉरेस्ट।

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Forest Minister Peepal Pakar and Banyan plants will be installed in religious place premises
गोरखपुर चिड़ियाघर में पौधारोपड़ करते वन मंत्री डॉ अरूण कुमार सक्सेना। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश के वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि जनता के सहयोग से पौध रोपण अभियान को मिशन बनाया जाएगा। हर परिवार से पौधा लगाने और उसे संरक्षित कराने का प्रयास है। धार्मिक स्थल परिसर में भी पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधे लगाए जाएंगे। यह अभियान प्रदेश के हर गांव व शहर में चलेगा। पीपल, पाकड़ व बरगद से पर्यावरण अच्छा रहता है। वातावरण में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा रहती है।

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वन मंत्री ने बृहस्पतिवार को चिड़ियाघर का निरीक्षण किया, फिर पत्रकारों से संवाद किया। वन मंत्री ने कहा कि  गोरखपुर चिड़ियाघर के पास खाली पड़ी 160 एकड़ जमीन पर तीसरा सिटी फॉरेस्ट बनाया जाएगा। इसका खाका तैयार किया जा रहा है। दो सिटी फॉरेस्ट बनाने का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। सिटी फॉरेस्ट को जंगल सफरी के रूप में विकसित किया जा सकता है।
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गोरखपुर में हरियाली बहुत है। जंगल भी खूब हैं। अब जरूरत और पौधे लगाने की है। अगले 40 दिनों के भीतर चिड़ियाघर में सफेद बाघ आ जाएगा। चेन्नई से दो सफेद बाघ( नर व मादा) लाए जाने हैं। इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी की अनुमिति लेनी जरूरी है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। सफेद बाघ को चिड़ियाघर में रखे जाने के इंतजाम पहले से कर लिए जाएं।
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वनमंत्री ने 7डी सिनेमा थियेटर भी देखा
वन मंत्री ने चिड़ियाघर में 7डी थियेटर का लुत्फ उठाया। पूरी टीम के साथ 7डी सिनेमा भी देखा और प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही कहा कि इस सुविधा को और प्रभावी बनाए रखने की जरूरत है। इसके माध्यम से लोगों तक वन्यजीव, जंगल और पर्यावरण संबंधी जानकारियां दी जाएं।

परिसर में बनाएं शेड
वन मंत्री ने चिड़ियाघर परिसर में पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा किपरिसर मेंजगह-जगह शेड बनाकर छांव का इंतजाम किया जाए। दर्शकों को धूप का एहसास न हो, इसलिए शेड बनाना जरूरी है।

जल्द बनाएं तितली घर
वन मंत्री के सामने तितलीघर को खोले जाने का मामला भी उठा। मंत्री ने जानकारी ली तो पता चला कि निर्माण के दौरान भवन में कुछ कमियां हैं। लिहाजा, तितलीघर नहीं बन पा रहा है। इसपर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा जाए। तितली घर एक अजूबे की तरह है। एक परिसर में 70 से अधिक प्रजाती की तितलियां देखने को मिल जाएंगी।

वनमंत्री ने जलधारा में डाली मछली, हर व गौरी को खिलाया फल
क्यों, ये कितना फल खाते हैं? आप लोगों के साथ एकदम घुल-मिल गए हैं दोनों। देखिए, जैसे इन्हें पहले से ही पता था कि हम सब इनके पास आ रहे हैं। यह बात चिड़ियाघर के गैंडा हर और गौरी के बाड़े के पास पहुंचे वन मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने की। वन मंत्री ने हर गौरी को फल, हरी पत्तियां और घास खिलाया। दरअसल, दोनों गैंडे रोजाना 140-140 किलोग्राम हरा चारा, हरी सब्जी व फल खाते हैं। इससे पहले चिड़ियाघर के अंदर ही वाटर स्ट्रीम में 21 मछलियां डालीं।

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