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गोरखपुर में बाढ़ का खतरा: घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा, कई गांव पानी से घिरे
Sun, 01 Aug 2021 05:49 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 01 Aug 2021 05:49 PM IST
सार
खतरे के निशान से तीन सेमी नीचे तक पहुंची, राप्ती निशान से एक मीटर दूर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में दो दिनों से हो रही बारिश से घाघरा नदी के जलस्तर उफान पर है। नदी खतरे के निशान से तीन सेमी नीचे बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बड़हलगंज ब्लॉक के कई गांव एक बार फिर पानी से घिर गए हैं।
बारिश से राप्ती के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान से एक मीटर से भी अधिक नीचे बह रही है। थोड़ी सी बारिश में उफना जाने वाली रोहिन का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है।
घाघरा नदी का पानी बढ़ने से रामजानकी मार्ग पर डेरवां से लखनौरी लखनौरा होते हुए हिंगुहार मोहन पौहरिया, सूबेदारनगर माझा, जगदीशपुर को जाने वाली सड़कों पर एक बार फिर पानी चढ़ गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि कछार क्षेत्र के लोगों को अब हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने की आदत हो गई है। उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। यदि यहां के जनप्रतिनिधि जरा भी चेतते तो सड़कें ऊंची कर दी जातीं और बरसात में लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं होती।
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बारिश से राप्ती के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान से एक मीटर से भी अधिक नीचे बह रही है। थोड़ी सी बारिश में उफना जाने वाली रोहिन का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है।
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घाघरा नदी का पानी बढ़ने से रामजानकी मार्ग पर डेरवां से लखनौरी लखनौरा होते हुए हिंगुहार मोहन पौहरिया, सूबेदारनगर माझा, जगदीशपुर को जाने वाली सड़कों पर एक बार फिर पानी चढ़ गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि कछार क्षेत्र के लोगों को अब हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने की आदत हो गई है। उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। यदि यहां के जनप्रतिनिधि जरा भी चेतते तो सड़कें ऊंची कर दी जातीं और बरसात में लोगों को आने-जाने में परेशानी नहीं होती।