{"_id":"6013f8bd8ebc3e2c5153e0c5","slug":"flatted-factory-will-built-in-industrial-estate-apart-from-gida-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर गीडा के अलावा इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी बनेगी फ्लैटेड फैक्ट्री, उद्योग विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर गीडा के अलावा इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी बनेगी फ्लैटेड फैक्ट्री, उद्योग विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव
Fri, 29 Jan 2021 05:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 29 Jan 2021 05:29 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर गीडा के अलावा इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाई जाएगी। उद्योग विभाग इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। जमीन भी चिन्हित हो चुकी है। जल्द ही इसका डीपीआर बनाकर केंद्र सरकार के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग ( एमएसएमई) मंत्रालय के कानपुर स्थित कार्यालय भेज दिया जाएगा। रेडीमेड गारमेंट्स को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के रूप में मंजूरी मिलने के बाद गोरखपुर में फ्लैटेड फैक्ट्री की काफी संभावना बन गई है।
विज्ञापन
दरअसल, केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उद्योगों के कलस्टर विकसित किए जा रहे हैं । इसके अंतर्गत कलस्टर बनाने में जो भी खर्च आता है उसका 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करती है।
विज्ञापन
इसी योजना के अंतर्गत जिला उद्योग विभाग ने गीडा और इंडस्ट्रियल एस्टेट में फ्लैट्टेड फैक्ट्री बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए कानपुर स्थित केंद्र सरकार के एमएसएमई मंत्रालय कार्यालय के अधिकारियों के साथ चर्चा के अलावा जमीन का मुआयना भी किया जा चुका है। इसके अंतर्गत जिला उद्योग विभाग के दफ्तर के पास ही करीब 2 एकड़ जमीन को फ्लैट्टेड फैक्ट्री के लिए मुफीद माना गया है।
विज्ञापन
Trending Videos
शहरी क्षेत्र के उद्यमियों को होगी काफी सुविधा
इंडस्ट्रियल एस्टेट में फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की योजना इस वजह से की जा रही है कि यहां शहरी क्षेत्र के उद्यमी आसानी से रेडीमेड गारमेंट संबंधी उद्योग लगा सकते हैं। साथ ही एमएसएमई डिपार्टमेंट की ओर से बनाए जाने वाला एक्सटेंशन सेंटर भी इसमें काफी मददगार साबित होगा।
शहर के युवाओं को भी आसानी से शहर में ही नौकरी मिल जाएगी। दूसरी वजह यह भी है कि प्रोसेसिंग को छोड़कर रेडीमेड गारमेंट्स की इकाइयां प्रदूषण मुक्त इकाइयां मानी जाती हैं। वहीं गीडा में कई प्रोसेसिंग इकाइयां होने की वजह से वहां भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
अपर मुख्य सचिव ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट हब के रूप में विकसित करने की मंशा जता चुके हैं। वहीं गीडा प्रशासन इसके लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की योजना तैयार कर चुका है। वहीं गोरखपुर दौरे के दौरान अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने स्टिचिंग करने वालों के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की घोषणा की थी। इसी क्रम में फ्लैटेड फैक्ट्री की कवायद शुरू हुई है।
उद्योग उपायुक्त आरके शर्मा ने कहा कि गीडा के अलावा इंडस्ट्रियल स्टेट में भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन तलाश की जा रही है। कुछ जगह जमीन चिन्हित भी की गई है। जल्द ही इसका प्रस्ताव तैयार कर डीपीआर एमएसएमई डिपार्टमेंट को भेज दिया जाएगा। रेडीमेड गारमेंट के ओडीओपी में शामिल होने के बाद इस क्षेत्र में कई संभावनाएं बनी हैं।
शहर के युवाओं को भी आसानी से शहर में ही नौकरी मिल जाएगी। दूसरी वजह यह भी है कि प्रोसेसिंग को छोड़कर रेडीमेड गारमेंट्स की इकाइयां प्रदूषण मुक्त इकाइयां मानी जाती हैं। वहीं गीडा में कई प्रोसेसिंग इकाइयां होने की वजह से वहां भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
अपर मुख्य सचिव ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट हब के रूप में विकसित करने की मंशा जता चुके हैं। वहीं गीडा प्रशासन इसके लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की योजना तैयार कर चुका है। वहीं गोरखपुर दौरे के दौरान अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने स्टिचिंग करने वालों के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की घोषणा की थी। इसी क्रम में फ्लैटेड फैक्ट्री की कवायद शुरू हुई है।
उद्योग उपायुक्त आरके शर्मा ने कहा कि गीडा के अलावा इंडस्ट्रियल स्टेट में भी फ्लैटेड फैक्ट्री बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन तलाश की जा रही है। कुछ जगह जमीन चिन्हित भी की गई है। जल्द ही इसका प्रस्ताव तैयार कर डीपीआर एमएसएमई डिपार्टमेंट को भेज दिया जाएगा। रेडीमेड गारमेंट के ओडीओपी में शामिल होने के बाद इस क्षेत्र में कई संभावनाएं बनी हैं।