राहत की खबर: मत्स्य पालकों को मिलेगी सालाना 3000 रुपये की मदद, पंजीकरण शुरू
मछुआ समुदाय को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का मिलेगा लाभ, लॉकडाउन में नहीं होगी परेशानी
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केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार अब मछली पालन और उसकी बिक्री करने वालों को सालाना 3000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लाभार्थियों को 1500-1500 रुपये दो किस्तों में मिलेंगे। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
दरअसल पिछले दो वर्षों में कोरोना संक्रमण की वजह से मछली पालकों व बिक्री करने वालों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार ने मछुआ समुदाय या मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े व्यक्ति, संस्था, सहकारी समितियों को आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है।
मौजूदा वित्त वर्ष से प्रत्येक जुलाई, अगस्त एवं सितंबर माह में जब मछली पकड़ने पर रोक लगी होती है तो इनके खातों में 3000 रुपये की आर्थिक मदद भेजी जाएगी। शर्त यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को अक्टूबर से जून तक बचत खाते में कम से कम 1500 रुपये रखने होंगे।
ऐसे करें ऑनलाइन पंजीकरण
इस सेवा का लाभ लेने के लिए आवेदक को प्ले स्टोर में जाकर PFish Farmers App डाउनलोड करना होगा। इस एप को खोलने के बाद मांगी गई सूचनाओं को भर कर पंजीकरण करते हुए डेटा सेव करना होगा। पंजीकरण करते समय सक्रिय बचत बैंक खाता, एफएससीआई कोड, अकाउंट नंबर और बैंक का नाम सावधानी से भरें।
आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की डिटेल भी सावधानी से भरनी होगी। इस योजना के संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में कोविड नियमों का पालन करते हुए लाभार्थी गोरखपुर मंडल के कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज एवं गोरखपुर के मत्स्य विभाग के जनपदीय कार्यालय, मत्स्य पालक विकास अभिकरण अथवा सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
गोरखपुर मंडल के उप निदेशक मत्स्य बृजेश कुमार ने कहा कि इस योजना से मछली कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी। पंजीकरण शुरू हो गया है। इसका लाभ अगले पांच साल तक मिलेगा। हर साल तीन हजार रुपये मिलेंगे। सहज जन सेवा केंद्र एवं कॉमन सर्विस सेंटर की मदद से पंजीकरण किया जा सकता है।