{"_id":"5fe419ee8ebc3e3b623ad774","slug":"fir-registered-against-inspector-for-demand-of-bribe","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केस दर्ज करने के लिए रुपये मांगने वाले दरोगा पर भ्रष्टाचार का केस, एसएसपी ने किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केस दर्ज करने के लिए रुपये मांगने वाले दरोगा पर भ्रष्टाचार का केस, एसएसपी ने किया निलंबित
Fri, 25 Dec 2020 10:41 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोला (गोरखपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो, गोला (गोरखपुर)।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Dec 2020 10:41 AM IST
सार
- अपने ही थाने में केस होते ही दरोगा नदारद, तलाश में पुलिस, 2018 बैच के हैं दरोगा
- जिले का पहला मामला, पकड़े जाने के बाद ही भ्रष्टाचार की धारा में होता है केस
- पीड़ित ने कर ली थी रिकॉर्डिंग, सीओ की जांच के बाद की गई कार्रवाई
विज्ञापन
एसएसपी जोगेंद्र कुमार व आरोपी दरोगा।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केस दर्ज करने के नाम पर महिला से रुपये मांगने वाले 2018 बैच के दरोगा विवेक चतुर्वेदी के खिलाफ जिले के गोला थाने में बुधवार की देर रात भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी गोला की जांच में भ्रष्टाचार का आरोप सही पाया गया था। लिहाजा, एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने गुरुवार की देर शाम दरोगा को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
अपने ही थाने में केस दर्ज होने के बाद से दरोगा भाग गए हैं। पुलिस गिरफ्तारी की कोशिश में लगी है। दरोगा की बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकती है। संभवत: यह जिले का पहला मामला है, जब शिकायत व जांच के बाद दरोगा के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
आरोपी दरोगा विवेक चतुर्वेदी मूलरूप से गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी जगदीश नारायण चतुर्वेदी के पुत्र हैं। जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र की झरकटा गांव निवासी फुलवारी देवी ने दरोगा से बातचीत की वायस रिकार्डिंग के साथ एसएसपी को पत्र देकर शिकायत की थी। महिला का आरोप था कि 23 अक्तूबर को गांव के एक शख्स से विवाद हुआ था। पीड़िता की बहू आशा, देवरानी शारदा थाने पहुंची तो दरोगा ने केस दर्ज करने के नाम पर 25 हजार रुपये की मांग कर ली।
विज्ञापन
पीड़िता ने 20 हजार रुपये दे दिए और पांच हजार रुपये बाद में देने का भरोसा दिलाया। इस बीच महिला ने दरोगा से मोबाइल फोन पर बात की और उसे रिकार्ड कर लिया। इसकी भनक दरोगा को नहीं लग सकी। पांच हजार रुपये ना देने पर दरोगा ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर 27 अक्तूबर को महिला के परिवार वालों पर घर में घुसकर मारपीट करने और छेड़खानी की धारा में केस दर्ज कर लिया।
मुकदमे से नाम निकालने के भी मांगे पैसे
केस दर्ज होने के बाद पीड़ित महिला एसएसपी के पास जा पहुंची और पैसे मांगने से संबंधित ऑडियो सुना दिया। इसके बाद एसएसपी ने पूरे मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी गोला से कराई। पुलिस के मुताबिक जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है। इसका संज्ञान लेकर ही आरोपी दरोगा के खिलाफ बुधवार की देर रात केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस महकमे में केस दर्ज होने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि इस तरह का यह पहला मामला है, जब पुलिस ने सीधे भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। इससे पहले भ्रष्टाचार के केस भ्रष्टाचार निवारण टीम के द्वारा पकड़े जाने के बाद ही दर्ज होते थे।
निलंबित दरोगा विवेक चतुर्वेदी ने विवेचना के दौरान मुकदमे से नाम निकालने के लिए भी पैसे की मांग की थी। इसका जिक्र पुलिस की ओर से जारी सूचना में है। पुलिस ने कहा कि दरोगा ने केस दर्ज करके धाराएं बदली हैं। गंभीर धाराओं को सामान्य में परिवर्तित किया है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। आरोप सही पाए गए। दरोगा के खिलाफ गोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दरोगा को निलंबित करके विभागीय जांच कराई जा रही है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इस तरह के जितने मामले सामने आएंगे, उनमें कानूनी कार्रवाई भी होगी।
निलंबित दरोगा विवेक चतुर्वेदी ने विवेचना के दौरान मुकदमे से नाम निकालने के लिए भी पैसे की मांग की थी। इसका जिक्र पुलिस की ओर से जारी सूचना में है। पुलिस ने कहा कि दरोगा ने केस दर्ज करके धाराएं बदली हैं। गंभीर धाराओं को सामान्य में परिवर्तित किया है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। आरोप सही पाए गए। दरोगा के खिलाफ गोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दरोगा को निलंबित करके विभागीय जांच कराई जा रही है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इस तरह के जितने मामले सामने आएंगे, उनमें कानूनी कार्रवाई भी होगी।