फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Family members remained on the riverbank all night hoping for the lives of their loved ones.

Gorakhpur News: नदी किनारे रातभर जिंदा रहीं उम्मीदें...सुबह हमेशा के लिए बुझ गईं

Sun, 19 Apr 2026 02:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 02:47 AM IST
विज्ञापन
Family members remained on the riverbank all night hoping for the lives of their loved ones.
गोरखपुर। चिलुआताल क्षेत्र के बंजरहा गांव के पास राप्ती नदी में शुक्रवार को डूबे तीनों युवकों के परिजन रातभर मौके पर डटे रहे, लेकिन सुबह उनकी उम्मीदें टूट गईं। एसडीआरएफ की टीम ने एक-एक कर तीनों के शव नदी से बाहर निकाले तो घाट पर चीख-पुकार मच गई। तीनों के गांव में मातम पसर गया।
विज्ञापन

घटना के बाद शुक्रवार शाम से ही परिजन नदी किनारे डटे हुए थे। हर गुजरती लहर के साथ उन्हें यही उम्मीद थी कि शायद उनका बेटा जिंदा बाहर आ जाए। शनिवार सुबह जब बचाव दल ने तलाश तेज की तो सबसे पहले शुभम यादव (19) का शव मिला। इसके कुछ ही समय बाद शिव निषाद और फिर अभय यादव उर्फ बंटी (18) का शव नदी से बाहर निकाला गया।
विज्ञापन

शुभम बरियारपुर गांव का रहने वाला था और 12वीं का छात्र था। उसके पिता विनोद यादव शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं। शुभम अपने दो भाइयों और एक बहन में पढ़ाई में सबसे आगे माना जाता था। हादसे की सूचना मिलते ही माता-पिता नदी किनारे पहुंचे और बेटे को आवाज देते रहे। मां बार-बार बेसुध होकर कहती रहीं-मेरा बेटा वापस आ जाएगा लेकिन जैसे ही उसका शव बाहर आया, उनकी चीखों से माहौल गमगीन हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, अभय यादव उर्फ बंटी (18) महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में 10वीं का छात्र था। वह अपने परिवार का इकलौता संतान था। उसके पिता मजदूरी कर घर चलाते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल था और वह बार-बार यही कहती रही कि अब हमारा कौन सहारा रहेगा। गांव के लोग परिवार को संभालने की कोशिश करते रहे।

शिव साहनी (20) 12वीं का छात्र था और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारियों का सहारा माना जाता था। उसके पिता पेंट-पॉलिश का काम कर घर चलाते हैं। हादसे के बाद पिता बार-बार नदी की ओर भागते रहे और बेटे को बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। गांवों में लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए लेकिन हर घर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed