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गोरखपुर में 11 'अनामिका' अब तक हुईं बर्खास्त, अब भी कई कतार में

Mon, 15 Jun 2020 04:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 15 Jun 2020 04:05 PM IST
सार

  • कुटरचित दस्तावेजों या फर्जी अंकपत्रों के सहारे कई दशकों तक गोरखपुर के परिषदीय विद्यालय में जमाया था डेरा
  • आरोपी शिक्षिकाओं पर विभाग की ओर से राजघाट थाना में दर्ज कराया गया है मुकदमा

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Fake teacher suspended in Council schools at Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे 25 जनपदों में नौकरी हासिल करने वाली अनामिका शुक्ला का भंडाफोड़ हो चुका है। कई लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गनीमत है कि गोरखपुर के केजीबीवी (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय) में कोई अनामिका शुक्ला कार्यरत नहीं है। मगर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 11 'अनामिका' को बेसिक शिक्षा विभाग ने दूसरे के प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त कर चुका है।

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इन सभी शिक्षिकाओं के खिलाफ विभाग की ओर से मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। जल्द ही इनसे वेतन रिकवरी की कार्रवाई भी शुरू होगी। वहीं निलंबित 33 शिक्षकों में भी छह शिक्षिकाएं हैं, जिनके खिलाफ जांच अधिकारी की ओर से जांच चल रही है। जल्द ही इन्हें भी बर्खास्त किया जाएगा।
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शिक्षा महकमे में गलत चयन रोकने के नियम बने हैं। बड़ें अफसर आदेश भी जारी करते रहते हैं फिर भी अनुपालन का सिस्टम मजबूत नहीं है। ऐसे में ही 'अनामिका' कई जिलों में नियुक्ति पा जाती हैं।
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इस पर अंकुश लगाने में प्रेरणा एप का मानव संपदा पोर्टल कारगर अस्त्र साबित हो सकता है, बशर्ते सभी जिले युद्धस्तर पर शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों व अन्य की सारी सूचनाएं अपलोड करा दें। बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी का दावा है कि अनामिका शुक्ला की नियुक्ति का राजफाश भी इसी एप के जरिए ही हो सका है।
 

मानव संपदा पोर्टल होगी अचूक हथियार

मानव संपदा एप में कई खूबियां हैं। डुप्लीकेसी तत्काल पकड़ में आ जाएगी। सभी की सर्विस बुक ऑनलाइन होगी और उसे अपडेट भी किया जा सकता है। हाजिरी हो या अवकाश या फिर शिक्षकों आदि की गोपनीय सूचना सभी का इसमें प्रावधान है।

47 बर्खास्त, 33 निलंबित और 20 के खिलाफ चल रही जांच
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले 47 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं 33 शिक्षक निलंबित हैं। इसके साथ ही 20 से अधिक शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया गतिमान है। जल्द ही उन्हें भी निलंबित किया जाएगा।

बर्खास्त फर्जी शिक्षिकाएं
प्राची मिश्रा, वंदना उपाध्याय, मधुलिका सिंह, वंदना सिंह, नम्रता सिंह, मंजू देवी, साइमा इस्लाम, शिप्रा श्रीवास्तव, सरिता चौरसिया, रेखा, सत्या सिंह।

बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि दूसरे के प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मैनें खुद ही 37 बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। निलंबित शिक्षकों की जांच खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से की जा रही है। आरोप सत्य पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
 

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