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अफवाह: सोशल मीडिया पर गीता प्रेस के बंद होने की फर्जी सूचना वायरल, जानिए प्रबंधक ने क्या कहा
Fri, 30 Jul 2021 04:24 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 30 Jul 2021 04:24 PM IST
सार
गीता प्रेस में 15 भाषाओं में लगभग 1800 पुस्तकें गीता प्रेस से लगातार प्रकाशित की जा रही हैं। पुस्तकों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विदेशों से छपाई एवं बाइंडिंग की मशीन मंगाई गई है।
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गोरखपुर गीता प्रेस।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सोशल मीडिया पर गीता प्रेस के बंद होने की सूचना प्रचारित की जा रही हैं। इस भ्रामक सूचना के प्रचारित होने पर गीता प्रेस व्यवस्था विभाग ने बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा ऐसा किया जा रहा है। जानकारी के अभाव में गीता प्रेस के शुभचिंतक भी इस मैसेज को फारवर्ड कर रहे हैं।
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गीता प्रेस के उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया कि वर्तमान में गीता प्रेस का काम सुचारु रुप से चल रहा है। 15 भाषाओं में लगभग 1800 पुस्तकें गीता प्रेस से लगातार प्रकाशित की जा रही हैं। पुस्तकों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विदेशों से छपाई एवं बाइंडिंग की मशीन मंगाई गई है।
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उन्होंने कहा कि इस अफवाह वाले मैसेज को गीता प्रेस का कोई भी शुभचिंतक आगे फारवर्ड न करें। जिससे गीता प्रेस को बदनाम करने वालों की कोशिशें नाकाम हो जाए।
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2015 में भी उड़ी थी गीता प्रेस के बंद होने की अफवाह
वेतन को लेकर हुए असंतोष के चलते कर्मचारियों ने 2015 में काम बंद कर दिया। विवाद आगे न बढ़े, इसके लिए प्रबंधन ने प्रेस बंद कर दिया था। हालांकि दस दिनों में कर्मचारियों एवं प्रबंधन समझौता हो जाने के बाद प्रेस का काम शुरू हो गया। उसी दौरान मेरठ, दिल्ली, कोलकाता में कुछ लोगों ने गीता प्रेस के बंद होने का संदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित कर चंदा मांगना शुरू कर दिया।