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फर्जी डिग्री : नाम बदलकर धंधा चला रहा था नोएडा का मास्टरमाइंड
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- एनबीडब्ल्यू लेकर इनाम घोषित करने की पुलिस ने शुरू की प्रक्रिया
- खोराबार पीएचसी के डॉक्टर के पास से मिली फर्जी डिग्री का मामला
- फर्जी डिग्री की जांच कराने पंजाब गई खोराबार थाने की पुलिस टीम
गोरखपुर। खोराबार पीएचसी के डॉक्टर के पास से मिली फर्जी मेडिकल की डिग्री बनाने का आरोपी नोएडा का मास्टरमाइंड अपना नाम बदलकर धंधा चला रहा था। गोरखपुर पुलिस टीम कई बार उसकी गिरफ्तारी के लिए ठिकाने पर दबिश दे चुकी है। हर बार पुलिस को निराशा मिली। गोरखपुर पुलिस के अनुसार, उसके घर और ऑफिस से जो कागजात मिले हैं, उस आधार पर मानना है कि नाम बदलकर वह धंधा चला रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए एनबीडब्ल्यू लेकर इनाम घोषित करने प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
खोराबार के पीएचसी के संविदा डॉक्टर के पास से 21 मेडिकल की डिग्रियां मिली थीं। इसमें से 10 डिग्री की जांच पूरी हो गई। इसमें नौ डिग्रियां फर्जी मिली हैं। उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल लखनऊ की एक डिग्री असली भी मिली है। इधर, खोराबार थाने की एक पुलिस टीम आईके गुजराल टेक्निकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की डिग्री की जांच कराने के लिए पंजाब गई है।
पुलिस के मुताबिक, खोराबार पीएचसी का संविदा डॉक्टर राजेश कुमार मेडिकल की डिग्री बनवाने का ठेका लेता था। वह बेरोजगार युवक, युवतियों को बताता था कि देश की कई यूनिवर्सिटी में परिचय है। बिना परीक्षा के ही मेडिकल की डिग्री बनवा दूंगा। जाल में फंसने पर दो लाख से लगाए सात लाख रुपये लोगों से वसूलता था। इसके बाद नोएडा के मास्टरमाइंड को ऑनलाइन रुपये भेजकर डिग्रियां बनवाता था। एक पीड़ित से डीफार्मा की डिग्री बनवाने के नाम पर 1.80 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद फर्जी डिग्री उसे थमा दी थी। जांच में फर्जी मिलने पर पीड़ित ने खोराबार थाने में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने जांच की तब पीएचसी के डॉ. राजेश की पोल खुली। फिर डॉ. राजेश और उसके दोस्त संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना के पठान टोला निवासी सुशील कुमार चौधरी को 24 फरवरी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भिजवाया।
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यहां के नाम पर मिली थीं 21 डिग्रियां
- राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस कर्नाटक यूनिवर्सिटी
- आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड
- ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चुरू, राजस्थान
- उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल
- आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी
- जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद
- आयुष एंड हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़
- आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद
- चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ
फर्जी मेडिकल की डिग्री बनाने वाले आरोपी मास्टरमाइंड की तलाश चल रही है। कई बार पुलिस टीम उसके ठिकाने पर दबिश दे चुकी है। जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डिग्री की जांच कराने के लिए एक टीम पंजाब गई है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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- खोराबार पीएचसी के डॉक्टर के पास से मिली फर्जी डिग्री का मामला
- फर्जी डिग्री की जांच कराने पंजाब गई खोराबार थाने की पुलिस टीम
गोरखपुर। खोराबार पीएचसी के डॉक्टर के पास से मिली फर्जी मेडिकल की डिग्री बनाने का आरोपी नोएडा का मास्टरमाइंड अपना नाम बदलकर धंधा चला रहा था। गोरखपुर पुलिस टीम कई बार उसकी गिरफ्तारी के लिए ठिकाने पर दबिश दे चुकी है। हर बार पुलिस को निराशा मिली। गोरखपुर पुलिस के अनुसार, उसके घर और ऑफिस से जो कागजात मिले हैं, उस आधार पर मानना है कि नाम बदलकर वह धंधा चला रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए एनबीडब्ल्यू लेकर इनाम घोषित करने प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
खोराबार के पीएचसी के संविदा डॉक्टर के पास से 21 मेडिकल की डिग्रियां मिली थीं। इसमें से 10 डिग्री की जांच पूरी हो गई। इसमें नौ डिग्रियां फर्जी मिली हैं। उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल लखनऊ की एक डिग्री असली भी मिली है। इधर, खोराबार थाने की एक पुलिस टीम आईके गुजराल टेक्निकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की डिग्री की जांच कराने के लिए पंजाब गई है।
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पुलिस के मुताबिक, खोराबार पीएचसी का संविदा डॉक्टर राजेश कुमार मेडिकल की डिग्री बनवाने का ठेका लेता था। वह बेरोजगार युवक, युवतियों को बताता था कि देश की कई यूनिवर्सिटी में परिचय है। बिना परीक्षा के ही मेडिकल की डिग्री बनवा दूंगा। जाल में फंसने पर दो लाख से लगाए सात लाख रुपये लोगों से वसूलता था। इसके बाद नोएडा के मास्टरमाइंड को ऑनलाइन रुपये भेजकर डिग्रियां बनवाता था। एक पीड़ित से डीफार्मा की डिग्री बनवाने के नाम पर 1.80 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद फर्जी डिग्री उसे थमा दी थी। जांच में फर्जी मिलने पर पीड़ित ने खोराबार थाने में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने जांच की तब पीएचसी के डॉ. राजेश की पोल खुली। फिर डॉ. राजेश और उसके दोस्त संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना के पठान टोला निवासी सुशील कुमार चौधरी को 24 फरवरी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भिजवाया।
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यहां के नाम पर मिली थीं 21 डिग्रियां
- राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस कर्नाटक यूनिवर्सिटी
- आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड
- ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चुरू, राजस्थान
- उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल
- आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी
- जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद
- आयुष एंड हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़
- आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद
- चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ
फर्जी मेडिकल की डिग्री बनाने वाले आरोपी मास्टरमाइंड की तलाश चल रही है। कई बार पुलिस टीम उसके ठिकाने पर दबिश दे चुकी है। जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डिग्री की जांच कराने के लिए एक टीम पंजाब गई है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी