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Exclusive: दो साल पहले मर चुके व्यक्ति के खिलाफ बेदखली का जारी किया आदेश, जानिए क्या है पूरा मामला

Fri, 08 Jan 2021 10:25 AM IST
vivek shukla राजकुमार यादव, गोला (गोरखपुर)।
राजकुमार यादव, गोला (गोरखपुर)। Published by: vivek shukla Updated Fri, 08 Jan 2021 10:25 AM IST
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eviction notice issued by Former Tehsildar of Gola bazar against dead person in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी जमीन पर कब्जे के एक मामले में 2019 में उस व्यक्ति के खिलाफ तत्कालीन तहसीलदार ने बेदखली का आदेश जारी कर दिया, जिसकी मौत 2017 में ही हो चुकी थी।
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इसी मामले में आईजीआरएस में शिकायत पर हाल ही शासन ने सवाल किया तो भी यह बात छुपाई गई कि मरे हुए व्यक्ति के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी किया गया। सिर्फ शासन को यह बताया गया कि बेदखली का आदेश जारी हो चुका है। जल्द कार्रवाई होगी।
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जानकारी के मुताबिक, गोला तहसील क्षेत्र के बनकट गांव के ब्रजभूषण उपाध्याय ने करीब पांच साल पहले शिकायत की थी कि गांव के ही नवनाथ ने ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराया है। जांच शुरू हुई तो पता चला कि ब्रजभूषण उपाध्याय ने भी ग्राम सभा की जमीन के उसी आराजी नंबर में निर्माण करा रखा है, जहां नवनाथ ने कराया था। इस पर धारा 67 के तहत ब्रजभूषण के खिलाफ वर्ष 2019 में पूर्व तहसीलदार शशि भूषण पाठक ने बेदखली का आदेश पारित किया।
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इसके बाद नवनाथ के खिलाफ भी फरवरी 2020 में बेदखली का आदेश पारित हुआ। पुलिस प्रशासन की मदद से तहसील प्रशासन ने नवनाथ का पक्का निर्माण ध्वस्त करा कर जमीन कब्जामुक्त करा दिया, मगर ब्रजभूषण का निर्माण छोड़ दिया।

पूर्व तहसीलदार का आदेश प्रभावी नहीं

इसके बाद नवनाथ ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की जिसके बाद जांच में पता चला कि ब्रजभूषण के खिलाफ जब 2019 में बेदखली का आदेश जारी हुआ, तो उसके दो साल पहले ही उसकी मौत हो गई थी। यही वजह रही कि ब्रजभूषण का निर्माण नहीं खाली कराया गया, मगर तहसील प्रशासन ने अपनी गलती को छिपाने के लिए असल मामला उजागर नहीं किया। मगर अब जब मामला शासन तक पहुंच गया तो उसे कबूल करना शुरू किया।

एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है, मगर पूर्व तहसीलदार द्वारा जारी आदेश के पहले ही कब्जा करने वाले संबंधित व्यक्ति का देहांत हो गया तो अब वह आदेश प्रभावी नहीं रह गया। मामला सरकारी जमीन पर कब्जे का है, लिहाजा हलका लेखपाल रिपोर्ट देंगे, जिस पर वर्तमान में कब्जा करने वाले मृतक के वारिसों से कब्जा हटाया जा सकता है।

एसडीएम गोला एसडीएम गोला ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। इस तरह की कार्रवाई तहसीलदार स्तर से होती है। यदि बेदखली का आदेश दोनों के खिलाफ हुआ है तो कार्रवाई भी दोनों पर होनी चाहिए। तहसीलदार से मामले के बारे में पता करूंगा। शिकायत सही पाए जाने पर मौके पर कब्जा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

तहसीलदार गोला प्रद्युमन ने बताया कि जिस ब्रजभूषण उपाध्याय के खिलाफ नवंबर 2019 में आदेश पारित हुआ है उसकी 2017 में ही मृत्यु हो चुकी है। जब मुझे शिकायतकर्ता की तरफ से बेदखली कराने के लिए प्रार्थना पत्र मिला तब मुझे इसकी जानकारी हुई। मैंने इसकी रिपोर्ट मांगी है कि उस जमीन पर कौन काबिज है। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर उसे बेदखल कर जमीन कब्जा मुक्त कराई जाएगी।
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