गोरखपुर में भूकंप: हर कोई सड़क पर...एक ही प्रार्थना फिर ना डोले धरती
शुक्रवार की रात 11:32 बजे के करीब घरों में चैन की नींद सो रहे लोगों को अचानक से कंपन का अहसास हुआ तो आंख खुल गई। छत पर लगे पंखे हिलते नजर आए। अन्य सामान भी हिलता हुआ महसूस हुआ। जिसके बाद लोग समझ गए कि ये भूकंप के झटके हैं। डर और सुरक्षा के लिहाज से तुरंत घर से बाहर निकल आए।
विस्तार
गोरखपुर में शुक्रवार की देर रात भूकंप का अचानक झटका आ गया। पहली बार तो लोग समझ ही नहीं पाए, लेकिन दूसरी बार झटका आते ही लोग घरों से बाहर आ गए। कोई बच्चों को बचाते हुए परेशान दिखा तो कोई घर से जरूरी सामान लेने के लिए घर में दाखिल होने की कोशिश करता। इन सब के बीच सबके जुबां पर एक ही प्रार्थना थी कि धरती फिर से ना डोले, सब खैरियत से रहें। कोई भगवान से मन्नत मांग रहा था तो कोई अल्लाह से दुआ करते सुना गया। हर जगह अफरा-तफरी मच गई थी।
शुक्रवार की रात 11:32 बजे के करीब घरों में चैन की नींद सो रहे लोगों को अचानक से कंपन का अहसास हुआ तो आंख खुल गई। छत पर लगे पंखे हिलते नजर आए। अन्य सामान भी हिलता हुआ महसूस हुआ। जिसके बाद लोग समझ गए कि ये भूकंप के झटके हैं। डर और सुरक्षा के लिहाज से तुरंत घर से बाहर निकल आए। परिवार के सभी सदस्यों को भी बाहर ले आए। एक-दूसरे को फोन कर भूकंप आने की सूचना दी तो अन्य लोग भी घरों से बाहर आ गए। इंटरनेट आदि के माध्यम से घटनाक्रम जानने की कोशिश करने लगे। करीब एक घंटे तक लोग घर से बाहर रहे। शहर के रुस्तमपुर में भी लोग भूकंप आने से दहशत में रहे।
घरों से बाहर आकर कुछ लोग खाली मैदान या सड़कों पर ही बैठ गए। लोग गहरी नींद में थे, जो अचानक झटके महसूस होने पर घर से भाग निकले। शुरूआत में उन्हें कुछ पता ही नहीं चला। दूसरा झटका आने पर भांप लिया कि यह भूकंप है। सोशल मीडिया पर मेसेज का सिलसिला शुरू हो गया। बेतियाहाता, तारामंडल, बगहा बाबा, शिवपुरी कॉलोनी आदि के लोगों ने फोन कर अन्य लोगों को जानकारी दी। सरस्वती देवी, प्रिया, सत्यम सिंह, अनुकृति आदि लोगों ने बताया कि भूकंप के झटके तेज होने से दरवाजे हिलते हुए नजर आए। पीपीगंज निवासी रेखा ने बताया कि उन्होंने झटके महसूस किए। कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने तेज झटके महसूस नहीं किए।
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25 अप्रैल 2015 को आया था दिल दहलाने वाला भूकंप
होटल के बाहर अचानक अफरातफरी देख लोगों के जेहन में करीब पांच साल पहले 25 अप्रैल 2015 को आए दिल दहला देने वाले भूकंप की याद ताजा हो गई। रुस्तमपुर के मनोज सिंह ने बताया कि बुधवार को वह दोस्तों के साथ होटल क्लार्क के रेस्त्रां में जा रहे थे। बाहर बड़ी संख्या में भीड़, एंबुलेंस और पुलिस को देख वे सहम गए।
उन्हें लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया। इसी बीच भीड़ से भूकंप शब्द निकला। बिना दिमाग पर जोर दिए एक पल के लिए उन्हें लगा कि वास्तव में भूकंप आ गया और फिर 2015 के भूकंप से मचे हड़कंप की तस्वीर उनके सामने घूम सामने आ गई। हालांकि अगले ही पल जब वे संभले तो उन्हें समझ में आ गया कि इतनी तीव्रता का भूकंप आता तो उन्हें भी एहसास होता।
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अचानक खुल गई नींद
बच्चे को सुलाने के बाद खुद भी सोने जा रही थी। तभी अचानक बेड हिलने लगा। पहले लगा कि बच्चा बदमाशी कर रहा है, लेकिन फिर समझ में आ गया कि भूकंप आ गया है। तत्काल बाहर आ गई। बच्चे को भी लेकर आई। बहुत डरी हूं। - सरस्वती, रुस्तमपुर
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डर गई है बच्ची
मेरी बेटी नींद में थी कि अचानक भूकंप से गिलास गिर गया। उसकी नींद अचानक खुल गई और कंपन महसूस करके रोने लगी। बाहर आई तो सभी लोग घर से बाहर थे और उनकी बातें सुनने के बाद वह भी डर गई थी। लंबे समय बाद ऐसा देखा है। - प्रिया, आजाद चौक
बाहर रहें और घबराएं नहीं
- इमारतों से दूर रहने की कोशिश करें और खुले क्षेत्र में जाएं
- अगर आप किसी भीड़-भाड़ वाली जगह जैसे शॉपिंग मॉल, स्कूल या अस्पताल में हैं, तो किसी मजबूत वस्तु से खुद को ढक लें।
- अपने वाहन को किसी ऐसे स्थान पर ले जाएं जहां सड़क अवरुद्ध न हो और गाड़ी चलाना बंद कर दें।
आपातकालीन वाहनों के गुजरने के लिए जगह छोड़ें
- अपने वाहन को अंडरपास, बिल्डिंग, ओवरपास, पुल आदि के पास रोकने से बचें।
- अपने वाहन के अंदर रहें और किसी के न आने की प्रतीक्षा करें
- आपातकालीन अधिकारियों के निर्देशों को जानने के लिए वाहन में रेडियो चालू करें।
भूकंप के बाद क्या करें?
- जानिए भूकंप के बाद घर में क्या करना चाहिए
- यह पता लगाने के लिए अपने घर को देखें कि क्या कोई क्षति हुई है।
- रेडियो चालू करें और बचाव तथा आपातकालीन अधिकारियों की जानकारी से अपडेट रहें।
- अधिकृत अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- माचिस की तीली न जलाएं या गैस चालू न करें जब तक कि आप यह सुनिश्चित न कर लें कि भूकंप के बाद कोई ज्वलनशील तरल पदार्थ नहीं गिरा है या गैस लीक नहीं हुई है।
- शौचालय को फ्लश करने से पहले देखें कि सीवर लाइन ठीक काम कर रही हैं या नहीं।
- यह सुनिश्चित करें की आपके दोस्त, परिवार के सदस्य और पड़ोसी ठीक हैं।
- अगर आपको सहायता की आवश्यकता हो तो दरवाजे या खिड़की पर कोई संकेत चिह्न लगाएं।