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आश्रय पालना स्थल से हर नवजात को मिलेगा जीने का अधिकार : प्रांच प्रचारक

Sun, 25 Jun 2023 12:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jun 2023 12:49 AM IST
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Every newborn will get the right to live from the place of shelter: Pranch campaigner
आश्रय पालना स्थल से हर नवजात को मिलेगा जीने का अधिकार : प्रांच प्रचारक
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 100 बेड बाल रोग विभाग के पास आश्रय पालना स्थल का हुआ लोकार्पण
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मेयर की अपील, नवजात शिशु, फेंकें नहीं हमें दें
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आश्रय पालना स्थलों के माध्यम से हर अनचाहे नवजात शिशु को जीने का अधिकार मिलेगा। साथ ही इच्छुक दंपती इन मासूम को विधि अनुरूप गोद ले कर अपना परिवार पूरा कर सकेंगे। इन्हें स्वस्थ, सुरक्षित एवं खुशनुमा माहौल में स्नेह और सम्मान के साथ विकसित होने का अवसर प्राप्त होगा। अच्छी परवरिश से यह मासूम समाज एवं राष्ट्र के लिए अमूल्य संपत्ति बन सकेंगे।
ये बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक सुभाष ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 100 बेड बाल रोग विभाग के पास आश्रय पालना स्थल के लोकार्पण के मौके पर कहीं। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी परिवार में किसी भी कारण वश कोई अनचाही संतान जन्म लेती हैं, तो उसे मारे या इधर-उधर फेंकें नहीं। अपनी पहचान बताए बिना उसे इस आश्रय पालना स्थल में छोड़ जाएं। छोड़ने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि आश्रय पालना स्थल हाईटेक मोशन सेंसर से युक्त है। पालना स्थल में शिशु को छोड़ने के दो मिनट बाद बाल रोग के एनआईसीयू के इमरजेंसी रूम में घंटी बजेगी। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी आश्रय पालना स्थल से शिशु को लेकर उसका इलाज शुरू करेंगे।
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मां भगवती विकास संस्थान उदयपुर के संस्थापक संचालक योग गुरु देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि अनचाहे नवजात शिशु विशेष रूप से बेटियां, जिन्हें जन्म लेते ही क्रूरता पूर्वक डस्टबिन, कटीली झाड़ियों, नदी, तालाब, कुएं में फेंक दिया जाता है। इसमें कईयों की मौत हो जाती है और कई गलत कामों में ढकेल दी जाती है। इसे रोकने के लिए यह मुहिम शुरू की गई है।

कार्यक्रम के अंत में नेहरु अस्पताल के एसआईसी डॉ. राजेश कुमार राय ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र शर्मा, डॉ. राम कुमार जायसवाल, डॉ. पीएन सिंह आदि मौजूद रहे।
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