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बदल रहा है गोरखपुर: निजी बसों का शहर में प्रवेश पूरी तरह बंद, जाम से मिला छुटकारा

Tue, 03 Oct 2023 12:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 03 Oct 2023 12:00 PM IST
सार

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल ने कहा कि नंदानगर बस पार्किंग स्थल का जायजा लेकर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। इसका टेंडर भी कर दिया गया है। जल्द ही व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त कर दी जाएगी।

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Entry of private buses completely stopped in gorakhpur relief from jam
निजी बसों के लिए नंदा नगर में बस स्टैंड बन गया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए निजी बसों का प्रवेश सोमवार से पूरी तरह बंद करा दिया गया है। अगले चरण में मेडिकल कॉलेज के पास बने स्टैंड को दुरुस्त किया जाएगा। विश्वविद्यालय चौराहे से बसों को नंदानगर स्टैंड से चलाने के बाद रविवार को मोहद्दीपुर रूट की सड़कों पर गाड़ियां आसानी से फर्राटा भरती रहीं। उसके बाद से इस रूट पर पूरे दिन जाम नहीं लगा।

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इसी के साथ देवरिया, कुशीनगर और बिहार रूट की बसों को अब नंदानगर में बने स्टैंड से चलाया जा रहा है। नगर निगम ने यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं के लिए भी वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। मसलन, पीने के लिए पानी के टैंकर खड़े किए जा रहे हैं और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी की गई है। स्टैंड पर लाइटें भी लगा दी गई हैं। जल्द ही बसों के आने-जाने के लिए अलग रास्ते बनाए जाएंगे।
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एडीजी अखिल कुमार की अगुवाई में कमिश्नर अनिल ढींगरा और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल सहित अन्य अधिकारियों ने 21 सितंबर को यूनिवर्सिटी चौक रोडवेज बस डिपो का निरीक्षण करके मास्टर प्लान तैयार किया। इसमें नंदानगर में टीबी अस्पताल के पास खाली जगह पर एक अक्तूबर से निजी बसों को चलाने का फैसला हुआ। जबकि महराजगंज रूट के लिए मेडिकल कॉलेज के पास खाली जगह चिह्नित हुई। रविवार की दोपहर नंदानगर से निजी बसों का संचालन शुरू हो गया। लेकिन यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई।
 

रविवार को नगर आयुक्त ने नंदानगर स्टैंड का निरीक्षण किया। उन्होंने महाप्रबंधक जलकल और सहायक अभियंता अशोक सिंह को निर्देश दिया कि शौचालय और पीने के पानी का तत्काल इंतजाम कराएं। इसके बाद पानी के टैंकर पहुंचाए गए और मोबाइल टॉयलेट भी खड़ा कर दिया गया। रात में लाइटें भी लग गईं। इस व्यवस्था से यात्रियों को बहुत राहत मिली।

नगर आयुक्त ने बस स्टैंड के चारों ओर तारों से फेसिंग कराने, प्रवेश और निकास के रास्ते पर मलबा गिराने के लिए अवर अभियंता अवनीश भारती को निर्देशित किया। उनके निर्देश पर नंदानगर बस स्टैंड के रखरखाव और संचालन के लिए टेंडर भी जारी हो गया।

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अब जरूरत पैड़लेगंज की बसों के लिए भी
बिहार की ओर जाने वाली बसों के लिए नंदानगर में पार्किंग बना दी गई है। अब पैडलेगंज चौराहे से बड़हलगंज, बांसगांव और गोला के लिए चलने वाली निजी बसों को भी शहर के बाहर से संचालित करने की जरूरत है। अभी निजी बसें निर्माणाधीन सिक्सलेन पर ही खड़ा की जा रही हैं। इनके आसपास ई-रिक्शा व ऑटो खड़ा होने से लोगों को दिक्कतें हैं। इन बसों के लिए भी स्टैंड बन जाए तो यह सड़क भी खाली हो जाएगी।

प्राइवेट बस संचालकों ने सीएम को दिया पत्र
गोरखपुर प्राइवेट बस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र दिया गया। इसमें सिटी और स्टैट कांटेक्ट परमिट से संचालित मिनी बसों की समस्या से सीएम से अवगत कराया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल, राजेश कुमार सिंह, रामचरन सिंह, अशोक कुमार सिंह, विचित्र सिंह और मोहम्मद शाहिल अंसारी सहित अन्य लोगों ने सीएम को पत्र देकर बताया कि कुलसचिव आवास के पास बने पार्किंग से बसों का संचालन होता रहा है।

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यहां बसों के खड़े करने पर चालान और सीज किया जाता है। जबकि बस संचालक हर माह पांच से छह हजार रुपये का राजस्व जमा कराते हैं। इसलिए, कुलसचिव आवास के पास बने स्टैंड को प्राइवेट बस स्टैंड के रूप में आवंटित किया जाए। बिना किसी व्यवस्था के बसों को शहर के बाहर कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों, मजदूर, मरीज और व्यापारियों को परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से शहर के बाहर बस स्टैंड आवंटित करने पर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं।

बोले यात्री
नंदानगर स्टैंड पर पानी और शौचालय का इंतजाम है। कभी-कभी महराजगंज जाना पड़ता है, अगर वहां भी स्टैंड बना दिया जाए तो सहूलियत होगी।-राजू प्रसाद, यात्री।

पुरुषों का काम तो किसी तरह से चल जाता है, लेकिन महिलाओं को दिक्कत होती है। इसलिए सभी बस स्टैंड पर बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। एक शेड बना दें ताकि बारिश होने पर भींगना न पड़े।-राजकुमार, यात्री।

बसों के इंतजार में काफी समय लगता है। समय गुजारने के लिए बैठने का इंतजाम भी होना चाहिए। पहले दिन तो बहुत खराब स्थिति थी पर आज तो बेहरत है।-विवेकानंद, यात्री

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निजी बसें शहर के बाहर से चलने लगी हैं, यह अच्छा है। हम लोगों को अगर बस स्टैंड के पास साधन मिल जाए तो कोई दिक्कत नहीं है। अब तो नंदानगर स्टैंड के पास बहुत सारे ठेले-फड़ वाले दुकानें लगा लिए हैं। -किशन गुप्ता, दुकानदार।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल ने कहा कि नंदानगर बस पार्किंग स्थल का जायजा लेकर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। इसका टेंडर भी कर दिया गया है। जल्द ही व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त कर दी जाएगी।
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