फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   English rule will end in NER soon in Gorakhpur

Exclusive: जल्द ही एनईआर में खत्म हो जाएंगी अंग्रेजी हुकूमत में बिछाई छोटी लाइनें

Mon, 18 Apr 2022 04:37 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 18 Apr 2022 04:37 PM IST
सार

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि कभी छोटी लाइन के नाम से मशहूर पूर्वोत्तर रेलवे में 90 प्रतिशत से ज्यादा नेटवर्क बड़ी लाइन में परिवर्तित हो चुका है। शेष लाइनों के आमान परिवर्तन का कार्य प्रगति पर है।

विज्ञापन
English rule will end in NER soon in Gorakhpur
छोटी लाइन (मीटर गेज) पर चलती ट्रेन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पूर्वोत्तर रेलवे में जल्द ही अंग्रेजी हुकूमत के समय बिछाई गई छोटी लाइनें  (मीटर गेज) देखने को नहीं मिलेंगी। सिर्फ चार रूटों पर 283 किमी. लंबाई में छोटी लाइनें बची हैं, जिसमें 170 किमी लंबी मैलानी-नानपार लाइन को पर्यटन क्षेत्र में शामिल किया गया है। यानी 97 फीसदी बड़ी लाइनें बिछ चुकी हैं। बाकी बची तीन रूटों पर दो सील के भीतर ही बड़ी लाइनें (ब्रॉड गेज) बिछ जाएंगी।

विज्ञापन


पूर्वोत्तर रेलवे में कुल 3470.90 किमी रेलवे लाइन बिछी हुई हैं। बीते पांच वर्षों में यहां तेजी से आमान परिवर्तन पर ध्यान दिया गया है। इंदारा-दोहरीघाट, बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड और शाहगढ़-पीलीभीत रेल खंड पर लाइनें अभी भी मीटर गेज की हैं। इसमें भी इंदारा-दोहरीघाट में तेजी से काम चल रहा है, वर्ष 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। अन्य दो रूटों पर भी दो वर्षों में काम पूरा होने की संभावना है।  

विज्ञापन

पर्यटन के लिए छोड़ दी गई मैलानी-नानपार लाइन

पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में मैलानी-नानपार रेल खंड की 170 किमी लंबी लाइन मीटर गेज की है। यह लाइन दुधवा नेशनल पार्क होकर जाती है। इसे पर्यटन के लिहाज से बेहद मुफीद माना गया है। गोरखपुर से मैलानी तक इस रूट पर एक ट्रेन चलाई जाती है, जिसमें पर्यटक कोच भी लगते हैं। पर्यटन के लिहाज से ही इस मीटर गेज लाइन को नहीं बदलने का निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन


 

सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें

रेल लाइनें मीटर गेज से ब्रॉडगेज में बदल दिए जाने के बाद ट्रेनें सरपट दौड़ेंगी। एक ओर जहां हाई स्पीड ट्रेनों के दौड़ने से यात्रियों को फायदा मिलेगा, वहीं मालगाड़ियों को रफ्तार मिलने से रेलवे का मुनाफा होगा।

मीटर व ब्रॉड गेज में अंतर

मीटर गेज अंग्रेजों के समय की बिछाई गई रेल लाइनें हैं। जब, भाप के इंजन से ट्रेनें चलती थी। मीटर गेज में दो पटरियों के बीच की दूरी एक मीटर है, जबकि ब्रॉड गेज में पटरियों के बीच की दूरी 1.676 मीटर है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि कभी छोटी लाइन के नाम से मशहूर पूर्वोत्तर रेलवे में 90 प्रतिशत से ज्यादा नेटवर्क बड़ी लाइन में परिवर्तित हो चुका है। शेष लाइनों के आमान परिवर्तन का कार्य प्रगति पर है। 87 प्रतिशत से ज्यादा नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है। अनेक विश्वस्तरीय सुविधाएं युक्त स्टेशनों के साथ, विश्व के सबसे लंबे प्लेटफॉर्म होने का गौरव भी पूर्वोत्तर रेलवे को प्राप्त है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed