Gorakhpur: बिजलीकर्मियों की हड़ताल ने गीडा के उद्योगों को लगाया 200 करोड़ का फटका
गीडा में 600 से अधिक फैक्ट्रियां संचालित की जाती है। इनमें 100 से अधिक फैक्ट्रियां बड़ी हैं। हालांकि, इनमें सरिया, डिस्टलरी की फैक्ट्रियां खुद बिजली का उत्पादन करती हैं। इनका खुद का फीडर भी है।
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बिजली कर्मचारियों की तीन दिनों की हड़ताल से गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के उद्योगों को 200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उद्यमियों ने ओवरटाइम कराने का फैसला लिया है, ताकि समय से उत्पादों की आपूर्ति की जा सके। वहीं, रविवार को सेक्टर-13 व 15 के चार सब फीडरों में फाल्ट की वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित रही। इससे कई कारखानों में उत्पादन नहीं हो पाया।
गीडा क्षेत्र के उद्योगों में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का पहले ही दिन से व्यापक असर रहा। शुक्रवार को 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उद्यमियों को झेलना पड़ा। दूसरे दिन शनिवार को कमिश्नर के निर्देश पर बिजली आपूर्ति शुरू कराने के लिए चेंबर ऑफ इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष आरएन सिंह सहित अन्य पदाधिकारी लगे रहे। इसके बावजूद तीन बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।
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वहीं, सेक्टर-15 के दो फीडरों में फाल्ट ठीक नहीं हो पाया। इस कारण 12 यूनिटों में उत्पादन नहीं हो पाया। तीसरे दिन रविवार को फाल्ट पांच बजे के बाद ठीक हो पाया। इसके बाद कारखानों का संचालन शुरू हो पाया है। हालांकि, रविवार को अवकाश का दिन होने की वजह से गीडा में 70 फीसदी फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। इस वजह से नुकसान कम हुआ।
गीडा में 600 से अधिक फैक्ट्रियां होती हैं संचालित
गीडा में 600 से अधिक फैक्ट्रियां संचालित की जाती है। इनमें 100 से अधिक फैक्ट्रियां बड़ी हैं। हालांकि, इनमें सरिया, डिस्टलरी की फैक्ट्रियां खुद बिजली का उत्पादन करती हैं। इनका खुद का फीडर भी है। अंकुर स्टील के निदेशक निखिल जालान ने बताया कि यूनिट में खुद ही बिजली का उत्पादन होता है। इस वजह से सप्लाई बाधित नहीं हुई। छोटी यूनिटों पर बिजली कटौती का असर ज्यादा रहा है।
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नुकसान की भरपाई के लिए कराएंगे ओवरटाइम
चैंबर ऑफ इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए ओवरटाइम कराना पड़ेगा। इसकी बड़ी वजह मार्च का महीना है। इस महीने में हर उद्यमी के पास माल की सप्लाई करने का दबाव होता है। डिलीवरी का समय तय होता है। ऐसी स्थिति में ओवरटाइम कराना मजबूरी है।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्री उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से तीन दिन बिजली की कटौती हुई, जिससे गीडा के उद्यमियों को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मार्च माह में इस नुकसान ने ज्यादा दिक्कत कर दी है। रविवार को कई बड़ी फैक्ट्रियां पूरे दिन बंद रहीं। इस वजह से काफी नुकसान हुआ है।