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किसान आंदोलन के कारण शहर के व्यापारियों का माल रास्ते में अटका

Thu, 17 Dec 2020 01:35 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 01:35 AM IST
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Due farmer agitation, goods traders city got stuck on the way
किसान आंदोलन के कारण शहर के व्यापारियों का माल रास्ते में अटका
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गोरखपुर। दिल्ली की सीमा पर 20 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन का असर शहर के गर्म कपड़ों के कारोबार पर पड़ रहा है। किसान आंदोलन की वजह से पंजाब के लुधियाना से गर्म कपड़ों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लगभग 150 करोड़ रुपये के गर्म कपड़ों से लदे ट्रक पंजाब या दिल्ली की सीमा पर फंस गए हैं। ट्रांसपोर्टर माल पहुंचाने के लिए 12 से 15 दिन का समय मांग रहे हैं।
गर्म कपड़ों के व्यापारियों का कहना है कि यदि किसान आंदोलन लंबा चला तो करोड़ों रुपयों का नुकसान हो जाएगा। थोक कारोबारियों को लगता है कि अगर 15 दिसंबर से पहले माल फुटकर दुकानों पर नहीं पहुंचा तो मुनाफा तो दूर पूंजी निकलनी भी मुश्किल हो जाएगी। क्योंकि 25 दिसंबर के बाद लोग गर्म कपड़ा खरीदने से कतराने लगते हैं। व्यापारियों का कहना है कि हम किसानों के आंदोलन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों को सड़क खाली कर देनी चाहिए, ताकि माल वाहक वाहन आ-जा सकें।
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बता दें कि गोरखपुर गर्म कपड़ों के मामलों में पूर्वी उत्तर प्रदेश का बड़ा केंद्र है। यहां से सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, महाराजगंज, बस्ती, देवरिया और बिहार के गोपालगंज व सिवान से लेकर नरकटियागंज तक गर्म कपड़ों की आपूर्ति की जाती है। पहले लॉकडाउन की वजह से व्यापारियों ने इस बार माल कम मंगवाया था। अब सीजन के बीच में लुधियाना से आने वाला माल रास्ते में फंस गया है। ऐसे में व्यापारियों को आशंका है कि यदि माल पहुंचने में देरी हुई तो तब तक ठंड का पीक सीजन निकल जाएगा। फिर माल आ भी गया तो बिकेगा नहीं। इससे व्यापारियों को भारी नुकसान हो जाएगा।
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स्टॉक आने में देरी हुई तो होगी दिक्कत
पहले कोरोना की वजह से गर्म कपड़ों के स्टाक तैयार होने और उनके आर्डर बुक करने में काफी वक्त निकल गया। इस समय सभी वर्ग के लोगों के लिए गर्म कपड़ों की जरूरत होती है। लगभग 30 से 35 लाख रुपये का स्टाक पंजाब-दिल्ली सीमा पर फंसा है। अगर समय से नहीं आया तो काफी दिक्कत होगी।

- वैभव अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी
ट्रांसपोर्ट में रुका है गर्म कपड़ों का स्टॉक
अभी तक कोरोना की वजह से व्यापार ठप था। शादी त्योेहार का सीजन भी ऐसे ही गुजर गया। अब किसानों के आंदोलन की वजह से मॉल ट्रांसपोर्ट में फंस गया है। एक-दो दिन में स्थिति सामान्य नहीं हुई तो काफी नुकसान हो जाएगा। लुधियाना में गर्म कपड़े भी महंगे हो गए हैं। किसानों के आंदोलन की वजह से स्टाक आने में देरी हो रही है।
- मणिनाथ गुप्ता, कपड़ा व्यापारी
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