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सोना तस्करी में पहले भी गिरफ्तार हुआ था ये सराफ, पीएम मोदी को इसलिए दी थी चुनौती

Sat, 05 Sep 2020 05:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Sep 2020 05:51 PM IST
सार

  • डीआरआई ने मार्च में छापा मारकर सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष को दबोचा था, अभी पेरोल पर
  • सटीक निशानदेही पर बजरंग बुलियन ट्रेडर्स के प्रतिष्ठानों पर एक साथ की गई कार्रवाई

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DRI Team investigated Ex president of Sarafa Mandal sharad chandra for smuggling gold in gorakhpur
बाएं पीएम मोदी, दाएं शरद चंद्र अग्रहरी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने शुक्रवार को सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी के गोरखपुर, दिल्ली व लखनऊ स्थित प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की। दिनभर की तलाशी में तस्करी का करीब पांच किलोग्राम सोना बरामद हुआ।
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गौरतलब है कि सराफा व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी पहले भी सोना तस्करी के आरोपों से घिरे थे। डीआरआई ने गत मार्च में छापा मारकर सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष को दबोचा था, फिर सोना तस्करी के आरोपों में जेल भेज दिया था।
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डीआरआई ने शरद चंद्र अग्रहरी के खिलाफ पिछली बार लखनऊ में केस दर्ज किया गया था। डीआरआई के अफसरों के मुताबिक तब शरद को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तारी पहले हुई थी। तभी से सोना तस्करों पर निगाह रखी जा रही थी।
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शरद जेल से छूटकर आया तो तस्करी का खेल फिर से शुरू हो गया। सटीक निशानदेही पर गोरखपुर के बजरंग बुलियन ट्रेडर्स व लखनऊ के प्रतिष्ठानों पर अलग-अलग टीमों ने छापेमारी की तो पोल खुल गई।

नेपाल के रास्ते होती है सोने की तस्करी

गोरखपुर और लखनऊ की टीम की दिनभर की कार्रवाई में करीब पांच किलोग्राम तस्करी का सोना बरामद हुआ है। इसके दस्तावेज शरद के पास नहीं मिले हैं। डीआरआई के मुताबिक शरद चंद्र अग्रहरी व उनके बेटे से पूछताछ की जा रही है। अगर सोने से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले तो गिरफ्तारी की जा सकती है। गोरखपुर और लखनऊ की टीमों की कार्रवाई जारी है।

पूछताछ में तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सोना तस्करी में लिप्त कुछ और लोगों के नाम, मोबाइल नंबर मिल चुके हैं। जल्द ही इन सबकों गिरफ्त में लिया जाएगा। इस सिलसिले में शरद का पक्ष नहीं मिल सका है। जब भी उनका पक्ष आएगा उसे प्रकाशित किया जाएगा।

गड़बड़ी की आशंका में ही डीआरआई एक बार पहले भी बजरंग बुलियन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर के घर और प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था। डीआरआई के मुताबिक सोना व चांदी की तस्करी का खेल पुराना है। इसके मास्टर माइंड गोरखपुर में बैठे हैं। नेपाल के रास्ते सोना तस्करी करके लाया जाता है फिर भारत के अलग-अलग शहरों में बेचा जाता है।

पांच युवकों की गिरफ्तारी से खुला था खेल

डीआरआई लखनऊ व गोरखपुर जोन की टीम ने 6 मार्च 2020 को बाराबंकी और नेपाल बॉर्डर से पांच युवकों को नेपाल से तस्करी कर लाए गए सात किलोग्राम सोने के साथ गिरफ्तार किया था। सोना गोरखपुर से कानपुर भेजा जा रहा था। गिरफ्तार युवकों ने ही सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष व बजरंग बुलियन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर शरद चंद अग्रहरी का नाम लिया था। कहा था कि यह सोना शरद का ही है।

तब बरामद हुई थी 200 किलोग्राम चांदी
सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष के घर व प्रतिष्ठानों पर जब पहली बार डीआरआई का छापा पड़ा था तब करीब 200 किलोग्राम चांदी बरामद हुई थी। इससे संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। पहले शरद चंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। बाद में जेल भेज दिया गया था। स्टाक रजिस्ट्रर में भी गड़बड़ी मिली थी।
 
पीएम को दी थी चुनौती
सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी ने नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि कालाधन लगातार खपाएंगे, जिसकी हैसियत हो, वह कार्रवाई करे।
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