Gorakhpur News: गुजरात की कंपनी ने शुरू किया सर्वे, गोड़धोइया नाले की ड्रेजिंग का काम भी हुआ शुरू
मेडिकल काॅलेज रोड से लेकर रामगढ़ताल तक करीब नौ किमी लंबे गोड़धोईया नाले को लेकर गुजरात की फर्म के कर्मचारी जीपीएस सर्वे कर रहे हैं। जल निगम द्वारा डीपीआर के मुताबिक नाला 11 मीटर से लेकर 32.5 मीटर चौड़ा होगा। इसके दोनों तरफ 3.75 मीटर चौड़ी सड़क और एक मीटर में हरियाली होगी।
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गोरखपुर के गोड़धोइया नाले की सुंदरीकरण का काम शुरू हो गया। इसकी शुरुआत गुजरात की एक फर्म ने मेडिकल कॉलेज रोड से लेकर रामगढ़ ताल तक करीब नौ किलोमीटर लंबे नाले के सर्वे से की है। सुंदरीकरण के लिए पहले चरण में 474 करोड़ रुपये के काम का टेंडर हुआ है।
करीब नौ किलोमीटर लंबाई वाले गोड़धोईया नाले के सुंदरीकरण को लेकर पिछले दिनों बजट में 600 करोड़ रुपये का आवंटन भी हुआ है। इसके साथ ही जल निगम ने बारिश से पहले जलभराव की संभावित समस्या को देखते हुए जलनिगम ने पोकलेन मशीनों से नाले की ड्रेजिंग का काम शुरू कर दिया है।
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योजना के तहत मेडिकल काॅलेज रोड से लेकर रामगढ़ताल तक करीब नौ किमी लंबे गोड़धोईया नाले को लेकर गुजरात की फर्म के कर्मचारी जीपीएस सर्वे कर रहे हैं। जल निगम द्वारा डीपीआर के मुताबिक नाला 11 मीटर से लेकर 32.5 मीटर चौड़ा होगा। इसके दोनों तरफ 3.75 मीटर चौड़ी सड़क और एक मीटर में हरियाली होगी। नाले के दोनों तरफ से सात वार्डों के मोहल्लों के 44 हजार से अधिक मकान को सीवर लाइन से जोड़ने का काम मई महीने से शुरू होगा।
मई में शुरू हो सकता है घरों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम
गोड़धोईया नाले के अगल-बगल के मोहल्लों के 44 हजार से अधिक घरों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम भी मई महीने में शुरू हो सकता है। सीवर लाइन को जगह-जगह गोड़धोईया नाले से कनेक्ट किया जाएगा। वहीं रामगढ़ताल के पास एसटीपी का निर्माण किया जाना है। मेडिकल कॉलेज के पास गोड़धोईया नाला शुरू होता है। शुरुआत के गोड़धोईया नाला करीब 11 मीटर चौड़ा होगा।
मैत्रीपुरम, बिछिया होते हुए आरपीएफ कालोनी के तरफ गोड़धोईया नाला 32.5 मीटर चौड़ाई में साफ होगा। नाले के दोनों तरफ 3.75 मीटर चौड़ाई में सीसी सड़क बनेगी। इसके बाद एक मीटर में हरियाली रहेगी। 9 किमी लंबे नाले के दोनों तरफ के मोहल्लों में रहने वालों की आवाजाही के लिए जगह-जगह पुल बनाया जाना है।
कुछ स्थानों पर पुराने पुल को तोड़कर नया पुल भी प्रस्तावित किया जा रहा है। इसके लिए गुजरात की फर्म के कर्मचारी सर्वे कर रहे हैं। कर्मचारी नाव द्वारा विशेष मशीन से जीपीएस सर्वे कर रहे हैं। सर्वे में देखा जा रहा है कि नाला किस स्थान पर कितना गहरा है। कितना चौड़ा है। फर्म के कर्मचारियों के अनुसार सर्वे में 10 से 12 दिन लग सकता है।
जलनिगम एक्सईएन रतनसेन सिंह ने कहा कि गोड़धोईया नाले के टेंडर की औपचारिकता पूरी हो गई है। गुजरात की फर्म को टेंडर मिला है। फर्म के तकनीकी कर्मचारियों ने जीपीएस सर्वे का काम शुरू कर दिया है। फाइनल मेजरमेंट के बाद काम शुरू होगा। पहली प्राथमिकता नाले की ड्रेजिंग है। ताकि बारिश में लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। 2024 तक नाले के सुंदरीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य है।