इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारियों का कहना है कि लोग जितनी लापरवाही बरतेंगे, उतनी ही तेजी से तीसरी लहर का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चिंता जताई है कि अगर अभी नहीं चेते तो अगस्त के तीसरे सप्ताह में कोरोना की तीसरी लहर कहर ढा सकती है।
बता दें कि कोरोना के संक्रमित मरीज भले ही कम हो गए हैं. लेकिन अभी कोरोना की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है। इन सबके बीच लोगों की लापरवाही विशेषज्ञों को चिंता में डाले हुए है। आईएमए गोरखपुर की शाखा का कहना है कि जहां लोग सितंबर और अक्तूबर में तीसरी लहर का अनुमान लगा रहे हैं, अगर यही हालात रहे तो 15 अगस्त के बाद ही तीसरी लहर की दस्तक हो सकती है।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि आईएमए की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने जो बात कही है, वह एकदम सही है। वजह है लोग अब एकदम लापरवाह हो गए हैं। जिन लोगों के घरों में लोग दूसरी लहर में बीमार हुए हैं वे भी खूब घूम रहे हैं। इसका सीधा अर्थ है कि लोग कोरोना महामारी को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में तीसरी लहर से इनकार नहीं किया जा सकता है।
आईएमए सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल ने कहा कि दूसरी लहर का यह इंटरवल है। इसमें लोग संजीदा नहीं हो रहे हैं, जबकि हमें महामारी ने सिखा दिया है कि सतर्क हो जाया जाए। इसके बाद भी लगातार लापरवाही बढ़ती जा रही है। ऐसे में तीसरी लहर सितंबर के बजाय अगस्त के तीसरे सप्ताह में भी आ सकती है। इस बार खतरा बढ़ा होगा, इस पर अभी से कुछ कहां भी नहीं जा सकता है।
कोरोना प्रोटोकाल का रखें ध्यान
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि लोग बेवजह न घूमें। मास्क जरूर लगाएं। दो गज की दूरी का पालन करें और सेनेटाइजेशन का ख्याल रखें। अगर बहुत जरूरी हो तो ही निकलें। सामान लेने के लिए डिजिटल को बढ़ावा दें। इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। अगर बहुत जरूरी नहीं है तो सामान्य ऑपरेशन के लिए भी मरीज परेशान न हों। कुछ ऐसे ऑपरेशन हैं, जिन्हें टाला जा सकता है। उसे अभी कुछ दिनों के लिए और टाल दें।