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गोरखपुर ओवरब्रिज हादसा: फॉर्च्यूनर की टक्कर से डॉक्टर के भाई की भी मौत, मेडिकल छात्र की पहले ही गई थी जान
Fri, 06 Mar 2026 03:08 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Fri, 06 Mar 2026 03:08 PM IST
सार
गोरखपुर के मोहद्दीपुर कौवाबाग ओवरब्रिज पर होली की रात हुए सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या दो हो गई। फॉर्च्यूनर की टक्कर से घायल उमेश शर्मा की एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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बेकाबू फॉर्च्यूनर हादसे में डॉक्टर के भाई की भी मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर जिले के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर होली की रात हुए भीषण सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। बेकाबू फॉर्च्यूनर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल डॉक्टर के भाई उमेश शर्मा (50) की गुरुवार देर रात एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले इसी हादसे में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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जानकारी के मुताबिक गीता वाटिका के पास रहने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार शर्मा के भाई उमेश शर्मा होली के दिन शाहपुर में रहने वाली अपनी बहन के घर गए थे। रात करीब 9:30 बजे वह स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर रांग साइड से तेज रफ्तार में आ रही काली फॉर्च्यूनर ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह उछलकर रेलिंग से टकराकर नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल एम्स में भर्ती कराया गया, जहां वह कोमा में चले गए थे। गुरुवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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इसी हादसे में संतकबीरनगर निवासी 22 वर्षीय आकाश पांडेय, जो बीआरडी मेडिकल कॉलेज में MBBS थर्ड ईयर के छात्र थे, की मौके पर ही मौत हो गई थी। वह होली मनाने के बाद दोस्त के घर से खाना खाकर हॉस्टल लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फॉर्च्यूनर की टक्कर इतनी भीषण थी कि आकाश करीब 15 मीटर दूर ओवरब्रिज की रेलिंग से टकराकर उल्टा लटक गए। करीब 30 मिनट तक उनका शव रेलिंग से लटका रहा, बाद में पुलिस ने पहुंचकर नीचे उतारा।
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हादसे के बाद आरोपी प्रॉपर्टी डीलर गोल्डेन साहनी फॉर्च्यूनर लेकर फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने करीब एक घंटे बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में शाहपुर थाने में तहरीर दी गई है। आकाश पांडेय अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज में साथी छात्रों और इंटर्न डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।