फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Do not take antibiotics without doctor's advice, problems may increase

Gorakhpur News: बिना डॉक्टर की सलाह न लें एंटीबायोटिक दवा, बढ़ सकती है परेशानी

Fri, 12 Sep 2025 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Fri, 12 Sep 2025 11:17 PM IST
विज्ञापन
Do not take antibiotics without doctor's advice, problems may increase
जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक
संतकबीरनगर। बदले मौसम से वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसमें खुद की डॉक्टरी भारी पड़ रही है। एंटीबायोटिक दवाएं लेने और अधूरे इलाज से बुखार-खांसी को ठीक होने में दोगुना समय लग रहा है। जिला अस्पताल में दो सप्ताह में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में वैसे तो प्रतिदिन 1300 से 1400 मरीज इलाज के लिए ओपीडी में आते है।इसमे से 300 से अधिक वायरल बुखार के मरीज रहते है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि ओपीडी में रोजाना औसतन बुखार के 300 के करीब मरीज आ रहे हैं। मरीजों को मांसपेशियों पैरों और सिर में दर्द हो रहा है। जल्दी थकान हो रही है।
विज्ञापन

जुकाम खांसी भी है। इसके लक्षण प्रतीत होने पर विशेषज्ञ से दवा लेने पर तीन से पांच दिन में ये ठीक हो रहा है। खुद से एंटीबायोटिक या झोलाछाप के इलाज से स्थिति बिगड़ रही है। कई बार झोलाछाप एस्टोरॉयड देते हैं, जिससे कुछ घंटों में ही आराम मिलने लगता है। मर्ज पूरी तरह से ठीक नहीं होता। खांसी को तो ठीक होने में 13 से 14 दिन लग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
वायरल की चपेट में बच्चे ज्यादा
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 50 फीसदी बच्चों में वायरल बुखार देखा जा रहा है और पीलिया मिल रहा है। बच्चों में ठंड के साथ तेज बुखार, जुकाम-खांसी, पेट में दर्द, उल्टियों की शिकायत मिल रही है। हाथ-पैर, गले में दर्द की भी समस्या है। इससे नींद प्रभावित होने से भी चिड़चिड़ापन भी है। पांच से आठ साल के बच्चों को भर्ती भी करना पड़ रहा है।
-------------
बचाव के उपाय
- पानी को उबालकर पीएं, खांसी-जुकाम होने पर मास्क लगाएं।
- बच्चों को पानी की बड़ी बोतल भरकर दें, स्कूल की टंकी के पानी से बचाएं।
- गले-कटे हुए फल और बासी भोजन न खाएं। ठंडी सामग्री से बचे।
- रात काे एसी का तापमान बढ़ा लें, बुखार आने पर पैरासिटामोल लें।
- खांसी-खरास में गुनगुने पानी में सेंधा नमक डाल गरारे करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed