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गोरखपुर: जिला अस्पताल में गड़बड़ी पर भड़के डीएम, कार्रवाई की दी चेतावनी
Thu, 09 Sep 2021 02:36 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 09 Sep 2021 02:36 PM IST
सार
डीएम विजय किरण आनंद ने जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वह कभी भी फिर निरीक्षण कर सकते हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी का निरीक्षण करते डीएम विजय किरन आनंद।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर के डीएम विजय किरण आनंद ने बुधवार को जिला और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। दोनों अस्पतालों की गहनता से जांच के बाद गड़बड़ी मिलने पर डीएम ने जिम्मेदारों को फटकारा और सबकी जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह कभी भी फिर निरीक्षण कर सकते हैं। कार्यों में लापरवाही मिली तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
डीएम विजय किरण आनंद बुधवार को सुबह 10:25 बजे जिला अस्पताल पहुंच गए। एसआईसी कक्ष में उन्होंने मातहतों संग बैठक की और पत्रावलियों की गहनता से जांच करने के बाद समस्याएं सुनीं। एसआईसी अभय चंद श्रीवास्तव ने ओपीडी में डॉक्टरों के लिए एसी लगवाने, मरीजों व उनके तीमारदारों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था, हर्बल गार्डेन में जलभराव आदि जैसी जो भी समस्याएं रखीं, डीएम ने उसे दूर कराने का भरोसा दिया। इसके बाद वह ड्रग स्टोर पहुंचे और उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी ली। यहां से दवा वितरण काउंटर पर पहुंचे और लाइन में खड़े लोगों से जानकारी ली।
यहां से मेडिसिन ओपीडी में गए और निकलते समय एक महिला मरीज से सुविधाओं के बारे में पूछा। फिर हर्बल गार्डेन, पुराना आवासीय कॉम्प्लेक्स, न्यू बिल्डिंग स्थित बाल विभाग ओपीडी, इमरजेंसी, इमरजेंसी वार्ड, महिला व मेल आर्थो वार्ड, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे और इंसेफेलाइटिस वार्ड का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। यहां करीब तीन घंटे तक रहने के बाद वह महिला अस्पताल गए। डीएम ने यहां भी बैठक करने के बाद ड्रग स्टोर, लेबररूम और हेल्पडेस्क का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इस दौरान सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, क्वालिटी मैनेजर डॉ. कमलेश व अमरनाथ जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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महिला अस्पताल में एसआईसी पर नाराजगी जताई
डीएम विजय किरण आनंद दोपहर करीब डेढ़ बजे महिला अस्पताल पहुंचे। उसी समय एक प्रसूता उन्हें परेशान हाल में नजर आई। डीएम ने तत्काल महिला से समस्या जानने की कोशिश की। प्रसूता ने बताया कि वह अपने नवजात व पति के साथ घर जाने के लिए सरकारी सुविधा नहीं मिलने पर प्राइवेट वाहन तलाश रही है। जिस पर डीएम बिफर पड़े और कार्यवाहक एसआईसी डॉ. नीना त्रिपाठी को फटकार लगाते हुए, तत्काल एम्बुलेंस मुहैया कराने का निर्देश दिया।
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डीएम विजय किरण आनंद बुधवार को सुबह 10:25 बजे जिला अस्पताल पहुंच गए। एसआईसी कक्ष में उन्होंने मातहतों संग बैठक की और पत्रावलियों की गहनता से जांच करने के बाद समस्याएं सुनीं। एसआईसी अभय चंद श्रीवास्तव ने ओपीडी में डॉक्टरों के लिए एसी लगवाने, मरीजों व उनके तीमारदारों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था, हर्बल गार्डेन में जलभराव आदि जैसी जो भी समस्याएं रखीं, डीएम ने उसे दूर कराने का भरोसा दिया। इसके बाद वह ड्रग स्टोर पहुंचे और उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी ली। यहां से दवा वितरण काउंटर पर पहुंचे और लाइन में खड़े लोगों से जानकारी ली।
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यहां से मेडिसिन ओपीडी में गए और निकलते समय एक महिला मरीज से सुविधाओं के बारे में पूछा। फिर हर्बल गार्डेन, पुराना आवासीय कॉम्प्लेक्स, न्यू बिल्डिंग स्थित बाल विभाग ओपीडी, इमरजेंसी, इमरजेंसी वार्ड, महिला व मेल आर्थो वार्ड, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे और इंसेफेलाइटिस वार्ड का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। यहां करीब तीन घंटे तक रहने के बाद वह महिला अस्पताल गए। डीएम ने यहां भी बैठक करने के बाद ड्रग स्टोर, लेबररूम और हेल्पडेस्क का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इस दौरान सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, क्वालिटी मैनेजर डॉ. कमलेश व अमरनाथ जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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महिला अस्पताल में एसआईसी पर नाराजगी जताई
डीएम विजय किरण आनंद दोपहर करीब डेढ़ बजे महिला अस्पताल पहुंचे। उसी समय एक प्रसूता उन्हें परेशान हाल में नजर आई। डीएम ने तत्काल महिला से समस्या जानने की कोशिश की। प्रसूता ने बताया कि वह अपने नवजात व पति के साथ घर जाने के लिए सरकारी सुविधा नहीं मिलने पर प्राइवेट वाहन तलाश रही है। जिस पर डीएम बिफर पड़े और कार्यवाहक एसआईसी डॉ. नीना त्रिपाठी को फटकार लगाते हुए, तत्काल एम्बुलेंस मुहैया कराने का निर्देश दिया।