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गोरखपुर में डीएम ने दिया निर्देश, बोले- पेड़ काटने वालों पर करो कार्रवाई
Sun, 16 Feb 2020 02:06 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 16 Feb 2020 02:06 PM IST
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन। (File)
- फोटो : अमर उजाला
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लोक निर्माण और वन विभाग का विवाद दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के मौका मुआयना के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई कि पेड़ काटने में उनके विभाग की कोई संलिप्तता नही है तो मेठ ने वन विभाग के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी। उधर जिलाधिकारी ने उरूवा थानाध्यक्ष को बुलाकर निर्देश दिया कि पेड़ काटने वालों को गिरफ्तार करो। यह ध्यान देना कि कोई निर्दोष न फंसने पाए।
बता दें कि माल्हनपार- दशवतपुर- उरूवा मार्ग का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करा रहा है। दोनों तरफ से सड़क दो-दो मीटर चौड़ी हो रही है। सड़क के किनारे के पेड़ों को काट लिया गया। वन विभाग ने इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता और मेठ को जिम्मेदार मानते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
इसकी जानकारी जब पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को हुई तो उन्होंने तथ्यों की जानकारी के लिए मौका मुआयना किया। मौके पर पाया कि पेड़ से पीडब्ल्यूडी का कोई लेना देना नहीं है। जहां सड़क का चौड़ीकरण हो रहा उससे 3.50 मीटर से लेकर 6.30 मीटर दूर पेड़ थे। इसकी जानकारी कमिश्नर को दी तथा उनसे कहा कि उनके मेठ को टार्चर करके जबरियां कागज पर लिखवाया कि वह जिम्मेदार है।
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बता दें कि माल्हनपार- दशवतपुर- उरूवा मार्ग का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करा रहा है। दोनों तरफ से सड़क दो-दो मीटर चौड़ी हो रही है। सड़क के किनारे के पेड़ों को काट लिया गया। वन विभाग ने इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता और मेठ को जिम्मेदार मानते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
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इसकी जानकारी जब पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को हुई तो उन्होंने तथ्यों की जानकारी के लिए मौका मुआयना किया। मौके पर पाया कि पेड़ से पीडब्ल्यूडी का कोई लेना देना नहीं है। जहां सड़क का चौड़ीकरण हो रहा उससे 3.50 मीटर से लेकर 6.30 मीटर दूर पेड़ थे। इसकी जानकारी कमिश्नर को दी तथा उनसे कहा कि उनके मेठ को टार्चर करके जबरियां कागज पर लिखवाया कि वह जिम्मेदार है।
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सूचना देने की जगह फोटो खींचते रहे : रेंजर
मुख्य अभियंता ने बताया कि मेठ दरबारी को वन विभाग के लोग जबरदस्ती पकड़ कर थाने ले गए। उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने को कहा, पर थानेदार यह कह कर मुकदमा नहीं दर्ज कर रहा था कि सरकारी कर्मचारी है। उसके बाद वन विभाग के लोगों ने टार्चर कर लिखवाया कि पेड़ों की कटान में उसकी संलिप्तता थी। अब मेठ ने वन विभाग के लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
मेठ ने वन विभाग के लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। पीडब्ल्यूडी के मेठ को बहुत टार्चर किया गया था। इससे लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारियों में गुस्सा है।
एसपी सिंह मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी
वन विभाग भी पेड़ों की कटाई के मामले को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों, ठेकेदारों को दोषी मानता है। शनिवार को रेंजर खजनी देवेंद्र कुमार ने बताया कि पीडब्लूडी के ठेकेदार ने मामले के सामने आने पर अपना पक्ष रखा था। बताया कि उन्हें पेड़ों की कटाई की जानकारी थी। इस संबंध में कुछ कटाई के दौरान की फोटो भी रेजर के फोन पर भेजी गई थी। रेंजर ने बताया कि अगर कटाई हो रही थी तो इसकी सूचना विभाग को देनी चाहिए थी। सूचना देने की जगह ठेकेदार फोन से फोटो और वीडियो लेना शुरू कर दिए। मामला प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंच गया है। पूरे मामले का निस्तारण वहीं से किया जाएगा।
एसडीएम ने किया निरीक्षण
मामले की जांच प्रशासनिक स्तर से भी की जा रही है। एसडीएम गोला राजेंद्र बहादुर ने दूसरे दिन भी मौके का मुआयना किया। इस दौरान एक आरा मशीन केंद्र पर पहुंचे। वहां हरे जामुन के पेड़ का कटा हुआ हिस्सा पाया गया। उन्होंने इसकी सूचना रेंजर खजनी को दी। रेंजर ने बताया कि पेड़ की कटाई की जानकारी उन्हें है। इसके पहले भी शुक्रवार को एसडीएम ने मौके का निरीक्षण किया था।
मेठ ने वन विभाग के लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। पीडब्ल्यूडी के मेठ को बहुत टार्चर किया गया था। इससे लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारियों में गुस्सा है।
एसपी सिंह मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी
वन विभाग भी पेड़ों की कटाई के मामले को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों, ठेकेदारों को दोषी मानता है। शनिवार को रेंजर खजनी देवेंद्र कुमार ने बताया कि पीडब्लूडी के ठेकेदार ने मामले के सामने आने पर अपना पक्ष रखा था। बताया कि उन्हें पेड़ों की कटाई की जानकारी थी। इस संबंध में कुछ कटाई के दौरान की फोटो भी रेजर के फोन पर भेजी गई थी। रेंजर ने बताया कि अगर कटाई हो रही थी तो इसकी सूचना विभाग को देनी चाहिए थी। सूचना देने की जगह ठेकेदार फोन से फोटो और वीडियो लेना शुरू कर दिए। मामला प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंच गया है। पूरे मामले का निस्तारण वहीं से किया जाएगा।
एसडीएम ने किया निरीक्षण
मामले की जांच प्रशासनिक स्तर से भी की जा रही है। एसडीएम गोला राजेंद्र बहादुर ने दूसरे दिन भी मौके का मुआयना किया। इस दौरान एक आरा मशीन केंद्र पर पहुंचे। वहां हरे जामुन के पेड़ का कटा हुआ हिस्सा पाया गया। उन्होंने इसकी सूचना रेंजर खजनी को दी। रेंजर ने बताया कि पेड़ की कटाई की जानकारी उन्हें है। इसके पहले भी शुक्रवार को एसडीएम ने मौके का निरीक्षण किया था।