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Diwali 2021: दिवाली आज, बन रहे ग्रह व नक्षत्रों के शुभ संयोग

Thu, 04 Nov 2021 10:01 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 04 Nov 2021 10:01 AM IST
सार

विधि-विधान से होगी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना, जलेंगे दीप, स्वाती नक्षत्र, प्रीति और आयुष्मान योग के साथ बृहस्पतिवार का संयोग फलदायी।

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Diwali today auspicious combinations of planets and constellations being formed
दिवाली के पटाखे - फोटो : Pixabay

विस्तार

रोशनी का महापर्व दिवाली बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। श्रद्धालु दीप जलाकर विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करेंगे।

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वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार, दिवाली के दिन सूर्योदय 6:30 बजे और अमावस्या तिथि का मान पूरे दिन व रात 3:32 बजे तक है। चित्रा नक्षत्र सुबह 8:12 बजे तक है। इसके बाद स्वाती नक्षत्र लग जाएगा। प्रीति योग दिन में 12:40 बजे तक है। इसके बाद आयुष्मान योग है।
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ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि प्रीति योग से समाज में आपसी सौहार्द बढ़ेगा। जबकि आयुष्मान योग रोगों से छुटकारा दिलाकर दीर्घायु प्रदान करेगा। इसके साथ ही बृहस्पतिवार को होने के कारण यह दिवाली बौद्धिक कार्य करने वाले लोगों के लिए विशेष लाभकारी होगा।
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ऐसे करें पूजन-अर्चन

ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, दिवाली के दिन ब्रह्ममुहूर्त में पितृगण एवं देवताओं का पूजन करें। संभव हो तो उपवास या फलाहार करके गोधूलि बेला में या वृष, सिंह, वृश्चिक आदि स्थिर लग्न में श्री गणेश कलश षोडश मातृका एवं महालक्ष्मी का षोडषोपचार पूजन करें। पूजन थाली में 26 दीये और एक अतिरिक्त चौमुखा दीप प्रज्ज्वलित कर दीपमालिका का पूजन करें।

गणेश और लक्ष्मी की मूर्ति की चांदी आदि के सिक्के से पूजन करें। चौमुखा दीपक की रात भर जलने जलाने की व्यवस्था करें। अंत में दवात के रूप में माता काली, कलम बही के रूप में मां लक्ष्मी और सरस्वती तथा कुबेर की तुला रूप में पूजन करना फलदायी होगा।

पूजन मुहूर्त
  • लक्ष्मी पूजन मुहूर्त- शाम 06:10 से 08:04 तक
  • प्रदोष काल- 05:30 से 08:04
  • मेष काल- 06:12 से 06:13
  • वृषभ काल-06:13 से 08:08

 
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