गोरखपुर: बुढ़िया माई मंदिर में पूजा चढ़ाने पर दो पुजारी में विवाद, घंटों लाइन में खड़े रहे श्रद्धालु
ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि रणविजय सिंह उर्फ मुन्ना ने बताया कि यह विवाद मंदिर पर चढ़ावे को लेकर हो रहा है। राजेंद्र के मौत बाद रामानंद ही पुजारी है। अगर विवाद बढ़ा तो कमेटी बनाकर शासन को भेजकर मंदिर को ट्रस्ट कराने की कोशिश की जाएगी।
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गोरखपुर में खोराबार इलाके के कुसम्ही जंगल में स्थित बुढ़िया माई मंदिर पर नवमी के दिन पूजा चढ़ाने को लेकर तनातनी हो गई। दो पुजारी आमने सामने हो गए और घंटों श्रद्धालु लाइन में खड़े रहे। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद एक पुजारी ने पूजा चढ़ाया जिसके बाद श्रद्धालु दर्शन कर सके।
जानकारी के मुताबिक, कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में तीन सगे भाई है जो पूजापाठ किया करते है। कुछ दिन पहले एक पुजारी राजेंद्र का निधन हो गया जिसके बाद मंदिर में पूजा उनके भाई रामानंद करते थे। नवमी के लिए विशेष पूजा चढ़ाया है इसके लिए सुबह ही रमानंद पहुंच गए थे और पूजा चढ़ाने लगे।
इसकी जानकारी होने पर राजेंद्र के पुत्र कृष्णा पहुंच गए और खुद को पुजारी बताकर अड़ गए। पूजा चढ़ाने को लेकर विवाद की स्थित हो गई। इसकी जानकारी होने पर ब्लाक प्रमुख प्रतितिनधि व पूर्व प्रधान रणविजय सिंह उर्फ मुन्ना और पुलिस वाले पहुंच गए। मंदिर से जुड़े लोगों के बीच यह तय हुआ कि पूजा राजेंद्र के भाई रामानंद ही चढ़ाएंगे जिसके बाद कृष्णा लौट गए लेकिन फिर रामानंद के बाहर आने के बाद कृष्णा दोबारा मंदिर में दाखिल हो गया और फिर पूजा चढ़ाने लगा। इसके बाद लाइन में लगे श्रद्धालु भड़क गए तो पुलिस वालों ने किसी मामले को शांत कराया।
ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि रणविजय सिंह उर्फ मुन्ना ने बताया कि यह विवाद मंदिर पर चढ़ावे को लेकर हो रहा है। राजेंद्र के मौत बाद रामानंद ही पुजारी है। अगर विवाद बढ़ा तो कमेटी बनाकर शासन को भेजकर मंदिर को ट्रस्ट कराने की कोशिश की जाएगी।
पुजारी रमानंद ने कहा कि हम तीन भाई थे, एक की मौत हो गई। मौत के बाद से ही पूजा कर रहे है। नवमी की पूजा को लेकर भाई का लड़का कृष्णा विवाद करने लगा था।
मृतक पुजारी का लड़का कृष्णा ने कहा कि पिता पहले नवमी की पूजा करते थे। अब मेरा हक है। मेरे चाचा गलत तरीके से पूजा चढ़ा रहे है, उनका कोई अधिकार नहीं है।