{"_id":"6197324ab5a4994a4c5b9a2f","slug":"dialysis-done-with-expired-dialyzer-by-keeping-good-quality-dialyzer-in-brd-medical-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरडी: अच्छी गुणवत्ता के डायलेजर को रखकर एक्सपायर डायलेजर से हो रही डायलिसिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीआरडी: अच्छी गुणवत्ता के डायलेजर को रखकर एक्सपायर डायलेजर से हो रही डायलिसिस
Fri, 19 Nov 2021 10:42 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 19 Nov 2021 10:42 AM IST
सार
बताया जा रहा है कि सितंबर से अब तक करीब 500 के आसपास मरीजों की डायलिसिस हो चुकी है। इनमें अधिकांश को एक्सपायर डायलेजर लगाने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
सितंबर में ही एक्सपायर हो गया था डायलेजर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्टोर में अच्छी गुणवत्ता के डायलेजर रखे होने के बावजूद मरीजों की डायलिसिस एक्सपायर डायलेजर से की जा रही थी। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी विभागीय डॉक्टरों को भी थी, लेकिन पुराने डायलेजर को खपाने के चक्कर में इससे मरीज की जान जाने तक के खतरे को नजरअंदाज कर दिया गया। मीडिया में मामला आने के बाद गुरुवार को स्टोर से नए डायलेजर मंगाकर मरीजों की डायलिसिस की गई।
जानकारी के मुताबिक सितंबर 2020 में 500 बेड वाले कोविड अस्पताल में डायलिसिस की 20 नई मशीनें मंगाई गईं थीं। मशीनों के साथ कंपनी ने डायलेजर की आपूर्ति भी की थी। बताया जाता है कि इसकी एक्सपायरी सितंबर 2021 में थी। कोविड महामारी के बीच अधिकांश मरीजों की डायलिसिस नहीं हुई। इसकी वजह से बड़ी मात्रा में डायलेजर बच गए।
मेडिकल कॉलेज में जब कोविड के मरीज भर्ती होने बंद हुए तो विभाग के डॉक्टरों को डायलेजर खपाने की याद आई। इसके बाद सितंबर से ही मरीजों को एक्सपायर डायलेजर लगाए जाने लगे। बताया जा रहा है कि सितंबर से अब तक करीब 500 के आसपास मरीजों की डायलिसिस हो चुकी है। इनमें अधिकांश को एक्सपायर डायलेजर लगाने की बात कही जा रही है। इस मामले में पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार को पत्र भेजकर शिकायत की है।
विज्ञापन
288 डायलेजर स्टोर में रखे गए हैं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध नेहरू चिकित्सालय में अच्छे डायलेजर उपलब्ध हैं। चिकित्सालय के सेंट्रल ड्रग स्टोर में सितंबर 2022 तक सुरक्षित डेट के 168 व अप्रैल 2022 तक सुरक्षित रहने वाले 120 डायलेजर बचे हुए हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच कराई गई है। डायलेजर की पैकिंग अच्छी मिली है। यह अभी फटी नहीं है। ऐसी स्थिति में एक बार एक्सपायर डायलेजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मरीजों को कोई नुकसान नहीं होता है। अगर डायलेजर का पैकेट फटा हो तो इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक सितंबर 2020 में 500 बेड वाले कोविड अस्पताल में डायलिसिस की 20 नई मशीनें मंगाई गईं थीं। मशीनों के साथ कंपनी ने डायलेजर की आपूर्ति भी की थी। बताया जाता है कि इसकी एक्सपायरी सितंबर 2021 में थी। कोविड महामारी के बीच अधिकांश मरीजों की डायलिसिस नहीं हुई। इसकी वजह से बड़ी मात्रा में डायलेजर बच गए।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में जब कोविड के मरीज भर्ती होने बंद हुए तो विभाग के डॉक्टरों को डायलेजर खपाने की याद आई। इसके बाद सितंबर से ही मरीजों को एक्सपायर डायलेजर लगाए जाने लगे। बताया जा रहा है कि सितंबर से अब तक करीब 500 के आसपास मरीजों की डायलिसिस हो चुकी है। इनमें अधिकांश को एक्सपायर डायलेजर लगाने की बात कही जा रही है। इस मामले में पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार को पत्र भेजकर शिकायत की है।
विज्ञापन
288 डायलेजर स्टोर में रखे गए हैं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध नेहरू चिकित्सालय में अच्छे डायलेजर उपलब्ध हैं। चिकित्सालय के सेंट्रल ड्रग स्टोर में सितंबर 2022 तक सुरक्षित डेट के 168 व अप्रैल 2022 तक सुरक्षित रहने वाले 120 डायलेजर बचे हुए हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच कराई गई है। डायलेजर की पैकिंग अच्छी मिली है। यह अभी फटी नहीं है। ऐसी स्थिति में एक बार एक्सपायर डायलेजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मरीजों को कोई नुकसान नहीं होता है। अगर डायलेजर का पैकेट फटा हो तो इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।