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Gorakhpur News: प्रतिबंध के बावजूद शहर में खुलीं मांस-मछली की दुकानें
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- भगवान पार्श्वनाथ के जन्मोत्सव के अवसर पर नगर निगग ने लगाया था प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जैन श्वेतांबर समाज के आराध्य भगवान पार्श्वनाथ के जन्मोत्सव के अवसर पर नगर निगम क्षेत्र में 14 दिसंबर को मांस, मछली और मुर्गा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। इस पावन अवसर पर शुद्धता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने सख्त आदेश जारी किए थे लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पूरा पालन होता नहीं दिखा।
नगर निगम की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार न केवल मांस, मछली और मुर्गा की दुकानों को बंद रखने का आदेश था बल्कि होटल और रेस्टोरेंट में भी किसी प्रकार का मांसाहारी भोजन परोसने पर रोक लगाई गई थी। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर यह आदेश प्रभावी किया गया था। इसके उलट रुस्तमपुर में मुर्गा की दुकान, फातिमा अस्पताल के सामने मांस की दुकान, खजांची चौराहा पादरी बाजार और मोहरीपुर में मछली की दुकानें खुली पाई गईं। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची लेकिन टीम के पहुंचते ही दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर भाग निकले।
जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी सफाई इंस्पेक्टरों को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान रुस्तमपुर और मोहरीपुर में अवैध रूप से मांसाहारी सामग्री की बिक्री होती मिली। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जैन श्वेतांबर समाज के आराध्य भगवान पार्श्वनाथ के जन्मोत्सव के अवसर पर नगर निगम क्षेत्र में 14 दिसंबर को मांस, मछली और मुर्गा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। इस पावन अवसर पर शुद्धता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने सख्त आदेश जारी किए थे लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पूरा पालन होता नहीं दिखा।
नगर निगम की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार न केवल मांस, मछली और मुर्गा की दुकानों को बंद रखने का आदेश था बल्कि होटल और रेस्टोरेंट में भी किसी प्रकार का मांसाहारी भोजन परोसने पर रोक लगाई गई थी। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर यह आदेश प्रभावी किया गया था। इसके उलट रुस्तमपुर में मुर्गा की दुकान, फातिमा अस्पताल के सामने मांस की दुकान, खजांची चौराहा पादरी बाजार और मोहरीपुर में मछली की दुकानें खुली पाई गईं। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची लेकिन टीम के पहुंचते ही दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर भाग निकले।
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जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी सफाई इंस्पेक्टरों को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान रुस्तमपुर और मोहरीपुर में अवैध रूप से मांसाहारी सामग्री की बिक्री होती मिली। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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