{"_id":"66ce6219fb782d5c220803d4","slug":"decline-in-water-level-of-saryu-and-rapti-troubles-still-not-less-gorakhpur-news-c-7-gkp1046-666943-2024-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सरयू और राप्ती के जलस्तर में गिरावट, दुश्वारियां फिर भी कम नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सरयू और राप्ती के जलस्तर में गिरावट, दुश्वारियां फिर भी कम नहीं
विज्ञापन
24 घंटे स्थिर रहने के बाद सोमवार की शाम सरयू के जलस्तर में आई पांच सेमी की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
चिल्लूपार। सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे स्थिर रहने के बाद अब कम होने लगा है। सोमवार की शाम से मंगलवार तक जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर राप्ती का पानी पिछले चार दिनों से कम हो रहा है। बर्डघाट पर नदी खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
बड़हलगंज ब्लाक क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली दोनों नदियों का पानी घटने लगा है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। बाढ़ का पानी घटने के बाद भी 38 गांव जलमग्न और तीन प्रभावित हैं। तहसील प्रशासन ने दो स्टीमर, पांच बड़ी नाव और 54 मझोली सहित कुल 59 नावें लगाईं हैं। प्रभावित इलाके की सड़कें पानी से भरी हुईं हैं। गांवों में जलभराव के कारण महामारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। इसके लिए उपजिलाधिकारी गोला ने स्वास्थ्य विभाग को सचेत किया है।
मंगलवार की शाम बरहज में सरयू नदी का जलस्तर 67.95 मीटर दर्ज किया गया। जल आयोग के मुताबिक यह 24 घंटे में यह पांच सेमी नीचे पहुंच गई है। इसके बाद भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर 45 सेंटीमीटर ऊपर है। कछार और दियारा क्षेत्र में बहने वाली राप्ती व सरयू नदियों का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन हालात गंभीर हैं। बाढ़ पीड़ित घरों में कैद हैं। गांवों में चारों तरफ पानी है। जलस्तर तेजी से कम हुआ तो दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद हैं। कोईलीखाल, पटना, पौहरिया, लखनौरी, लखनौरा, हिगुंहार, सूबेदारनगर माझा, मच्छरगांवा, खोहियापट्टी, जगदीशपुर, बिहुआ उर्फ अगलगौआ, मैंभरा, तुर्कवलिया, मरकड़ी, नचना टोला, पिड़हनी, नेतवारपट्टी, मुंडेरा बेनी बाबू, बेलवा दाखिली, भटपुरवा, बैरिया खास गांव राप्ती नदी के पानी से घिरे हुए हैं। जैतपुर, गोनघट, गोनहा, कोटियानिरंजन, कोटियादीपशाह, बल्थर, बगहा देवार, मूसाडोही, ज्ञानकोल, कोलखास, बरडीहा, अजयपुरा, गायघाट, भयपुरा, सीधेगौर गांव सरयू नदी के पानी से घिरे हुए हैं।
विज्ञापन
कोट,
सरयू व राप्ती नदी का पानी घटने लगा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। नदियों में आई बाढ़ को देखते हुए टीमें लगातार माॅनीटरिंग कर रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जलस्तर कम होने के बाद गांव में बीमारी फैल सकती है, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सचेत किया गया है।
-राजू कुमार, उप जिलाधिकारी गोला।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
मुख्य अभियंता ने कटान स्थल का किया निरीक्षण
गोला/चिल्लूपार। क्षेत्र के गोला, बड़हलगंज में मंगलवार को मुख्य अभियंता (गंडक) विकास कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता गंडक सिंचाई कार्य मंडल दो जयप्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दो सिंचाई वैभव सिंह ने सरयू तट के शिवाला घाट, नरहरपुर, बुढ़नपुरा में कटान स्थलों का निरीक्षण किया। नदी शिवाला घाट के पास आबादी क्षेत्र में घरों के पास करीब एक महीने से कटान कर थी, कटान से घर बिल्कुल करीब आ गए हैं। उन्होंने जिम्मेदारों को फ्लड फाइटिंग का कार्य कराकर कटान रोकने के निर्देश दिए। कहा कि संबंधित अधिकारी कटान स्थलों की लगातार निगरानी करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इस दौरान सहायक अभियंता नजीमुद्दीन हसन, नीरज कुमार, जेई सुनील कुमार सिंह, अमित वर्मा मौजूद रहे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
सरयू का जलस्तर स्थिर, समस्याएं बरकरार
गोला। क्षेत्र में मंगलवार को शाम तक सरयू नदी का जलस्तर स्थिर रहा, लेकिन गांव अभी भी जलमग्न हैं, जिससे लोगों की समस्याएं भी बरकरार हैं। बिसरा गांव का बढ़ई टोला, मौर्या टोला पूरी तरह से पानी से घिर गए हैं। रास्तों पर पानी चढ़ा हुआ है। फिर भी लोग उसी मार्ग से आवागमन करने को बाध्य हैं। गांव के सोनू शर्मा, रामप्यारे यादव, विद्यासागर, मोहन मौर्या, रामबृक्ष यादव आदि ने बताया कि लगभग एक पखवारे से गांव में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी भारी पड़ रही है। अब तक कोई नेता या जनप्रतिनिधि झांकने भी नहीं आया।
विद्युत उपकेंद्र में घुसा बाढ़ का पानी : सरयू नदी के जलस्तर के डेंजर जोन में पहुंचने के बाद बाढ़ का पानी बिसरा गांव से सटे विद्युत उपकेंद्र में घुस गया। इससे विभाग के कर्मचारी परेशान रहे। वे टुल्लू पंप लगाकर पानी को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कि क्षेत्र में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति जारी रखी जा सके।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चिल्लूपार। सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे स्थिर रहने के बाद अब कम होने लगा है। सोमवार की शाम से मंगलवार तक जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर राप्ती का पानी पिछले चार दिनों से कम हो रहा है। बर्डघाट पर नदी खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
बड़हलगंज ब्लाक क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली दोनों नदियों का पानी घटने लगा है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। बाढ़ का पानी घटने के बाद भी 38 गांव जलमग्न और तीन प्रभावित हैं। तहसील प्रशासन ने दो स्टीमर, पांच बड़ी नाव और 54 मझोली सहित कुल 59 नावें लगाईं हैं। प्रभावित इलाके की सड़कें पानी से भरी हुईं हैं। गांवों में जलभराव के कारण महामारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। इसके लिए उपजिलाधिकारी गोला ने स्वास्थ्य विभाग को सचेत किया है।
विज्ञापन
मंगलवार की शाम बरहज में सरयू नदी का जलस्तर 67.95 मीटर दर्ज किया गया। जल आयोग के मुताबिक यह 24 घंटे में यह पांच सेमी नीचे पहुंच गई है। इसके बाद भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर 45 सेंटीमीटर ऊपर है। कछार और दियारा क्षेत्र में बहने वाली राप्ती व सरयू नदियों का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन हालात गंभीर हैं। बाढ़ पीड़ित घरों में कैद हैं। गांवों में चारों तरफ पानी है। जलस्तर तेजी से कम हुआ तो दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद हैं। कोईलीखाल, पटना, पौहरिया, लखनौरी, लखनौरा, हिगुंहार, सूबेदारनगर माझा, मच्छरगांवा, खोहियापट्टी, जगदीशपुर, बिहुआ उर्फ अगलगौआ, मैंभरा, तुर्कवलिया, मरकड़ी, नचना टोला, पिड़हनी, नेतवारपट्टी, मुंडेरा बेनी बाबू, बेलवा दाखिली, भटपुरवा, बैरिया खास गांव राप्ती नदी के पानी से घिरे हुए हैं। जैतपुर, गोनघट, गोनहा, कोटियानिरंजन, कोटियादीपशाह, बल्थर, बगहा देवार, मूसाडोही, ज्ञानकोल, कोलखास, बरडीहा, अजयपुरा, गायघाट, भयपुरा, सीधेगौर गांव सरयू नदी के पानी से घिरे हुए हैं।
विज्ञापन
कोट,
सरयू व राप्ती नदी का पानी घटने लगा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। नदियों में आई बाढ़ को देखते हुए टीमें लगातार माॅनीटरिंग कर रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जलस्तर कम होने के बाद गांव में बीमारी फैल सकती है, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सचेत किया गया है।
-राजू कुमार, उप जिलाधिकारी गोला।
मुख्य अभियंता ने कटान स्थल का किया निरीक्षण
गोला/चिल्लूपार। क्षेत्र के गोला, बड़हलगंज में मंगलवार को मुख्य अभियंता (गंडक) विकास कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता गंडक सिंचाई कार्य मंडल दो जयप्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दो सिंचाई वैभव सिंह ने सरयू तट के शिवाला घाट, नरहरपुर, बुढ़नपुरा में कटान स्थलों का निरीक्षण किया। नदी शिवाला घाट के पास आबादी क्षेत्र में घरों के पास करीब एक महीने से कटान कर थी, कटान से घर बिल्कुल करीब आ गए हैं। उन्होंने जिम्मेदारों को फ्लड फाइटिंग का कार्य कराकर कटान रोकने के निर्देश दिए। कहा कि संबंधित अधिकारी कटान स्थलों की लगातार निगरानी करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इस दौरान सहायक अभियंता नजीमुद्दीन हसन, नीरज कुमार, जेई सुनील कुमार सिंह, अमित वर्मा मौजूद रहे।
सरयू का जलस्तर स्थिर, समस्याएं बरकरार
गोला। क्षेत्र में मंगलवार को शाम तक सरयू नदी का जलस्तर स्थिर रहा, लेकिन गांव अभी भी जलमग्न हैं, जिससे लोगों की समस्याएं भी बरकरार हैं। बिसरा गांव का बढ़ई टोला, मौर्या टोला पूरी तरह से पानी से घिर गए हैं। रास्तों पर पानी चढ़ा हुआ है। फिर भी लोग उसी मार्ग से आवागमन करने को बाध्य हैं। गांव के सोनू शर्मा, रामप्यारे यादव, विद्यासागर, मोहन मौर्या, रामबृक्ष यादव आदि ने बताया कि लगभग एक पखवारे से गांव में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी भारी पड़ रही है। अब तक कोई नेता या जनप्रतिनिधि झांकने भी नहीं आया।
विद्युत उपकेंद्र में घुसा बाढ़ का पानी : सरयू नदी के जलस्तर के डेंजर जोन में पहुंचने के बाद बाढ़ का पानी बिसरा गांव से सटे विद्युत उपकेंद्र में घुस गया। इससे विभाग के कर्मचारी परेशान रहे। वे टुल्लू पंप लगाकर पानी को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कि क्षेत्र में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति जारी रखी जा सके।