गोविवि का राष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन: न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी बोले, मातृ संस्था में आकर मिल रहा मां की गोद जैसा सुकून
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी ने किया उद्घाटन, पुराने संस्मरण को साझा कर माहौल को बनाया खुशनुमा।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के पहले राष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन का उद्घाटन शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी ने प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हाल में किया। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने उन्हें डिस्टिंगविश एल्युमिनाई अवार्ड से सम्मानित किया।
न्यायाधीश ने कहा कि विश्वविद्यालय में 62 वर्षों के बाद पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन बड़े पैमाने पर हो रहा है। यहां आकर वैसी ही अनुभूति हो रही जैसे घर लौटने पर होती है। जिस प्रकार एक बच्चे को मां की गोद में सुकून का एहसास होता है। कुछ ऐसा ही सुकून मुझे अपनी मातृ संस्था में आकर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि मेरे पिता इसी विश्वविद्यालय में शिक्षक थे। मेरे जन्म से लेकर वर्ष 1987 तक की शिक्षा-दीक्षा जिले में हुई है। यहां के साथियों के साथ बचपन गुजरा है। विश्वविद्यालय में बीते उन सुनहरे दिनों की तस्वीर किसी फिल्म की तरह आंखों के सामने चल रही है।
इससे पूर्व कुलपति ने अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कहा कि पुरातन छात्र सम्मेलन के आयोजन की योजना पिछले साल एक मई को थी। मगर, कोरोना महामारी की वजह से इसे टालना पड़ा। हालात सामान्य होने पर दोबारा पुरातन छात्रों से संपर्क किया गया। अब तक 20 हजार विद्यार्थियों का डाटा बेस तैयार किया गया है। दो हजार पुरातन छात्रों ने पंजीकरण कराया है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में करीब 1,500 पुरातन छात्र ऑफलाइन मोड में शामिल होंगे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला जज तेज प्रताप तिवारी, राममनोहर लोहिया के पूर्व कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल मौजूद रहे। संचालन प्रो. अजय सिंह और स्वागत भाषण पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष प्रो एस के सिंह ने दिया। इस मौके पर संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
सम्मेलन में ऑनलाइन शामिल होंगे रक्षा मंत्री और मुख्य न्यायाधीश
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पुरातन छात्र सम्मेलन का उद्घाटन रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्य न्यायाधीश ऑनलाइन करेंगे।
पुरातन छात्र होते हैं संस्था की रीढ़ : कुलपति
गोरखपुर विश्वविद्यालय के पहले राष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन के अंतर्गत शनिवार को एजुकेशन इंडस्ट्री इंटरफेस विषयक कार्यशाला का आयोजन प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हाल में किया गया। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि पुरातन छात्र अपनी संस्थाओं के लिए रीढ़ होते हैं। दुनिया भर के ख्यातिलब्ध संस्थानों के संचालन में पुरातन छात्रों की महती भूमिका है। विशिष्ट अतिथि ऐश्प्रा समूह के अतुल सर्राफ ने विश्वविद्यालय प्रशासन के पहल का तारीफ की। कहा कि शिक्षा को तकनीक के साथ जोड़ना, समाज को लाभान्वित करेगा। मुख्य अतिथि प्रो. सुनील शुक्ला थे। संचालन प्रो. संजय बैजल ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रो. आरपी सिंह ने प्रस्तुत की।
‘सही जीवन जीने का आधार प्रदान करता है शिक्षक’
गोरखपुर। पुरातन छात्र सम्मेलन के अंतर्गत शिक्षाशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ डीएस तिवारी रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिष्य को सही जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। कार्यक्रम में डॉ. राज शरण शाही, डॉ. विभ्राटचन्द्र कौशिक, डॉ. ओपीएम त्रिपाठी, प्रो. शैलजा सिंह, प्रो. नरेश प्रसाद भोक्ता, प्रो. राजेश कुमार सिंह, सरिता पांडे, प्रो. सुनीता दुबे, प्रो. सुषमा पांडेय, प्रो. विजय चहल, प्रो. उदय सिंह, डॉ. एके जायसवाल डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. अनुपम सिंह आदि मौजूद रहे।